केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर में धमाका, मजदूर के चिथड़े उड़े, दूसरे की छत में मिला हाथ, तीन घायल
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शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित केमिकल फैक्ट्री में स्टीम बॉयलर फटने से धमाके के साथ एक मजदूर के चिथड़े उड़ गए। साथ ही आग लगने से सगे भाइयों समेत तीन मजदूर झुलस गए। उन्हें सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। हालांकि उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतक के शव के अवशेष एकत्रित कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री मालिक की लापरवाही सामने आई है। वहीं हादसे के बाद स्टीम बॉयलर का टुकड़ा करीब 150 मीटर दूर बिजली के तारों पर जा गिरा। जिससे तार टूटने से बिजली सप्लाई भी बाधित हो गई। करीब 14 घंटे में सप्लाई सुचारू हो सकी।
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित गुरुदत्ता केमिकल फैक्ट्री में वीरवार रात को मजदूर काम कर रहे थे। फैक्ट्री में यूपी के लखीमपुर खीरी के गांव मिकियाल का रहने वाला कलीम (32), बहरिया के गांव ककरा का रहने वाला कमल (26) व उसका भाई दुर्गेंश (30) यूपी के गुजराती पूरवा का रहने वाला मनीष (26) स्टीम बॉयलर के पास काम कर रहे थे।
देर रात करीब साढ़े 11 बजे अचानक स्टीम बॉयलर में स्टीम ज्यादा बनने से वह धमाके के साथ फट गया। जिससे कलीम के शरीर के चिथड़े उड़ गए। साथ ही फैक्ट्री के अंदर स्टीम बॉयलर के कमरे में आग लग गई। आग से कमल, दुर्गेंश व मनीष बुरी तरह से झुलस गए। अन्य कर्मियों ने मामले की सूचना तुरंत फैक्ट्री मालिक नितिन गुरुदत्ता को दी। जिस पर वह मौके पर पहुंचे और तीनों घायलों को सामान्य अस्पताल में पहुंचाया।
जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। हालांकि तीनों को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं बाद में पुलिस ने कलीम के शव के अवशेषों को अस्पताल के शव विच्छेदन गृह में रखवाया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया फैक्ट्री मालिक की लापरवाही सामने आई है। जांच के बाद ठोस कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे कमरे की छत पर मिला कलीम का हाथ
हादसा इतना भयानक था कि स्टीम बॉयलर के कमरे की पूरी छत उड़ गई और दीवार भी भरभरा कर गिर गई। इतना ही नहीं कलीम के शव के चिथड़े ही उड़ गए। उसका हाथ दो कमरे दूर एक कमरे की छत पर मिला। साथ ही शव के अन्य हिस्से भी अलग-अलग जाकर गिए गए थे। पड़ोसी स्वर्णजीत ने बताया कि रात को अचानक हुए धमाके से उन्हें लगा कि कोई बम फटा है। बाद में पता लगा कि स्टीम बॉयलर फटा है। इस दौरान बॉयलर के कमरे की छत का मलबा आसपास के घरों की छत पर जा गिरा।
आरा मशीन की छत पर लगी सीमेंट की चादर भी टूटी
फैक्ट्री के पास स्थित आरा मशीन की छत पर लगी सीमेंट की चादर भी टूट गई। बजरंग आजाद सा मिल्स के संचालक राजेंद्र ने बताया कि उसे भी इस हादसे में काफी नुकसान हुआ है।
तारों पर गिरा बॉयलर का टुकड़ा, बिजली ठप
रात को बॉयलर फटने के बाद उसका टुकड़ा वहां धमाके के साथ करीब 150 मीटर दूर बिजली के तारों पर जा गिरा। जिससे बिजली के तार टूट गए और क्षेत्र की बिजली बाधित हो गई। गनीमत रही कि रात कोई वहां नहीं था। अगर वह किसी के ऊपर गिर जाता तो कोई भी बड़ा हो हादसा हो सकता था।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित केमिकल फैैक्ट्री में स्टीम बॉयलर फटने से एक मजदूर की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री मालिक की लापरवाही रही है। मामले की पूरी जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों के आने के बाद शव को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सत्यवान, थाना प्रभारी सिटी सोनीपत।