{"_id":"6709c3e06ec1a955f6056a54","slug":"world-arthritis-day-nutritious-diet-and-exercise-necessary-for-arthritis-patients-sonipat-news-c-197-1-snp1003-125947-2024-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व गठिया दिवस : गठिया मरीजों को पौष्टिक आहार और व्यायाम जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व गठिया दिवस : गठिया मरीजों को पौष्टिक आहार और व्यायाम जरूरी
Sat, 12 Oct 2024 06:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 12 Oct 2024 06:03 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। जीवन शैली में बदलाव आने की वजह से लोग कई बीमारियों की चपेट आ रहे हैं। इसमें गठिया रोग भी शामिल है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यादा गठिया रोगी पहुंच रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ मरीजों को गठिया रोग से बचाव के लिए पौष्टिक आहार व कैल्शियम लेने की सलाह दे रहे हैं।
लोगों को गठिया रोग के प्रति जागरूक करने के लिए 12 अक्तूबर को गठिया दिवस (वर्ल्ड आर्थराइटिस डे) बनाया जाता है। चिकित्सक बताते हैं कि गठिया रोग तीन तरह का होता है। इनमें आस्टियो आर्थराइटिस, रुमेटाइड आर्थराइटिस और गाउट शामिल है। पहले यह बीमारी बुजुर्गों में होती थी, लेकिन अब तो 30 साल के युवाओं में भी गठिया रोग मिलने लगा है। आजकल कम ही युवाओं का वजन उनकी लंबाई के अनुसार है। ऐसे में शरीर का ज्यादा वजन उनके घुटनों और शरीर के प्रत्येक जोड़ पर पड़ रहा है। इसके चलते युवा गठिया रोग का शिकार हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे गठिया के मरीजों को खानपान में बदलाव और व्यायाम की सीख दी जा रही है। गठिया अनुवांशिक और जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। शुरुआत में इलाज नहीं मिला तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण गठिया की समस्या होती है।
गठिया को पहले बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब युवा और बच्चे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। गठिया राेग होने पर विशेषज्ञ से इलाज करवाया जा सकता है। यह डायबिटीज, थाइरॉयड, हाइपरटेंशन की तरह ही होता है। इस बीमारी को दवाई से कंट्रोल किया जा सकता है और इसका उपचार भी संभव है। गठिया होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाई लेनी चाहिए। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए कम से कम आधा घंटा व्यायाम भी बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
गठिया रोग के लक्षण
घुटने, कंधे, कूल्हे और हाथ-पैर में दर्द, जोड़ों में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी, दर्द के बाद जोड़ों में सूजन, खून की कमी होना।
इनका सेवन फायदेमंद
मौसमी, संतरा, अनानास, कीवी, नींबू, सेब जैसे विटामिन युक्त फलों का सेवन करें। वहीं, लहसुन, अदरक, हल्दी, जामुन, पालक, टमाटर, कद्दू आदि खाएं।
क्या नहीं खाएं
ज्यादा ठंडे पदार्थ खाने से परहेज करें। मैदा युक्त पदार्थों से दूर रहें। घी या तेल से बने पदार्थ न खाएं, ज्यादा नमक और शक्कर खाने से बचें।
अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यादा से गठिया रोगी पहुंच रहे हैं। मरीजों को कैल्शियम युक्त व पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जा रही है। साथ ही मरीजों को व्यायाम करने के लिए कहा जा रहा है।
- डॉ. विपिन दलाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल सोनीपत
विज्ञापन
लोगों को गठिया रोग के प्रति जागरूक करने के लिए 12 अक्तूबर को गठिया दिवस (वर्ल्ड आर्थराइटिस डे) बनाया जाता है। चिकित्सक बताते हैं कि गठिया रोग तीन तरह का होता है। इनमें आस्टियो आर्थराइटिस, रुमेटाइड आर्थराइटिस और गाउट शामिल है। पहले यह बीमारी बुजुर्गों में होती थी, लेकिन अब तो 30 साल के युवाओं में भी गठिया रोग मिलने लगा है। आजकल कम ही युवाओं का वजन उनकी लंबाई के अनुसार है। ऐसे में शरीर का ज्यादा वजन उनके घुटनों और शरीर के प्रत्येक जोड़ पर पड़ रहा है। इसके चलते युवा गठिया रोग का शिकार हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे गठिया के मरीजों को खानपान में बदलाव और व्यायाम की सीख दी जा रही है। गठिया अनुवांशिक और जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। शुरुआत में इलाज नहीं मिला तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण गठिया की समस्या होती है।
विज्ञापन
गठिया को पहले बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब युवा और बच्चे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। गठिया राेग होने पर विशेषज्ञ से इलाज करवाया जा सकता है। यह डायबिटीज, थाइरॉयड, हाइपरटेंशन की तरह ही होता है। इस बीमारी को दवाई से कंट्रोल किया जा सकता है और इसका उपचार भी संभव है। गठिया होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाई लेनी चाहिए। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए कम से कम आधा घंटा व्यायाम भी बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
गठिया रोग के लक्षण
घुटने, कंधे, कूल्हे और हाथ-पैर में दर्द, जोड़ों में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी, दर्द के बाद जोड़ों में सूजन, खून की कमी होना।
इनका सेवन फायदेमंद
मौसमी, संतरा, अनानास, कीवी, नींबू, सेब जैसे विटामिन युक्त फलों का सेवन करें। वहीं, लहसुन, अदरक, हल्दी, जामुन, पालक, टमाटर, कद्दू आदि खाएं।
क्या नहीं खाएं
ज्यादा ठंडे पदार्थ खाने से परहेज करें। मैदा युक्त पदार्थों से दूर रहें। घी या तेल से बने पदार्थ न खाएं, ज्यादा नमक और शक्कर खाने से बचें।
अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यादा से गठिया रोगी पहुंच रहे हैं। मरीजों को कैल्शियम युक्त व पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जा रही है। साथ ही मरीजों को व्यायाम करने के लिए कहा जा रहा है।
- डॉ. विपिन दलाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल सोनीपत