{"_id":"6226792d9679942d846f5f80","slug":"womens-day-actress-meghna-malik-told-the-basic-mantra-of-staying-in-the-film-industry","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला दिवस विशेष: अभिनेत्री मेघना मलिक से खास बातचीत, बाेलीं- यह है फिल्म इंडस्ट्री में टिके रहने का मूलमंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला दिवस विशेष: अभिनेत्री मेघना मलिक से खास बातचीत, बाेलीं- यह है फिल्म इंडस्ट्री में टिके रहने का मूलमंत्र
Tue, 08 Mar 2022 02:59 AM IST
भूपेंद्र सिंह
विष्णु कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
विष्णु कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 08 Mar 2022 02:59 AM IST
सार
मेघना मलिक ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में हर दिन नया है और टिके रहने के लिए संघर्ष जरूरी है। अभिनेत्री मेघना मलिक की कई फिल्में इस साल रिलीज होंगी।
विज्ञापन
मेघना मलिक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिल्म इंडस्ट्री में आपको कभी सुरक्षा की भावना (सेन्स ऑफ सिक्योरिटी) नहीं मिलेगी। आपको रोज कुआं खोदना है और पानी पीना है। कहने का भाव यह है कि यहां हर दिन नया होता है और टिके रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसके लिए आपको अपने अंदर एक ज्योति हमेशा जलाए रखनी होती है। इससे अगर थकान हो गई तो समझो आप यहां के लिए नहीं हैं।
विज्ञापन
यह कहना है कि हरियाणा सोनीपत निवासी फिल्म एवं टेलीविजन अभिनेत्री मेघना मलिक का। उन्होंने कहा कि यहां आपको रोज रिजेक्शन के लिए तैयार रहना पड़ता है। सबसे अहम अपने आपको मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखना जरूरी है। तभी जीवन के संघर्ष में आगे बढ़ा जा सकता है।
विज्ञापन
मेघना मलिक का जन्म सोनीपत में सेवानिवृत्त प्राचार्य कमलेश मलिक व अंग्रेजी प्राध्यापक रघुवीर सिंह मलिक के घर हुआ था। मेघना ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एमए की शिक्षा पूरी की। उन्होंने 1997 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली से स्नातक की डिग्री पूरी की। इसी दौरान वे थिएटर से जुड़ गईं। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने कौशल, कड़ी मेहनत दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर न सिर्फ अपने लिए फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई, बल्कि लड़कियों के लिए एक मिसाल भी बनीं। जीवन में कुछ बनने की चाह रखने वाली लड़कियों के लिए वे आज रोल मॉडल हैं।
विज्ञापन
ओमपुरी व अनुपम खेर के अभिनय ने किया प्रभावित
मेघना बताती हैं कि जब वह 12वीं कक्षा में थी, तब स्कूल की तरफ से नाटक तैयार करवाया गया और इंग्लैंड लेकर गए। वहां आठ स्कूलों में उन्होंने नाटक प्रस्तुत किया और थिएटर में नाटक देखा। उसी समय थिएटर का जादू छाने लगा था। वापस आई तो फिर पढ़ाई शुरू कर दी। फिल्में देखने का शौक था। उन दिनों ओमपुरी व अनुपम खेर की एक्टिंग से बेहद प्रभावित हुई थीं। जिसके बाद उनके साक्षात्कार पढ़े, जिसमें नाट्य स्कूल में शिक्षा लेने की बात कही गई थी। तभी से नाट्य स्कूल में जाने के बारे में सोचने लगी थी।
मम्मी ही मेरी पहली गाइड, ड्रामा स्कूल में दाखिला लेने वाली हरियाणा से पहली लड़की
