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उद्देशीपुर में खाली मटके लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं
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खाली मटके लेकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट करतीं उदेशीपुर की महिलाएं। संवाद
- फोटो : Sonipat
गन्नौर। उद्देशीपुर गांव के धानक बस्ती में पेयजल किल्लत को लेकर ग्रामीणों में हाहाकार मचा हुआ है। मंगलवार को महिलाओं ने खाली मटके लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना था गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लापरवाह बने हुए है। जिसके चलते उन्हें दूर-दराज क्षेत्र से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। उन्होंने पेयजल समस्या का जल्द समाधान करवाने की मांग की है।
कमलेश, धर्मकौर, ओमी, सुमन, ममता, सावित्री ने कहा कि गांव के अड्डे पर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्यूबवेल लगा रखा है जो बस्ती से काफी दूर है। जिस वजह से उनकी बस्ती में पानी नहीं पहुंच पाता। बस्ती में पेयजल समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गली में दो सबमर्सिबल लगाए गए थे, जिनसे वह पानी भर लेते थे। लेकिन चार महीने से यह सबमर्सिबल भी खराब पड़े हैं।
महिलाएं बोलीं-कई किलोमीटर दूर से भरकर लाना पड़ता है पानी
गली में लगे सबमर्सिबल खराब होने से कई किलोमीटर पैदल चल कर पेयजल भरकर लाना पड़ रहा है। प्रशासन को पेयजल समस्या के बारे में कई बार अवगत कराया जा चुके हैं, उसके बाद भी बस्ती में पेयजल किल्लत को दूर नहीं किया जा रहा है।
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-ममता निवासी उद्देशीपुर
उचांई पर मकान होने की वजह से उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा था। जिसके वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह दूर दराज से पानी भर कर लाने को मजबूर है। प्रशासन को पेयजल समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
-अंग्रेजी निवासी उद्देशीपुर
छह महीने पहले अधिकारी उनके पास आए और पानी की टंकी देकर चले गए। अधिकारियों ने पेयजल लाइन को क्लीन चिट दे दी, लेकिन अभी तक उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। अधिकारियों की ओर से पानी सिर्फ कागजों में ही दिया जा रहा है।
-सावित्री निवासी उद्देशीपुर
कोट
उदेशीपुर गांव के धानक बस्ती में पेयजल किल्लत का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई समस्या है तो जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे।
मंजीत, कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग
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कमलेश, धर्मकौर, ओमी, सुमन, ममता, सावित्री ने कहा कि गांव के अड्डे पर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्यूबवेल लगा रखा है जो बस्ती से काफी दूर है। जिस वजह से उनकी बस्ती में पानी नहीं पहुंच पाता। बस्ती में पेयजल समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गली में दो सबमर्सिबल लगाए गए थे, जिनसे वह पानी भर लेते थे। लेकिन चार महीने से यह सबमर्सिबल भी खराब पड़े हैं।
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महिलाएं बोलीं-कई किलोमीटर दूर से भरकर लाना पड़ता है पानी
गली में लगे सबमर्सिबल खराब होने से कई किलोमीटर पैदल चल कर पेयजल भरकर लाना पड़ रहा है। प्रशासन को पेयजल समस्या के बारे में कई बार अवगत कराया जा चुके हैं, उसके बाद भी बस्ती में पेयजल किल्लत को दूर नहीं किया जा रहा है।
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-ममता निवासी उद्देशीपुर
उचांई पर मकान होने की वजह से उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा था। जिसके वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह दूर दराज से पानी भर कर लाने को मजबूर है। प्रशासन को पेयजल समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
-अंग्रेजी निवासी उद्देशीपुर
छह महीने पहले अधिकारी उनके पास आए और पानी की टंकी देकर चले गए। अधिकारियों ने पेयजल लाइन को क्लीन चिट दे दी, लेकिन अभी तक उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। अधिकारियों की ओर से पानी सिर्फ कागजों में ही दिया जा रहा है।
-सावित्री निवासी उद्देशीपुर
कोट
उदेशीपुर गांव के धानक बस्ती में पेयजल किल्लत का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई समस्या है तो जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे।
मंजीत, कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग