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Sonipat News: झरोठी टोल प्लाजा से निशुल्क आवागमन कर सकेंगे मंडोरा व मंडोरी के ग्रामीण
Mon, 10 Feb 2025 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 10 Feb 2025 01:32 AM IST
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फोटो 19- सोनीपत के खरखौदा के झरोठी टोल प्लाजा पर टोल निशुल्क करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर
खरखौदा। राष्ट्रीय राजमार्ग 334बी के झरोठी टोल प्लाजा पर रविवार दोपहर गांव मंडोरा व मंडोरी के ग्रामीणों ने टोल निशुल्क करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि आसपास के कई गांवों को टोल में छूट प्रदान की गई है, लेकिन मंडोरा व मंडोरी के ग्रामीणों को टोल में छूट नहीं दी जा रही है। दोनों गांव के लोगों को खरखौदा तहसील, न्यायालय परिसर में व अन्य कार्य के लिए आवागमन करना पड़ता है।
गांव मंडोरा व मंडोरी के ग्रामीण एकत्रित होकर रविवार को झरोठी टोल प्लाजा पर पहुंचे। उन्होंने टोल के प्रबंधक मुकेश चौहान से उनके गांवों के वाहनों के लिए टोल निशुल्क करने की मांग की। प्रबंधक ने ग्रामीणों को कहा कि टोल निशुल्क करने या न करने का अधिकार केवल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास है। वह इसके लिए उनके पास जा सकते हैं। अन्यथा ग्रामीण मंथली पास बनवाना चाहते हैं तो बनवा लें, जिसकी फीस 340 रुपये है, लेकिन ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं हुए। मामले की जानकारी मिलते ही विधायक पवन खरखौदा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को लेकर टोल प्रबंधक से बात की। इसके बाद टोल प्रबंधक की ओर से दोनों गांव के नाम पर रजिस्टर्ड वाहनों की टोल से निशुल्क आवागमन की बात को स्वीकार कर लिया।
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गांव मंडोरा व मंडोरी के ग्रामीण एकत्रित होकर रविवार को झरोठी टोल प्लाजा पर पहुंचे। उन्होंने टोल के प्रबंधक मुकेश चौहान से उनके गांवों के वाहनों के लिए टोल निशुल्क करने की मांग की। प्रबंधक ने ग्रामीणों को कहा कि टोल निशुल्क करने या न करने का अधिकार केवल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास है। वह इसके लिए उनके पास जा सकते हैं। अन्यथा ग्रामीण मंथली पास बनवाना चाहते हैं तो बनवा लें, जिसकी फीस 340 रुपये है, लेकिन ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं हुए। मामले की जानकारी मिलते ही विधायक पवन खरखौदा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को लेकर टोल प्रबंधक से बात की। इसके बाद टोल प्रबंधक की ओर से दोनों गांव के नाम पर रजिस्टर्ड वाहनों की टोल से निशुल्क आवागमन की बात को स्वीकार कर लिया।
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