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कासंड़ी में टावर लगाने का ग्रामीणों ने किया विरोध
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लगाए जा रहे मोबाइल टावर का विरोध करते गांव कासंड़ी के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Sonipat
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गांव कासंड़ी में एक कंपनी की तरफ से लगाए जा रहे जीओ टावर का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि वे इस टावर को लगवाने के हक में नहीं हैं। टावर लगाने के कार्य को रुकवाने की मांग को लेकर दो बार उपायुक्त से भी मिले हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही प्रशासन ने टावर लगाने के कार्य को नहीं रुकवाया तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीण कैप्टन जगबीर मलिक, सुनील, राज सिंह सहित अन्य ने बताया कि उनके गांव में टावर लगाया जा रहा है। टावर एक ग्रामीण के प्लॉट में लगाया जा रहा है। टावर बस्ती के अंदर लगाया जा रहा है। जिस स्थान पर टावर लगाया जा रहा है उसके पास ही दसवीं तक का सरकारी स्कूल, आर्य समाज का मंदिर है। यहीं से गांव की महिलाएं कुएं से पानी लेकर जाती हैं। पशुओं को पानी पिलाने का तालाब भी यहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि टावर लगने से इससे निकलने वाली तरंगों से लोगों के साथ पशु बीमार होंगे और भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि इस टावर को न लगाने के लिए पूरा गांव साथ है। लेकिन कंपनी के अधिकारी व एक ग्रामीण उनकी मांग को अनसुना कर टावर को लगवाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जो ग्रामीण अपने प्लाट में टावर को लगवा रहा है, वह कहने पर झगड़े पर उतारू हो जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते टावर लगाने का कार्य बंद नहीं किया तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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ग्रामीण कैप्टन जगबीर मलिक, सुनील, राज सिंह सहित अन्य ने बताया कि उनके गांव में टावर लगाया जा रहा है। टावर एक ग्रामीण के प्लॉट में लगाया जा रहा है। टावर बस्ती के अंदर लगाया जा रहा है। जिस स्थान पर टावर लगाया जा रहा है उसके पास ही दसवीं तक का सरकारी स्कूल, आर्य समाज का मंदिर है। यहीं से गांव की महिलाएं कुएं से पानी लेकर जाती हैं। पशुओं को पानी पिलाने का तालाब भी यहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि टावर लगने से इससे निकलने वाली तरंगों से लोगों के साथ पशु बीमार होंगे और भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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ग्रामीणों ने कहा कि इस टावर को न लगाने के लिए पूरा गांव साथ है। लेकिन कंपनी के अधिकारी व एक ग्रामीण उनकी मांग को अनसुना कर टावर को लगवाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जो ग्रामीण अपने प्लाट में टावर को लगवा रहा है, वह कहने पर झगड़े पर उतारू हो जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते टावर लगाने का कार्य बंद नहीं किया तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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