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800 करोड़ के ट्रैक पर दो माह में मात्र 60 हजार की कमाई
प्रदीप कौशिक/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:36 AM IST
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रेलवे स्टेशन पर लगा सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन का बोर्ड।
- फोटो : sonipat
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डेढ़ दशक के लंबा इंतजार व 800 करोड़ में चालू हुए सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे ट्रैक पर सपनों की ट्रेन दो माह से धकमपेल हो रही है। न तो ट्रेन का यात्रियों का फायदा हो रहा और न ही रेलवे को मुनाफा। बल्कि दो माह में सोनीपत स्टेशन को मात्र 60 हजार रुपये की आय हुई है।
2008 में सोनीपत-जींद रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। दिसंबर 2015 में जाकर इस लाइन का कार्य पूरा हो सका। नई रेलवे लाइन की कुल लंबाई 79 किलोमीटर है। सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन की परिकल्पना वर्ष 2005 में की गई थी। 2007 में जमीनी स्तर पर रेलवे लाइन को लेकर काम शुरू हुआ। उस समय रेल लाइन की लागत 250 करोड़ रुपये थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं के चलते इसका बजट बढ़कर 800 करोड़ रुपये हो गया।
दो माह पहले शुरू हुआ था ट्रेन का आवागमन
26 जून को सोनीपत रेलवे स्टेशन से नई रेलवे लाइन पर पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत हुई थी। चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु व सीएम मनोहरलाल खट्टर द्वारा सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन को हरी झंडी दिखाई गई थी। ट्रेन चलने पर लोगों ने हर स्टेशन पर स्वागत किया गया था, लेकिन बाद में लोगों को इस ट्रेन से सफर करना रास नहीं आया।
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किसी के काम का नहीं टाइम टेबल, आम यात्री से व्यापारी उठा चुके हैं सवाल
दोपहर के समय चलने वाली पैसेंजर ट्रेन की समय सारणी पर आम यात्री से लेकर व्यापारी तक सवाल उठा चुके है। जींद से सुबह 10:30 चलकर गोहाना 11 बजकर 39 मिनट पर पहुंचती है। गाड़ी के सोनीपत पहुंचने का समय 12 बजकर 50 मिनट है। इस कारण सुबह न तो दैनिक यात्रियों और न ही व्यापारियों को गाड़ी का फायदा है। वहीं, गाड़ी की वापस सोनीपत से एक बजकर 10 मिनट पर रवाना होती है, जो एक बजकर 58 मिनट पर पहुंचती है। साथ ही जींद वापस जाने का समय 3 बजकर 20 मिनट है। यात्रियों व व्यापारी ने रेलवे से सुबह व शाम गाड़ी चलाने की मांग की थी, लेकिन कोई रेलवे ने कोई बदलाव नहीं किया है।
डेढ़ माह पहले किया था जीएम अधिकारियों का दौरा
नई रेलवे लाइन पर पैसेंजर ट्रेन का आवागमन शुरू होने के बाद 13 जुलाई को उत्तर रेलवे के जीएम एके पुठिया ने अधिकारियों संग नई रेलवे लाइन का दौरा किया था। इस दौरान यात्रियों व व्यापारियों ने जीएम को मांगपत्र सौंपकर ट्रेन के टाइम टेबल में बदलाव, नई रेलवे लाइन पर सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी कर चुके हैं। जीएम ने उनकी मांगों को रेल मंत्रालय तक पहुंचाकर पूरा करवाने का आश्वासन दिया था।
दो माह बाद टाइम टेबल में बदलाव की संभावना
रेल मंत्रालय एक अक्टूबर से ट्रेनों का टाइम टेबल में बदलाव करने जा रहा है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस दौरान सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर चलने वाली इकलौती ट्रेन के टाइम टेबल में बदलाव हो सकता है। वहीं, नई ट्रेन चलाने के लिए यात्रियों को अभी और समय झेलना पड़ेगा। फरवरी में पेश होने वाले बजट के दौरान नई ट्रेन की घोषणा हो सकती है।
