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यूएसए के लोगों से करते थे ठगी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने तीन पकड़े
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कॉल सेंटर में काम करता एक आरोपी।
- फोटो : Sonipat
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने कुंडली पुलिस व एनआईसी विभाग के साथ अंसल सुशांत सिटी स्थित मॉल में छापा मारकर अवैध कॉल सेंटर को पकड़ा है। कॉल सेंटर से यूएसए (यूनाइटेड स्टेट अमेरिका) में ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। पुलिस टीम ने वहां से टीम लीडर व कॉल सेंटर संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहां से लैपटॉप, डेस्कटॉप व मोबाइल और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि कुंडली क्षेत्र में अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जिसका पता लगते ही डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार की टीम व एनआईसी विभाग की टीम को साथ लेकर मेगाबाइट्ज मॉल एवेन्यू ब्लॉक के दूसरे तल पर मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे छापा मारा। टीम के एक सदस्य ने पहले पहुंचकर वीडियोग्राफी की और फिर पूरी टीम पहुंच गई। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान गांव पिपलीखेड़ा निवासी इंद्रजीत मलिक उर्फ बबल, दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी अंशु व प्रीतमपुरा निवासी चंद्रकांत पसारी के रूप में हुई। इनमें इंद्रजीत मलिक इनका टीम लीडर व कॉल सेंटर मालिक है। वह रात को 11 बजे से तड़के चार बजे तक कॉल सेंटर चलाता था। पुलिस ने कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि वह यूएसए के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
अवैध कॉल सेंटर में ऐसे की जाती थी ठगी
पुलिस को शुरुआती पूछताछ में कॉल सेंटर संचालक इंद्रजीत मलिक ने बताया कि उनका ठगी का धंधा विदेश में है। वह गूगल पर व्हाइट व येलो पेज से यूएसए की बिजनेस लिस्टिंग से मोबाइल नंबर निकाल लेते थे। उसके बाद आई बीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से उनको कॉल करते थे। उनको गुमराह करते थे कि उनके सिस्टम में वायरस आया हुआ है। इसके साथ ही ज्यादा विज्ञापन या पीओपी-अप आते हैं तो उनको कम करने का झांसा देते थे। वह लोगों के कंप्यूटर में वायरस भेजकर उनके सिस्टम को ब्लॉक कर देते थे। वह लोगों को धोखे में लेकर एनी डेस्क या टीम वॉयवर सॉफ्टवेयर से उनके सिस्टम को हैक कर लेते थे। इसे ठीक करने की एवज में उनसे 100-200 डालर लिए जाते थे।
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इस तरह प्राप्त करते थे ठगी का रुपया
यूएसए के लोगों से गूगल प्ले गिफ्ट कार्ड और आई ट्यूंस गिफ्ट कार्ड के माध्यम से कार्ड नंबर लेकर अपने ब्लॉकर को भेज देते थे। कुछ लोगों से बीटीसी (बिटक्वाइन) में रुपये ट्रांसफर करा लेते थे। माना जा रहा है कि कॉल सेंटर से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है। आरोपियों के आईसीआईसीआई बैंक खाते की जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की संलिप्तता का लगाया जाएगा पता, सेंटर से सामान जब्त
टीम ने कॉल सेंटर से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस इस मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाएगी। पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, दो डेस्कटॉप, आईफोन, हेडफोन, दो पीओएस मशीन, सीपीयू, माउस, कीबोर्ड आदि बरामद किए हैं।
एक आरोपी कर चुका स्नातक, दो 12वीं पास, कंप्यूटर का रखते हैं ज्ञान
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि एक आरोपी अंशु स्नातक तक पढ़ा है। वहीं दो अन्य इंद्रजीत मलिक व चंद्रकांत 12वीं कक्षा पास हैं। इन्हें कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान है। यह पहले कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं। इनका रोजगार बंद हो गया था। ऐसे में उन्होंने ठगी के धंधे को अपना लिया। पुलिस का कहना है कि अभी तक की पूछताछ में पता लगा कि यह करीब पांच माह से इस अवैध धंधे में लगे थे।
वर्जन
अवैध कॉल सेंटर चला रहे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें रिमांड पर लिया गया है। आरोपी यूएसए के लोगों से ठगी करते थे। उनसे पूछताछ कर पता लगाया जाएगा कि उन्होंने कितने लोगों से ठगी की है। पुलिस ने मौके से उपकरण व अन्य सामान जब्त कर लिया है।
- अजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि कुंडली क्षेत्र में अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जिसका पता लगते ही डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार की टीम व एनआईसी विभाग की टीम को साथ लेकर मेगाबाइट्ज मॉल एवेन्यू ब्लॉक के दूसरे तल पर मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे छापा मारा। टीम के एक सदस्य ने पहले पहुंचकर वीडियोग्राफी की और फिर पूरी टीम पहुंच गई। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान गांव पिपलीखेड़ा निवासी इंद्रजीत मलिक उर्फ बबल, दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी अंशु व प्रीतमपुरा निवासी चंद्रकांत पसारी के रूप में हुई। इनमें इंद्रजीत मलिक इनका टीम लीडर व कॉल सेंटर मालिक है। वह रात को 11 बजे से तड़के चार बजे तक कॉल सेंटर चलाता था। पुलिस ने कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि वह यूएसए के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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अवैध कॉल सेंटर में ऐसे की जाती थी ठगी
पुलिस को शुरुआती पूछताछ में कॉल सेंटर संचालक इंद्रजीत मलिक ने बताया कि उनका ठगी का धंधा विदेश में है। वह गूगल पर व्हाइट व येलो पेज से यूएसए की बिजनेस लिस्टिंग से मोबाइल नंबर निकाल लेते थे। उसके बाद आई बीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से उनको कॉल करते थे। उनको गुमराह करते थे कि उनके सिस्टम में वायरस आया हुआ है। इसके साथ ही ज्यादा विज्ञापन या पीओपी-अप आते हैं तो उनको कम करने का झांसा देते थे। वह लोगों के कंप्यूटर में वायरस भेजकर उनके सिस्टम को ब्लॉक कर देते थे। वह लोगों को धोखे में लेकर एनी डेस्क या टीम वॉयवर सॉफ्टवेयर से उनके सिस्टम को हैक कर लेते थे। इसे ठीक करने की एवज में उनसे 100-200 डालर लिए जाते थे।
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इस तरह प्राप्त करते थे ठगी का रुपया
यूएसए के लोगों से गूगल प्ले गिफ्ट कार्ड और आई ट्यूंस गिफ्ट कार्ड के माध्यम से कार्ड नंबर लेकर अपने ब्लॉकर को भेज देते थे। कुछ लोगों से बीटीसी (बिटक्वाइन) में रुपये ट्रांसफर करा लेते थे। माना जा रहा है कि कॉल सेंटर से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है। आरोपियों के आईसीआईसीआई बैंक खाते की जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की संलिप्तता का लगाया जाएगा पता, सेंटर से सामान जब्त
टीम ने कॉल सेंटर से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस इस मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाएगी। पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, दो डेस्कटॉप, आईफोन, हेडफोन, दो पीओएस मशीन, सीपीयू, माउस, कीबोर्ड आदि बरामद किए हैं।
एक आरोपी कर चुका स्नातक, दो 12वीं पास, कंप्यूटर का रखते हैं ज्ञान
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि एक आरोपी अंशु स्नातक तक पढ़ा है। वहीं दो अन्य इंद्रजीत मलिक व चंद्रकांत 12वीं कक्षा पास हैं। इन्हें कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान है। यह पहले कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं। इनका रोजगार बंद हो गया था। ऐसे में उन्होंने ठगी के धंधे को अपना लिया। पुलिस का कहना है कि अभी तक की पूछताछ में पता लगा कि यह करीब पांच माह से इस अवैध धंधे में लगे थे।
वर्जन
अवैध कॉल सेंटर चला रहे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें रिमांड पर लिया गया है। आरोपी यूएसए के लोगों से ठगी करते थे। उनसे पूछताछ कर पता लगाया जाएगा कि उन्होंने कितने लोगों से ठगी की है। पुलिस ने मौके से उपकरण व अन्य सामान जब्त कर लिया है।
- अजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता

कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी।- फोटो : Sonipat