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महिला विश्वविद्यालय भगत फूल सिंह की तपोस्थली : प्रो. सुदेश
Sat, 24 Feb 2024 10:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 24 Feb 2024 10:56 PM IST
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खानपुर कलां के बीपीएस महिला विवि में सेल्फी प्वाइंट पर पूर्व छात्राओं के साथ महिला विश्वविद्या
गोहाना। खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि यह महिला विश्वविद्यालय मात्र शिक्षण संस्थान ही नहीं बल्कि महान शिक्षाविद भगत फूल सिंह की तपोस्थली है।
कहा कि यह विश्वविद्यालय उनके बलिदान और उनकी प्रेरणा से नारी शिक्षा व सशक्तिकरण में जन भागीदारी का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने यह बात भगत फूल सिंह की जयंती पर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस दौरान विवि की यज्ञशाला में हवन करवाया गया। कहा कि भगत फूल सिंह के जीवन चरित्र व उनके त्याग की अवधारणा को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए भगत फूल सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत गुरुकुल परंपरा और भगत फूल सिंह का दर्शन विषय पर आधारित एड ऑन कोर्स शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भगत फूल सिंह ने विषम परिस्थितियों में कठिन संघर्ष करते हुए शिक्षा रूपी पौधे को लगाया था, जो आज विश्वविद्यालय रूपी वट वृक्ष बन गया है। भगत फूल सिंह और बहन सुभाषिणी देवी के विचार व नारी शिक्षा में योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनसे जुड़े संस्मरणों का दस्तावेजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस मौके पर कमला, ज्ञानवती, ब्रह्मवती, साहिब कौर, कुलसचिव प्रो. नीलम मलिक मौजूद रही।
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कहा कि यह विश्वविद्यालय उनके बलिदान और उनकी प्रेरणा से नारी शिक्षा व सशक्तिकरण में जन भागीदारी का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने यह बात भगत फूल सिंह की जयंती पर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस दौरान विवि की यज्ञशाला में हवन करवाया गया। कहा कि भगत फूल सिंह के जीवन चरित्र व उनके त्याग की अवधारणा को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए भगत फूल सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत गुरुकुल परंपरा और भगत फूल सिंह का दर्शन विषय पर आधारित एड ऑन कोर्स शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भगत फूल सिंह ने विषम परिस्थितियों में कठिन संघर्ष करते हुए शिक्षा रूपी पौधे को लगाया था, जो आज विश्वविद्यालय रूपी वट वृक्ष बन गया है। भगत फूल सिंह और बहन सुभाषिणी देवी के विचार व नारी शिक्षा में योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनसे जुड़े संस्मरणों का दस्तावेजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस मौके पर कमला, ज्ञानवती, ब्रह्मवती, साहिब कौर, कुलसचिव प्रो. नीलम मलिक मौजूद रही।
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