कुंडली-सिंघु बॉर्डर: 385 दिन बाद शुरू हुआ आवागमन, तीन लेन चालू, मरम्मत पूरी होने तक नहीं गुजरेंगे बड़े वाहन
कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 385 दिन बाद आवागमन शुरू हुआ। शुरुआत में छोटे वाहनों को चलने की इजाजत रही। मरम्मत पूरी होने तक बड़े वाहन यहां से नहीं गुजरेंगे।
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किसानों की घर वापसी के बाद आखिरकार 385 दिन के बाद कुंडली-सिंघु बॉर्डर से एक बार फिर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। हालांकि अभी इसे केवल छोटे वाहनों के लिए ही खोला गया है। प्रशासन का दावा है कि मरम्मत का काम पूरा होते ही भारी वाहनों के लिए भी मार्ग खोल दिया जाएगा। अभी तीन लेन से ही आवागमन हो सकेगा, जबकि बाकी लेन को बंद रखा जाएगा। वाहन चालकों को अभी धीमी गति से संभलकर चलना होगा।
कुंडली-सिंघु बॉर्डर से किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद 11 दिसंबर को किसानों ने वापसी शुरू कर दी थी। साथ ही प्रशासन ने बॉर्डर को खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई। हरियाणा की तरफ करीब 10 किलोमीटर के क्षेत्र में दो दिन के भीतर ही सफाई से लेकर मिट्टी व पत्थर डालकर मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया था, लेकिन दिल्ली की ओर से सिंघु बॉर्डर पर बनीं कंक्रीट की दीवारों को हटाने में तीन दिन से भी ज्यादा समय लगा।
वहीं, दीवार हटाने के बाद वहां सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए, जिसका परिणाम यह हुआ कि बुधवार को दोपहर तक भी बॉर्डर को खोला नहीं जा सका। सोनीपत प्रशासन ने दोपहर बाद तीन बजे बॉर्डर को खुलवाया और छोटे वाहनों का आवागमन शुरू करवाया। डीसी ललित सिवाच और एसपी राहुल शर्मा बॉर्डर पर पहुंचे और निरीक्षण के बाद आवागमन शुरू करने के निर्देश दे दिए, लेकिन कुछ देर बाद ही दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड अड़ाकर फिर से रास्ता बंद कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि मरम्मत का काम पूरा न होने के कारण रास्ता बंद किया गया है। इसमें पूरे दो घंटे लगे और शाम 6 बजे फिर से बॉर्डर से बैरिकेड हटा दिए गए। फिलहाल दोनों ओर से केवल तीन लेन ही चालू की गई हैं, जिसके कारण केवल छोटे वाहन ही आवागमन कर पाएंगे। बाकी लेन को मरम्मत का काम पूरा होने के बाद खोला जाएगा।
बॉर्डर खुलने की सूचना पर लगी भीड़, बनी रही जाम की स्थिति
बुधवार को सुबह से ही बॉर्डर खुलने व आवागमन शुरू होने की सूचना पर दिल्ली आवागमन के लिए बहुत से वाहन बॉर्डर की तरफ बढ़े थे, लेकिन रास्ता खुला न मिलने के कारण उन्हें यू टर्न लेना पड़ा। उसके बाद दूसरे लिंक मार्गों से होकर जाना पड़ा। ऐसे में बॉर्डर के दोनों ओर कई बार लंबा जाम लगा, जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट किया।
लोग बोले-अब समय पर पहुंच सकेंगे कार्यालय
एनएच-44 पर वाहनों का आवागमन शुरू होने से यहां से लोगों को काफी राहत मिली। आसपास क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वह अब समय पर ड्यूटी पर जा सकेंगे। सुनील, नीरज, राकेश, मनोज ने बताया कि उन्हें रोजाना ड्यूटी पर जाने के लिए काफी घूमकर जाना पड़ता था। अब छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुल गया है। ऐसे में वह आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
डीसी बोले- बॉर्डर पर धीमा रखें ट्रैफिक
डीसी ललित सिवाच ने कहा कि फिलहाल केवल शुरुआती स्तर के इंतजाम किए गए हैं। मरम्मत के कार्य पर एनजीटी ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में मिट्टी व पत्थर डालकर गड्ढों को भरा गया है। छोटे वाहनों को ही यहां से गुजारा जा सकेगा, जबकि भारी वाहनों को फिलहाल लिंक मार्गों से होकर ही जाना होगा। वाहन चालकों को ट्रैफिक धीमा रखना होगा और संभलकर वाहन चलाना होगा।