मेघना ने बताया कि छोटे से शहर से यहां पहुंचना कठिन था। मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं था। जब मैं प्राथमिक स्कूल में थी, तब मम्मी (कमलेश मलिक, साहित्यकार) ही मोनो एक्टिंग के एक्ट लिखती थीं, इसलिए मम्मी ही मेरी पहली गाइड रहीं। एक्टिंग का शौक था, इसलिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एमए करते हुए एक बार अकेले ही बस पकड़कर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पहुंच गई थीं, वहां विद्यार्थियों से बातचीत की और नाट्य कलाओं के बारे में जाना। इसके बाद शिक्षकों ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली के लिए मेरा फॉर्म भरा और मेरा दाखिला हो गया। उस समय नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लेने वाली मैं हरियाणा की पहली लड़की थी।
अम्मा जी के रूप में मिली लोकप्रियता
फिल्म, टेलीविजन एवं थिएटर अभिनेत्री मेघना मलिक को ‘न आना इस देस लाडो’ की अम्मा जी के रूप में लोकप्रियता मिली। वर्ष 2013 में वह झलक दिखला जा की एक प्रतियोगी के रूप में देखी गई थीं। उन्होंने नाटक राधा की बेटियां कुछ कर दिखाएंगी, न आना इस देश लाडो, किचन चैंपियन, हर घर कुछ कहता है, झलक दिखला जा (सीजन 6), गुस्ताख दिल, अस्तित्व एक प्रेम कहानी, यह है मुंबई मेरी जान, दहलीज, फिल्म तारे जमीन पर व कुछ ना कहो के अलावा कई अन्य फिल्मों में प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्तमान में भी वे तीन फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं।
इस साल रिलीज होंगी ये फिल्में
मेघना मलिक ने बताया कि उनकी कई फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जो इस साल रिलीज होंगी। इनमें हरियाणा की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म दादा लख्मी है। यह लख्मीचंद के बचपन से युवा होने तक की कहानी है। इसमें मेरा किरदार लख्मीचंद की मां का है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच मां व युवा बेटे के बीच का द्वंद्व और लख्मी के जीवन संघर्ष की कहानी दर्शायी गई है।
दूसरी फिल्म शहर है, जो पंकज कपूर के साथ है। इसमें मैंने उर्दू अखबार की एडिटर का किरदार निभाया है। फिल्म में दर्शाया गया है कि भाषा किसी धर्म की नहीं होती। इसमें उर्दू अखबार के कम हो रहे पाठकों व खराब हो रही स्थिति के बारे में बताया गया है।
तीसरी फिल्म एनफेयर एंड लवली है। मेघना मलिक ने बताया कि सोनी टीवी द्वारा हरियाणा की पृष्ठ भूमि पर बनी इस फिल्म में मेरा किरदार बुआ का है। परिवार के इर्द-गिर्द घूमती इस कॉमेडी से भरपूर फिल्म में इलियाना डिक्रूज व रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
मेघना मलिक ने बताया कि नेटफलिक्स पर चल रही फिल्म आरणयक खूब पसंद की जा रही है। इसमें मैंने एक राजनेता का किरदार निभाया है। फिल्म में रविना टंडन व आशुतोष राणा भी हैं। यह फिल्म क्राइम थ्रिलर है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा रोमांस व कॉमेडी से भरपूर फिल्म सुस्वागतम खुशामदीद और उमा भी हैं। ये फिल्में तैयार हो चुकी हैं और जल्द ही पर्दे पर नजर आएंगी।
जीवन में जो चाहती थी वही मिला
मेघना मलिक कहती हैं कि जीवन में बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें मनपसंद क्षेत्र नहीं मिल पाता। उन्हें अपने शौक के विपरीत काम करने पड़ते हैं। मैं इस मामले में खुशकिस्मत हूं। मैं जीवन में जो चाहती थी, वही मिला। इसलिए अपने जीवन से बेहद खुश हूं। मेरा काम ही मेरा जीवन साथी है। मैं लड़कियों को यही संदेश देना चाहती हूं कि सभी लड़कियां सशक्त हैं। जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर दृढ़ संकल्प से उसे पाने के लिए संघर्ष करें। अपने अंदर कभी डाउट न आने दें, रास्ता खुलता चला जाएगा।