रेल मंत्रालय की ओर से एक अक्टूबर से ट्रेन के समय में बदलाव किया जा रहा है। फिलहाल अधिकारियों द्वारा ट्रेनों का नया टाइम शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर चलने वाली नई ट्रेन के समय पर ध्यान दिया जाएगा।
कुलतार सिंह, पीआरओ, रेलवे
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2008 में सोनीपत-जींद रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। दिसंबर 2015 में जाकर इस लाइन का कार्य पूरा हो सका। नई रेलवे लाइन की कुल लंबाई 79 किलोमीटर है। सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन की परिकल्पना वर्ष 2005 में की गई थी। 2007 में जमीनी स्तर पर रेलवे लाइन को लेकर काम शुरू हुआ। उस समय रेल लाइन की लागत 250 करोड़ रुपये थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं के चलते इसका बजट बढ़कर 800 करोड़ रुपये हो गया।
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दो माह पहले शुरू हुआ था ट्रेन का आवागमन
26 जून को सोनीपत रेलवे स्टेशन से नई रेलवे लाइन पर पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत हुई थी। चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु व सीएम मनोहरलाल खट्टर द्वारा सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन को हरी झंडी दिखाई गई थी। ट्रेन चलने पर लोगों ने हर स्टेशन पर स्वागत किया गया था, लेकिन बाद में लोगों को इस ट्रेन से सफर करना रास नहीं आया।
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किसी के काम का नहीं टाइम टेबल, आम यात्री से व्यापारी उठा चुके हैं सवाल
दोपहर के समय चलने वाली पैसेंजर ट्रेन की समय सारणी पर आम यात्री से लेकर व्यापारी तक सवाल उठा चुके है। जींद से सुबह 10:30 चलकर गोहाना 11 बजकर 39 मिनट पर पहुंचती है। गाड़ी के सोनीपत पहुंचने का समय 12 बजकर 50 मिनट है। इस कारण सुबह न तो दैनिक यात्रियों और न ही व्यापारियों को गाड़ी का फायदा है। वहीं, गाड़ी की वापस सोनीपत से एक बजकर 10 मिनट पर रवाना होती है, जो एक बजकर 58 मिनट पर पहुंचती है। साथ ही जींद वापस जाने का समय 3 बजकर 20 मिनट है। यात्रियों व व्यापारी ने रेलवे से सुबह व शाम गाड़ी चलाने की मांग की थी, लेकिन कोई रेलवे ने कोई बदलाव नहीं किया है।
डेढ़ माह पहले किया था जीएम अधिकारियों का दौरा
नई रेलवे लाइन पर पैसेंजर ट्रेन का आवागमन शुरू होने के बाद 13 जुलाई को उत्तर रेलवे के जीएम एके पुठिया ने अधिकारियों संग नई रेलवे लाइन का दौरा किया था। इस दौरान यात्रियों व व्यापारियों ने जीएम को मांगपत्र सौंपकर ट्रेन के टाइम टेबल में बदलाव, नई रेलवे लाइन पर सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी कर चुके हैं। जीएम ने उनकी मांगों को रेल मंत्रालय तक पहुंचाकर पूरा करवाने का आश्वासन दिया था।
दो माह बाद टाइम टेबल में बदलाव की संभावना
रेल मंत्रालय एक अक्टूबर से ट्रेनों का टाइम टेबल में बदलाव करने जा रहा है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस दौरान सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर चलने वाली इकलौती ट्रेन के टाइम टेबल में बदलाव हो सकता है। वहीं, नई ट्रेन चलाने के लिए यात्रियों को अभी और समय झेलना पड़ेगा। फरवरी में पेश होने वाले बजट के दौरान नई ट्रेन की घोषणा हो सकती है।
रेल मंत्रालय की ओर से एक अक्टूबर से ट्रेन के समय में बदलाव किया जा रहा है। फिलहाल अधिकारियों द्वारा ट्रेनों का नया टाइम शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर चलने वाली नई ट्रेन के समय पर ध्यान दिया जाएगा।
कुलतार सिंह, पीआरओ, रेलवे