{"_id":"2bed8472505c5a61d91c88479ada5b3c","slug":"vigilance-report-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर कैसी खड़ी है आईटीआई में सीईओ बिल्डिंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर कैसी खड़ी है आईटीआई में सीईओ बिल्डिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोहाना आईटीआई में सीओई (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) की बिल्डिंग कैसे खड़ी है? यह सवाल इन दिनों सोनीपत विजिलेंस की टीम के बीच चर्चा का विषय है। वजह साफ है कि निर्माण में घपले की आशंका के चलते ढाई साल पहले लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में खामी तो मिली है, लेकिन रिपोर्ट में जिस तरह की कमियों का उल्लेख किया गया है, उस पर तो दीवार खड़ा होना तक मुश्किल है। रिपोर्ट मेें बताया गया है कि जो मिश्रण उसे मिला है, उसमें 1 बोरी सीमेंट और 11 बोरी रेत है। जबकि विशेषज्ञों के मुताबिक अगर रिपोर्ट को सही मान लिया जाए तो इस मिश्रण पर तो दीवार खड़ी होना भी मुश्किल है। जबकि यहां तो पूरी की पूरी इमारत बनी है। अब विजिलेंस लैब में जांच के बाद आई रिपोर्ट से परेशान विभाग ने अब इसे फिर से टेस्टिंग के लिए भेजा है। हालांकि अबकी बार टेस्टिंग चंडीगढ़ स्थित लैब में होगी। गौरतलब है कि पांच महीने पहले प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के निर्देशों पर इमारत के निर्माण में घपले का मामला दर्ज किया गया था। लाखों रुपये की इस धांधली में तत्कालीन एक्सईएन सहित छह लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। बता दें कि इस बिल्डिंग में धांधली की शिकायतों के चलते वर्ष 2013 में सैंपल लिए गए थे। लगभग तीन साल बीतने को है, लेकिन अब तक इस मामले में विजिलेंस यह तय नहीं कर पाई है कि बिल्डिंग निर्माण में घपला किस स्तर का हुआ है। अधिकारियों की मानें तो चंडीगढ़ लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि पहले की रिपोर्ट पर यकीन करना ही मुश्किल है।
एक सैंपल प्लास्टर और दो सैंपल मिश्रण के थे लिए
बता दें कि गोहाना आईटीआई में सीओई बिल्डिंग के निर्माण के दौरान प्रयोग की गई सामग्री के सैंपल लिए गए थे। सैंपल लेने वाली टीम का नेतृत्व एक्सईएन वीके कंबोज ने किया था। उस समय कुल 3 सैंपल लिए गए थे, जिसमें एक सैंपल प्लास्टर का और दो सैंपल सीमेंट और रेत के मिश्रण के थे। उपरोक्त तीनों सैंपलों को जांच के लिए एफएसएल मधुबन भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में तीनों सैंपल में खामियां मिली हैं।
छह के खिलाफ दर्ज किया गया था मामला
विजिलेंस टीम ने इस मामले में छह आरोपियों को नामजद करते हुए आईपीसी की धारा 409, 420, 120बी एवं 13-1(जी) पीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। नामजद आरोपियों में ठेकेदार अनिल कुमार सहरावत, तत्कालीन एक्सईएन सुरेश दांगी, एसडीओ आरपी सतीजा, एसडीओ रामचंद्र, एसडीओ सुरेंद्र देशवाल और जेई पीसी चित्रा शामिल थे। एफआईआर नंबर 48/15 के तहत पूरा मामला दर्ज है। उस समय आरोप लगे थे कि निर्माणाधीन बिल्डिंग के लिए आए सीमेंट में से 156 सीमेंट के बैगों का कम प्रयोग किया गया था। अधिकारियों द्वारा सीमेंट के बैग गबन करने का आरोप था।
विज्ञापन
यह दो मामले भी बन रहे परेशानी का सबब
