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Sonipat News: हाईटेंशन लाइन को ओर किसानों का कूच, रोकने पर बैरिकेड के सामने दिया धरना
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फोटो: सोनीपत के गांव सोहटी में भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई
खरखौदा। गांव सोहटी में मंगलवार को पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के विरोध में महापंचायत हुई। महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में किसान लाइन निर्माण स्थल की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
किसान आगे जाने पर अड़े रहे। उन्होंने बैरिकेड्स हटाकर सड़क किनारे कर दिए, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया। इसके बाद किसानों ने बैरिकेड्स के सामने दरियां बिछाकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक किसान धरने पर डटे रहे।
महापंचायत में किसानों ने पावर ग्रिड की ओर से बिछाई जा रही हाईटेंशन लाइन का निर्माण कार्य रुकवाने का फैसला लिया। किसानों ने प्रशासन को दोपहर डेढ़ बजे तक काम रोकने का समय दिया। इसके बाद वे निर्माण स्थल की ओर बढ़ने लगे। किसानों के कूच को देखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार बिजेंद्र नांदल की मौजूदगी में डीसीपी नरेंद्र कादियान के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था।
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किसानों का आरोप है कि पहले जमीन का रेट तय करने के लिए लॉटरी सिस्टम अपनाया गया था, जिससे वे संतुष्ट नहीं हैं। प्रशासन ने मुआवजा देने के बाद काम शुरू करने और राशि बढ़वाने के लिए अपील करने की बात कही, लेकिन किसानों ने इसे मानने से इन्कार कर दिया।
बाजार भाव के अनुसार मुआवजे की मांग पर अड़े किसान
भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि राजस्थान के सीकर से हरियाणा होते हुए दिल्ली के नरेला तक हाईटेंशन लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन पहलादपुर, किढ़ौली, सोहटी और निजामपुर खुर्द गांवों से होकर गुजर रही है। किसानों की मांग है कि जमीन का मुआवजा बाजार भाव के आधार पर तय किया जाए।
एक माह से धरना, पहले भी काम रुकवाने का प्रयास
मुआवजे के मुद्दे को लेकर किसान करीब एक माह से सोहटी में धरना दे रहे हैं। किसान बेदी सिंह, प्रवीण दहिया, हंसराज राणा, विकेश, शमशेर, विकास राणा और इंद्रजीत के अनुसार इससे पहले भी दो बार लाइन का काम रुकवाने का प्रयास किया गया था। 21 सितंबर को काम रुकवाने पहुंचे कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद मंगलवार को महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
वाटर कैनन और आंसू गैस के इंतजाम
किसानों के पीछे नहीं हटने पर पुलिस ने बैरिकेड्स के आगे सुरक्षा और बढ़ा दी। मौके पर वाटर कैनन और आंसू गैस के इंतजाम भी किए गए। हालांकि किसान बैरिकेड्स के सामने धरने पर बैठे रहे और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जारी रखा।
पहले खाते में मुआवजा, फिर निजी जमीन पर काम
ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजेंद्र नांदल ने कहा कि जिस पंचायती जमीन पर काम किया जा रहा है, उसका मुआवजा पंचायत के खाते में पहुंच चुका है। निजी जमीन पर लाइन का काम शुरू करने से पहले संबंधित किसान के खाते में मुआवजा राशि जमा कराई जाएगी। यदि किसी किसान को मुआवजा राशि पर आपत्ति है तो वह संशोधन के लिए अपील कर सकता है।
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किसान आगे जाने पर अड़े रहे। उन्होंने बैरिकेड्स हटाकर सड़क किनारे कर दिए, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया। इसके बाद किसानों ने बैरिकेड्स के सामने दरियां बिछाकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक किसान धरने पर डटे रहे।
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महापंचायत में किसानों ने पावर ग्रिड की ओर से बिछाई जा रही हाईटेंशन लाइन का निर्माण कार्य रुकवाने का फैसला लिया। किसानों ने प्रशासन को दोपहर डेढ़ बजे तक काम रोकने का समय दिया। इसके बाद वे निर्माण स्थल की ओर बढ़ने लगे। किसानों के कूच को देखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार बिजेंद्र नांदल की मौजूदगी में डीसीपी नरेंद्र कादियान के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था।
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किसानों का आरोप है कि पहले जमीन का रेट तय करने के लिए लॉटरी सिस्टम अपनाया गया था, जिससे वे संतुष्ट नहीं हैं। प्रशासन ने मुआवजा देने के बाद काम शुरू करने और राशि बढ़वाने के लिए अपील करने की बात कही, लेकिन किसानों ने इसे मानने से इन्कार कर दिया।
बाजार भाव के अनुसार मुआवजे की मांग पर अड़े किसान
भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि राजस्थान के सीकर से हरियाणा होते हुए दिल्ली के नरेला तक हाईटेंशन लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन पहलादपुर, किढ़ौली, सोहटी और निजामपुर खुर्द गांवों से होकर गुजर रही है। किसानों की मांग है कि जमीन का मुआवजा बाजार भाव के आधार पर तय किया जाए।
एक माह से धरना, पहले भी काम रुकवाने का प्रयास
मुआवजे के मुद्दे को लेकर किसान करीब एक माह से सोहटी में धरना दे रहे हैं। किसान बेदी सिंह, प्रवीण दहिया, हंसराज राणा, विकेश, शमशेर, विकास राणा और इंद्रजीत के अनुसार इससे पहले भी दो बार लाइन का काम रुकवाने का प्रयास किया गया था। 21 सितंबर को काम रुकवाने पहुंचे कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद मंगलवार को महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
वाटर कैनन और आंसू गैस के इंतजाम
किसानों के पीछे नहीं हटने पर पुलिस ने बैरिकेड्स के आगे सुरक्षा और बढ़ा दी। मौके पर वाटर कैनन और आंसू गैस के इंतजाम भी किए गए। हालांकि किसान बैरिकेड्स के सामने धरने पर बैठे रहे और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जारी रखा।
पहले खाते में मुआवजा, फिर निजी जमीन पर काम
ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजेंद्र नांदल ने कहा कि जिस पंचायती जमीन पर काम किया जा रहा है, उसका मुआवजा पंचायत के खाते में पहुंच चुका है। निजी जमीन पर लाइन का काम शुरू करने से पहले संबंधित किसान के खाते में मुआवजा राशि जमा कराई जाएगी। यदि किसी किसान को मुआवजा राशि पर आपत्ति है तो वह संशोधन के लिए अपील कर सकता है।

फोटो: सोनीपत के गांव सोहटी में भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई

फोटो: सोनीपत के गांव सोहटी में भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई

फोटो: सोनीपत के गांव सोहटी में भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई

फोटो: सोनीपत के गांव सोहटी में भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई

फोटो: सोनीपत के गांव सोहटी में भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई