{"_id":"66633dfe1b8814113c01fe1d","slug":"villagers-troubled-by-contaminated-water-supply-for-two-months-staged-a-protest-at-the-water-house-sonipat-news-c-197-1-snp1003-119273-2024-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: दो माह से दूषित पानी आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों ने जलघर पर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: दो माह से दूषित पानी आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों ने जलघर पर दिया धरना
Fri, 07 Jun 2024 10:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 07 Jun 2024 10:36 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत के गांव भठगांव स्थित जलघर के टैंक की सफाई न किए जाने से पानी में जमी काई। स्रोत: पाठक
सोनीपत। गांव भठगांव में दो माह से दूषित पानी की आपूर्ति होने से परेशान ग्रामीणों ने एकत्रित हाेकर जलघर पर धरना दिया। उनका आरोप था कि पानी स्टोर करने के लिए जलघर के टैंकों की सफाई नहीं कराई जा रही। भूमिगत जल खराब होने के कारण गांव की आबादी जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से आपूर्ति किए जाने वाले पानी पर निर्भर है। अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे उपमंडल अभियंता महावीर बिश्नोई ने लोगों को समझाकर शांत किया।
ग्रामीण सूरजभान दहिया, जगदीश, बलवान, श्यामचंद, प्रदीप ने बताया कि गांव में दो माह से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। जलघर के टैंकों की सफाई भी लंबे समय से नहीं की गई है। गांव में रहने वाले 10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हुआ है। भीषण गर्मी में विभाग की ओर से साफ पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। पानी के टैंकों में स्वच्छता नाम की कोई चीज नहीं है। पानी के टैंक में काई जम चुकी है। विभाग के अधिकारी जलघर में सफाई की सुविधाओं को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
अशोक दहिया, कर्ण सिंह, सतबीर, अजीत, नान्हा व संदीप कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि जलघरों की सफाई एक साल में दो बार करवाई जाए, लेकिन यहां कई वर्ष से जलघरों के बड़े टैंकों की सफाई नहीं हुई है। जिस कारण टैंकों में घास व फफूंद पनप चुकी है। जो पानी में कई प्रकार की बीमारियां पैदा करने का काम करती हैं। पानी से भरे टैंक खाली हो रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पूरा गांव महामारी की चपेट में आ सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
वर्जन
गांव बाघडू व भठगांव के बीच सड़क के चौड़ीकरण कार्य के लिए पानी की लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है। जिसकी वजह से गांव भठगांव में महलाना स्थित पश्चिमी यमुना नहर से पानी नहीं पहुंच पाया। 10 दिन में लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा होने के साथ टैंकों की सफाई कराई जाएगी। इसके बाद गांव में साफ पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
महावीर बिश्नोई, उपमंडल अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
ग्रामीण सूरजभान दहिया, जगदीश, बलवान, श्यामचंद, प्रदीप ने बताया कि गांव में दो माह से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। जलघर के टैंकों की सफाई भी लंबे समय से नहीं की गई है। गांव में रहने वाले 10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हुआ है। भीषण गर्मी में विभाग की ओर से साफ पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। पानी के टैंकों में स्वच्छता नाम की कोई चीज नहीं है। पानी के टैंक में काई जम चुकी है। विभाग के अधिकारी जलघर में सफाई की सुविधाओं को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
अशोक दहिया, कर्ण सिंह, सतबीर, अजीत, नान्हा व संदीप कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि जलघरों की सफाई एक साल में दो बार करवाई जाए, लेकिन यहां कई वर्ष से जलघरों के बड़े टैंकों की सफाई नहीं हुई है। जिस कारण टैंकों में घास व फफूंद पनप चुकी है। जो पानी में कई प्रकार की बीमारियां पैदा करने का काम करती हैं। पानी से भरे टैंक खाली हो रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पूरा गांव महामारी की चपेट में आ सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
वर्जन
गांव बाघडू व भठगांव के बीच सड़क के चौड़ीकरण कार्य के लिए पानी की लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है। जिसकी वजह से गांव भठगांव में महलाना स्थित पश्चिमी यमुना नहर से पानी नहीं पहुंच पाया। 10 दिन में लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा होने के साथ टैंकों की सफाई कराई जाएगी। इसके बाद गांव में साफ पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
महावीर बिश्नोई, उपमंडल अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग