{"_id":"68531930e622e9042f03aa62","slug":"vice-chancellor-inspected-the-examination-centers-in-dcrust-sonipat-news-c-197-1-snp1008-138208-2025-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: डीसीआरयूएसटी में कुलपति ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: डीसीआरयूएसटी में कुलपति ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
Thu, 19 Jun 2025 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 19 Jun 2025 01:23 AM IST
विज्ञापन
फोटो 06- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सेम
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में बुधवार को कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए फ्लाइंग स्क्वायड का गठन भी किया गया है। फ्लाइंग स्क्वायड प्रतिदिन परीक्षा केंद्रों का दौरा कर रहे हैं।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर संबंधित निरीक्षकों व अधीक्षकों से जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शितापूर्वक होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कुलपति ने बताया कि परीक्षा स्वयं की योग्यता का आकलन करने का अवसर प्रदान करती है। परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को यह पता चलता है कि विद्यार्थी को कहां अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को परीक्षा पूर्ण ईमानदारी के साथ देनी चाहिए, ताकि सुखद भविष्य की नींव रखी जा सके। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक व सहायक परीक्षा नियंत्रक को भी परीक्षा में पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर संबंधित निरीक्षकों व अधीक्षकों से जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शितापूर्वक होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कुलपति ने बताया कि परीक्षा स्वयं की योग्यता का आकलन करने का अवसर प्रदान करती है। परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को यह पता चलता है कि विद्यार्थी को कहां अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को परीक्षा पूर्ण ईमानदारी के साथ देनी चाहिए, ताकि सुखद भविष्य की नींव रखी जा सके। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक व सहायक परीक्षा नियंत्रक को भी परीक्षा में पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन