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दो छात्रों को 20-20 व तीसरे को सात साल की कैद
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Fri, 26 May 2017 11:23 PM IST
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सोनीपत में दुष्कर्म के दोषियों को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस।
- फोटो : amarujala beuro
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ओपी जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में अदालत ने दो दोषियों को 20-20 साल व तीसरे दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने दो दिन पहले ही दोषी करार दे दिया था, शुक्रवार को सजा सुनाई गई। मामले में दो दोषियों पर 20-20 हजार व एक पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न भरने पर 10 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
अप्रैल 2015 में लॉ डिपार्टमेंट के छात्रों पर दर्ज हुआ था केस
ओपी जिंदल विवि में सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट के तीन छात्रों ने विवि की 20 साल की छात्रा को ब्लैकमेल कर दो साल तक उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश किया था। बीबीए की छात्रा ने 11 अप्रैल, 2015 को राई थाना में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। छात्रा ने आरोप लगाया था कि तीनों के पास उसकी आपत्तिजनक तस्वीर है। आरोपी नवंबर, 2013 से ब्लैकमेल कर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश कर रहे हैं। तीनों आरोपी लॉ डिपार्टमेंट के अंतिम वर्ष के छात्र थे। उनके खिलाफ गैंग रेप और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था। छात्रा ने बताया था कि आरोपी हार्दिक सिकरी ने उससे कई बार संबंध बनाए और आरोपी करण छाबड़ा ने दो बार तथा विकास गर्ग ने एक बार उसका शारीरिक शोषण किया था। पुलिस ने मामले में मोहनपुरा, सोनीपत निवासी हार्दिक सिकरी, सेक्टर-15 निवासी विकास गर्ग और सेक्टर-14 निवासी करण छाबड़ा के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
हार्दिक ने की थी छात्रा से दोस्ती
छात्रा ने आरोप लगाया था कि उसके साथ हार्दिक सिकरी ने दोस्ती थी। एक माह के अंदर ही हार्दिक ने छात्रा से जबरन शारीरिक संबंध बना लिए। उसके बाद दोनों की दोस्ती जल्द ही खत्म हो गई थी। हार्दिक सिकरी ने उसे धमकी देकर उसकी आपत्तिजनक तस्वीर अपने मोबाइल पर मंगवा ली थी, जिसके बाद उसे डराकर उसके साथ दुष्कर्म किया जाता रहा। हार्दिक ने ही अपने दो साथियों विकास गर्ग व करण छाबड़ा से शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश किया था।
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अदालत ने तीनों को सुनाई सजा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी हार्दिक सिकरी व करण छाबड़ा को 20-20 साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में दोषी विकास गर्ग को अदालत ने सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
फूट-फूटकर रोने लगे आरोपी
अदालत परिसर में सजा सुनाए जाने के बाद तीनों आरोपी फूट-फूटकर रोने लगे। वहीं, उसके परिजनों की आंखें भी नम हो गई थीं। उनके परिजन उन्हें सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे।
यूं चला पूरा घटनाक्रम
-दिल्ली की छात्रा ने ओपी जिंदल विवि में अगस्त, 2013 में बीबीए में दाखिला लिया।
-छात्रा की 14 नवंबर, 2013 को आरोपी हार्दिक सिकरी से मुलाकात हो गई। जिसके बाद वह अच्छे दोस्त बन गए।
-एक माह के अंदर ही हार्दिक सिकरी ने छात्रा से जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
-अश्लील फोटो को वायरल करने की धमकी देकर हार्दिक ने करण छाबड़ा व विकास गर्ग से छात्रा को संबंध बनाने को विवश किया।
