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एसडीएम का महज तबादला करना नाकाफी, हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया तो 7 से करेंगे घेराव : एसकेएम
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सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि करनाल में किसानों के सिर फोड़ने का आदेश देने वाले एसडीएम का महज तबादला नाकाफी है। यह कोई सजा नहीं है। इसे लेकर किसान मोर्चा चुप नहीं बैठेगा और कार्रवाई न होने पर 7 सितंबर से लघु सचिवालय का घेराव शुरू करेगा। साथ ही मोर्चा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए धान खरीद के लिए बनाए गए नए नियम किसान विरोधी हैं। ऐसा लगता है कि ये नियम समर्थन मूल्य पर कम से कम खरीद करने के लिए बनाए गए हैं। किसान संगठन नए नियमों को स्वीकार नहीं करेंगे।
कुंडली बॉर्डर पर वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर राजेवाल और डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि सरकार अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रही है मगर किसान चुप नहीं बैठेंगे। हत्या का मुकद्दमा दर्ज कर 6 सितंबर तक उन्हें बर्खास्त नहीं किये जाने पर 7 सितंबर से करनाल लघु सचिवालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा यह विरोध अब हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश से निकलकर पश्चिमी बंगाल, असम, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश तक पहुंच गया। वहां के विभिन्न जिलों में करनाल में लाठीचार्ज से जान गंवाने वाले सुशील काजल की शहादत को लेकर हरियाणा के सीएम का पुतला दहन कर एसडीएम को तुरंत बर्खास्त करके गिरफ्तार करने और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए। किसान अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे। इस मामले में सरकार को कार्रवाई करनी होगी।
धान खरीद के नए नियम किसान के हक में नहीं
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि धान की खरीद के केंद्र सरकार ने जो नए मापदंड जारी किए हैं, उनके खिलाफ किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक टूटे दाने की खरीद 25 से घटाकर 20 फीसदी, नमी 15 से घटाकर 14 फीसदी, नुकसान हुए धान की खरीद का प्रतिशत 3 से घटाकर 2 कर दिया। इतना ही नहीं अब तक लाल दाने 3 फीसदी तक लिए जाते थे मगर अब उनकी खरीद ही नहीं की जाएगी। एसकेएम ने कहा है कि सरकार की नीति से स्प्ष्ट होता है कि वह धान को किसानों से कम से कम धान समर्थन मूल्य पर खरीदना चाहती है। किसानों के विरोध के साथ साथ मिलर्स एसोसिएशन द्वारा भी नए मापदंडों का विरोध किया जा रहा है।
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25 सितंबर के भारत बंद को बनाया जाएगा प्रभावशाली
26-27 अगस्त को कुंडली बॉर्डर पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए गए फैसले के अनुसार विभिन्न राज्यों में संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समितियों के गठन के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में बैठकें हो चुकी हैं। मध्यप्रदेश में 3 सितंबर और उत्तर प्रदेश में 9-10 सितंबर को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। जबकि बिहार में 11 सितंबर को बैठक होगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि 25 सितंबर के पहले सभी राज्यों में समन्वय समितियां गठित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि मोर्चा में अधिक से अधिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही भारत बंद को पहले से अधिक प्रभावशाली बनाकर सरकार पर दबाव बनाया सके।
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कुंडली बॉर्डर पर वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर राजेवाल और डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि सरकार अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रही है मगर किसान चुप नहीं बैठेंगे। हत्या का मुकद्दमा दर्ज कर 6 सितंबर तक उन्हें बर्खास्त नहीं किये जाने पर 7 सितंबर से करनाल लघु सचिवालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा यह विरोध अब हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश से निकलकर पश्चिमी बंगाल, असम, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश तक पहुंच गया। वहां के विभिन्न जिलों में करनाल में लाठीचार्ज से जान गंवाने वाले सुशील काजल की शहादत को लेकर हरियाणा के सीएम का पुतला दहन कर एसडीएम को तुरंत बर्खास्त करके गिरफ्तार करने और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए। किसान अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे। इस मामले में सरकार को कार्रवाई करनी होगी।
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धान खरीद के नए नियम किसान के हक में नहीं
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि धान की खरीद के केंद्र सरकार ने जो नए मापदंड जारी किए हैं, उनके खिलाफ किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक टूटे दाने की खरीद 25 से घटाकर 20 फीसदी, नमी 15 से घटाकर 14 फीसदी, नुकसान हुए धान की खरीद का प्रतिशत 3 से घटाकर 2 कर दिया। इतना ही नहीं अब तक लाल दाने 3 फीसदी तक लिए जाते थे मगर अब उनकी खरीद ही नहीं की जाएगी। एसकेएम ने कहा है कि सरकार की नीति से स्प्ष्ट होता है कि वह धान को किसानों से कम से कम धान समर्थन मूल्य पर खरीदना चाहती है। किसानों के विरोध के साथ साथ मिलर्स एसोसिएशन द्वारा भी नए मापदंडों का विरोध किया जा रहा है।
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25 सितंबर के भारत बंद को बनाया जाएगा प्रभावशाली
26-27 अगस्त को कुंडली बॉर्डर पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए गए फैसले के अनुसार विभिन्न राज्यों में संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समितियों के गठन के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में बैठकें हो चुकी हैं। मध्यप्रदेश में 3 सितंबर और उत्तर प्रदेश में 9-10 सितंबर को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। जबकि बिहार में 11 सितंबर को बैठक होगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि 25 सितंबर के पहले सभी राज्यों में समन्वय समितियां गठित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि मोर्चा में अधिक से अधिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही भारत बंद को पहले से अधिक प्रभावशाली बनाकर सरकार पर दबाव बनाया सके।