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Sonipat News: मेट्रो की मिली सौगात तो रेल कॉरिडोर का रास्ता हुआ साफ
Sun, 22 Dec 2024 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 22 Dec 2024 12:55 AM IST
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सोनीपत। म्हारा सोनीपत आज 52 वर्ष का हो गया है। समय के साथ-साथ इसके विकास को भी पंख लग रहे हैं। इस कड़ी में अब दिल्ली मेट्रो के सोनीपत की ओर कदम बढ़ने शुरू हो गए हैं। 25 दिसंबर से यह परियोजना धरातल पर उतरेगी और कंपनी मेट्रो को सोनीपत तक लाने का काम शुरू करेगी। इसके लिए रोहिणी सेक्टर-25, कुंडली, नरेला व बवाना में चार मशीनें लगाई जा रही है। दिल्ली मेट्रो सोनीपत के कुंडली व नाथूपुर को पहले ही अपने नक्शे में शामिल कर चुकी है। उम्मीद की जा रही है सोनीपत के 60 वर्ष के होने से पूर्व ही कुंडली से दिल्ली के लिए मेट्रो सेवाएं शुरू हो सकेंगी। यह परियोजना जिले के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
सोनीपत के विकास को पंख लगाने के लिए सोनीपत मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एसएमडीए) ने काम तेज कर दिया है। शुरुआती चरण में 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इससे ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसमें बहु क्रियाशील शहरी परिसर की प्रारूप विकास योजना 16 लाख लोगों की अनुमानित आबादी के लिए तैयार की गई है। वर्ष 1941 में जिले की जनसंख्या महज 17781 थी, मास्टर प्लान के तहत वर्ष 2031 में जनसंख्या 25,23,052 तक पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए ही आगामी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।
खेल व शिक्षा में बनाई अलग पहचान
सोनीपत ने शिक्षा के साथ ही खेल क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। सोनीपत में खेलों की सुविधाओं में इजाफा करते हुए वर्ष 2005 भारतीय खेल प्राधिकरण के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र (साई) बहालगढ़ में है। इसे वर्ष 2005 में बनाया गया था। वहीं वर्ष 1973 में प्रदेश का एकमात्र मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल बनाया गया था। जिले में 1250 स्कूल हैं। उच्चतर शिक्षा के लिए नौ विश्वविद्यालय है, जिनमें डीसीआरयूएसटी मुरथल, भगत फूल सिंह व निफ्टम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स विवि के अलावा चार यूनिवर्सिटी निजी हैं। इनके अलावा छह सरकारी कॉलेज, 15 संस्था के कॉलेज और कई निजी कॉलेज उच्चतर शिक्षा के लिए इस समय चल रहे हैं। जिले का साक्षरता दर 82 फीसदी तक पहुंच गया है।
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इन्होंने विश्व पटल पर लहराया परचम
जिले के खिलाड़ियों ने ओलंपिक तक में अपना परचम लहराया है। ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, पहलवान रवि दहिया, बजरंग पुनिया, हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार, अभिषेक, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल, निशानेबाज मनीष नरवाल, हॉकी खिलाड़ी प्रीतम सिवाच से शुरू हुआ सफर अब नेहा गोयल, मोनिका दहिया, ज्योति, निशा वारसी और अर्जुन अवार्डी बनने जा रहे पहलवान सुनील कुमार तक जारी है। पैरालंपियन अमित सरोहा, धर्मबीर नैन, सुधीर लाठ, ओलंपियन सीमा आंतिल, कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल, विश्व चैंपियन शूटर अंकुर मित्तल, शूटर दीपक शर्मा, भारतीय हॉकी खिलाड़ी विकास, पहलवान रमेश गुलिया, कॉमनवेल्थ के स्वर्ण पदक विजेता विनोद, अनिल खत्री, संजय, राजबीर खत्री, मौसम खत्री, पहलवान सरिता मोर जिले के सिरमौर बने हैं।
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सोनीपत के विकास को पंख लगाने के लिए सोनीपत मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एसएमडीए) ने काम तेज कर दिया है। शुरुआती चरण में 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इससे ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसमें बहु क्रियाशील शहरी परिसर की प्रारूप विकास योजना 16 लाख लोगों की अनुमानित आबादी के लिए तैयार की गई है। वर्ष 1941 में जिले की जनसंख्या महज 17781 थी, मास्टर प्लान के तहत वर्ष 2031 में जनसंख्या 25,23,052 तक पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए ही आगामी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।
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खेल व शिक्षा में बनाई अलग पहचान
सोनीपत ने शिक्षा के साथ ही खेल क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। सोनीपत में खेलों की सुविधाओं में इजाफा करते हुए वर्ष 2005 भारतीय खेल प्राधिकरण के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र (साई) बहालगढ़ में है। इसे वर्ष 2005 में बनाया गया था। वहीं वर्ष 1973 में प्रदेश का एकमात्र मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल बनाया गया था। जिले में 1250 स्कूल हैं। उच्चतर शिक्षा के लिए नौ विश्वविद्यालय है, जिनमें डीसीआरयूएसटी मुरथल, भगत फूल सिंह व निफ्टम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स विवि के अलावा चार यूनिवर्सिटी निजी हैं। इनके अलावा छह सरकारी कॉलेज, 15 संस्था के कॉलेज और कई निजी कॉलेज उच्चतर शिक्षा के लिए इस समय चल रहे हैं। जिले का साक्षरता दर 82 फीसदी तक पहुंच गया है।
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इन्होंने विश्व पटल पर लहराया परचम
जिले के खिलाड़ियों ने ओलंपिक तक में अपना परचम लहराया है। ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, पहलवान रवि दहिया, बजरंग पुनिया, हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार, अभिषेक, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल, निशानेबाज मनीष नरवाल, हॉकी खिलाड़ी प्रीतम सिवाच से शुरू हुआ सफर अब नेहा गोयल, मोनिका दहिया, ज्योति, निशा वारसी और अर्जुन अवार्डी बनने जा रहे पहलवान सुनील कुमार तक जारी है। पैरालंपियन अमित सरोहा, धर्मबीर नैन, सुधीर लाठ, ओलंपियन सीमा आंतिल, कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल, विश्व चैंपियन शूटर अंकुर मित्तल, शूटर दीपक शर्मा, भारतीय हॉकी खिलाड़ी विकास, पहलवान रमेश गुलिया, कॉमनवेल्थ के स्वर्ण पदक विजेता विनोद, अनिल खत्री, संजय, राजबीर खत्री, मौसम खत्री, पहलवान सरिता मोर जिले के सिरमौर बने हैं।