-11 अप्रैल, 2015 को छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया।
-12 अप्रैल, 2015 को हार्दिक सिकरी को गिरफ्तार किया।
-15 अप्रैल, 2015 को करण छाबड़ा व विकास गर्ग को गिरफ्तार किया गया।
-आरोपी विकास गर्ग को जमानत मिल गई।
-24 मई, 2017 को तीनों को दोषी करार दिया गया।
-26 मई को हार्दिक व करण छाबड़ा को 20-20 साल व विकास गर्ग को सात साल कैद की सजा सुनाई गई।
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अप्रैल 2015 में लॉ डिपार्टमेंट के छात्रों पर दर्ज हुआ था केस
ओपी जिंदल विवि में सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट के तीन छात्रों ने विवि की 20 साल की छात्रा को ब्लैकमेल कर दो साल तक उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश किया था। बीबीए की छात्रा ने 11 अप्रैल, 2015 को राई थाना में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। छात्रा ने आरोप लगाया था कि तीनों के पास उसकी आपत्तिजनक तस्वीर है। आरोपी नवंबर, 2013 से ब्लैकमेल कर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश कर रहे हैं। तीनों आरोपी लॉ डिपार्टमेंट के अंतिम वर्ष के छात्र थे। उनके खिलाफ गैंग रेप और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था। छात्रा ने बताया था कि आरोपी हार्दिक सिकरी ने उससे कई बार संबंध बनाए और आरोपी करण छाबड़ा ने दो बार तथा विकास गर्ग ने एक बार उसका शारीरिक शोषण किया था। पुलिस ने मामले में मोहनपुरा, सोनीपत निवासी हार्दिक सिकरी, सेक्टर-15 निवासी विकास गर्ग और सेक्टर-14 निवासी करण छाबड़ा के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
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हार्दिक ने की थी छात्रा से दोस्ती
छात्रा ने आरोप लगाया था कि उसके साथ हार्दिक सिकरी ने दोस्ती थी। एक माह के अंदर ही हार्दिक ने छात्रा से जबरन शारीरिक संबंध बना लिए। उसके बाद दोनों की दोस्ती जल्द ही खत्म हो गई थी। हार्दिक सिकरी ने उसे धमकी देकर उसकी आपत्तिजनक तस्वीर अपने मोबाइल पर मंगवा ली थी, जिसके बाद उसे डराकर उसके साथ दुष्कर्म किया जाता रहा। हार्दिक ने ही अपने दो साथियों विकास गर्ग व करण छाबड़ा से शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश किया था।
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अदालत ने तीनों को सुनाई सजा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी हार्दिक सिकरी व करण छाबड़ा को 20-20 साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में दोषी विकास गर्ग को अदालत ने सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
फूट-फूटकर रोने लगे आरोपी
अदालत परिसर में सजा सुनाए जाने के बाद तीनों आरोपी फूट-फूटकर रोने लगे। वहीं, उसके परिजनों की आंखें भी नम हो गई थीं। उनके परिजन उन्हें सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे।
यूं चला पूरा घटनाक्रम
-दिल्ली की छात्रा ने ओपी जिंदल विवि में अगस्त, 2013 में बीबीए में दाखिला लिया।
-छात्रा की 14 नवंबर, 2013 को आरोपी हार्दिक सिकरी से मुलाकात हो गई। जिसके बाद वह अच्छे दोस्त बन गए।
-एक माह के अंदर ही हार्दिक सिकरी ने छात्रा से जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
-अश्लील फोटो को वायरल करने की धमकी देकर हार्दिक ने करण छाबड़ा व विकास गर्ग से छात्रा को संबंध बनाने को विवश किया।
-11 अप्रैल, 2015 को छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया।
-12 अप्रैल, 2015 को हार्दिक सिकरी को गिरफ्तार किया।
-15 अप्रैल, 2015 को करण छाबड़ा व विकास गर्ग को गिरफ्तार किया गया।
-आरोपी विकास गर्ग को जमानत मिल गई।
-24 मई, 2017 को तीनों को दोषी करार दिया गया।
-26 मई को हार्दिक व करण छाबड़ा को 20-20 साल व विकास गर्ग को सात साल कैद की सजा सुनाई गई।