आईटीआई की बिल्डिंग के साथ-साथ विजिलेंस के लिए दो मामले और भी परेशानी का सबब बन रहे हैं। एक मामला तो 2 सितंबर का है। नांदनौर गांव निवासी रामकिशन की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने थाना मुरथल के ईएसआई सुरेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इस मामले में 6 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप था, लेकिन रिश्वत के यह पैसे आज तक भी विजिलेंस बरामद नहीं कर पाई। दूसरा मामला इससे कुछ समय पहले का पीडब्ल्यूडी विभाग के पूर्व एक्सईएन के खिलाफ है। पूर्व एक्सईएन के खिलाफ सरकारी सीमेंट का प्रयोग अपने निजी मकान निर्माण में प्रयोग करने के आरोपों के चलते दर्ज किया गया था। इस मामले में विजिलेंस टीम न तो आरोपी को आज तक गिरफ्तारी कर पाई और न ही कोई ठोस सबूत हासिल कर पाई है। विजिलेंस टीम को एसई की कोठी से सरकारी मार्का सीमेंट के खाली कट्टे मिले थे।
गोहाना आईटीआई की निर्माण सामग्री के सैंपल भेजे गए हैं। पहले की रिपोर्ट 1/11 की है, जोकि गलत भी हो सकती है। चंडीगढ़ लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुरथल थाना पुलिस के सुरेंद्र वाला मामला अदालत में चल रहा है। सुरेंद्र के खिलाफ जांच में सहयोग न करने की धारा भी दर्ज की गई थी। एसई के खिलाफ जो मामला है, उसकी जांच चल ही रही है।
-राजीव सोनी, प्रभारी, विजिलेंस थाना, सोनीपत।
विज्ञापन
एक सैंपल प्लास्टर और दो सैंपल मिश्रण के थे लिए
बता दें कि गोहाना आईटीआई में सीओई बिल्डिंग के निर्माण के दौरान प्रयोग की गई सामग्री के सैंपल लिए गए थे। सैंपल लेने वाली टीम का नेतृत्व एक्सईएन वीके कंबोज ने किया था। उस समय कुल 3 सैंपल लिए गए थे, जिसमें एक सैंपल प्लास्टर का और दो सैंपल सीमेंट और रेत के मिश्रण के थे। उपरोक्त तीनों सैंपलों को जांच के लिए एफएसएल मधुबन भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में तीनों सैंपल में खामियां मिली हैं।
विज्ञापन
छह के खिलाफ दर्ज किया गया था मामला
विजिलेंस टीम ने इस मामले में छह आरोपियों को नामजद करते हुए आईपीसी की धारा 409, 420, 120बी एवं 13-1(जी) पीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। नामजद आरोपियों में ठेकेदार अनिल कुमार सहरावत, तत्कालीन एक्सईएन सुरेश दांगी, एसडीओ आरपी सतीजा, एसडीओ रामचंद्र, एसडीओ सुरेंद्र देशवाल और जेई पीसी चित्रा शामिल थे। एफआईआर नंबर 48/15 के तहत पूरा मामला दर्ज है। उस समय आरोप लगे थे कि निर्माणाधीन बिल्डिंग के लिए आए सीमेंट में से 156 सीमेंट के बैगों का कम प्रयोग किया गया था। अधिकारियों द्वारा सीमेंट के बैग गबन करने का आरोप था।
विज्ञापन
यह दो मामले भी बन रहे परेशानी का सबब
आईटीआई की बिल्डिंग के साथ-साथ विजिलेंस के लिए दो मामले और भी परेशानी का सबब बन रहे हैं। एक मामला तो 2 सितंबर का है। नांदनौर गांव निवासी रामकिशन की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने थाना मुरथल के ईएसआई सुरेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इस मामले में 6 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप था, लेकिन रिश्वत के यह पैसे आज तक भी विजिलेंस बरामद नहीं कर पाई। दूसरा मामला इससे कुछ समय पहले का पीडब्ल्यूडी विभाग के पूर्व एक्सईएन के खिलाफ है। पूर्व एक्सईएन के खिलाफ सरकारी सीमेंट का प्रयोग अपने निजी मकान निर्माण में प्रयोग करने के आरोपों के चलते दर्ज किया गया था। इस मामले में विजिलेंस टीम न तो आरोपी को आज तक गिरफ्तारी कर पाई और न ही कोई ठोस सबूत हासिल कर पाई है। विजिलेंस टीम को एसई की कोठी से सरकारी मार्का सीमेंट के खाली कट्टे मिले थे।
गोहाना आईटीआई की निर्माण सामग्री के सैंपल भेजे गए हैं। पहले की रिपोर्ट 1/11 की है, जोकि गलत भी हो सकती है। चंडीगढ़ लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुरथल थाना पुलिस के सुरेंद्र वाला मामला अदालत में चल रहा है। सुरेंद्र के खिलाफ जांच में सहयोग न करने की धारा भी दर्ज की गई थी। एसई के खिलाफ जो मामला है, उसकी जांच चल ही रही है।
-राजीव सोनी, प्रभारी, विजिलेंस थाना, सोनीपत।