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दिल्ली, यूपी के भारी वाहनों की शहर में दो माह तक नो एंट्री
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:45 AM IST
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- फोटो : sonipat
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दिल्ली बॉर्डर से करनाल के मूनक तक नए एक्सप्रेस-वे निर्माण की आस जगी है। जीटी रोड से यातायात के दबाव को कम करने के लिए प्रदेश सरकार के अहम प्रोजेक्ट पश्चिमी यमुना नहर के साथ-साथ दिल्ली को सोनीपत-पानीपत-करनाल व यमुनानगर से एक साथ जोड़ने के लिए नए एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। सर्वे की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर करीब 350 करोड़ का एस्टिमेट एचएसआरडीसी की ओर से बनाया जा रहा है।
दिसंबर, 2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पश्चिमी यमुना नहर के साथ बवाना-सोनीपत-पानीपत-मूनक-करनाल-इंद्री-यमुनानगर तक एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर घोषणा की थी। इस पर उन्होंने विस्तृत परियोजना की रिपोर्ट तैयार करने की स्वीकृति दी थी, जिसके सर्वे की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई। सरकार के अहम प्रोजेक्ट को लेकर सोनीपत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक तक सर्वे किया गया। बाद में सरकार की ओर से एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जिम्मेवारी हरियाणा स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एचएसआरडीसी) को सौंपी गई थी।
बवाना से मुनक तक पुलों और बाईपास का होगा निर्माण
नए एक्सप्रेस-वे पर 10 मीटर की तीन सर्विस लेन का निर्माण किया जाना है। सर्वे के मुताबिक बनने वाले नए एक्सप्रेस-वे पर बवाना से मुनक तक छह पुलों का निर्माण किया जा सकता है। इसके अंतर्गत पानीपत-गोहाना रेलवे लाइन व पानीपत-जींद रेलवे लाइन पर दो आरओबी का निर्माण, वहीं निर्माणाधीन कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे और पानीपत-रोहतक रोड पर अंडरब्रिज तथा सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन व पानीपत-रिफाइनरी रेलवे लाइन पर दो आरयूबी बनाए जाएंगे।
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विवादों में उलझी फिजिबिलिटी रिपोर्ट अब हुई पूरी
नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए पिछले डेढ़ वर्ष से एचएसआरडीसी की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया गया था। अक्टूबर 2015 में उस कंपनी ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी थी, लेकिन उस रिपोर्ट में कई खामियां निकलने पर दोबारा से कंपनी को रिपोर्ट तैयार करने के आदेश मिले थे। लेकिन करनाल में मुनक-घोघड़ीपुर के बीच नहरों के साथ करीब 20 एकड़ जमीन ऐसी है, जिसका कोई भी मालिक नहीं है। एचएसआरडीसी की ओर से उस जमीन की जानकारी देने के लिए करनाल जिला प्रशासन को अवगत कराया गया, जिसके बाद करनाल प्रशासन से मदद मिलने के बाद रिपोर्ट को तैयार किया गया।
नहरों के पैरलल एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर सर्वे पूरा कर लिया गया है। विभाग की ओर से एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। दिल्ली बॉर्डर से करनाल के मुनक नहर तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
एसके नागपाल, एसडीओ, एचएसआरडीसी
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दिसंबर, 2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पश्चिमी यमुना नहर के साथ बवाना-सोनीपत-पानीपत-मूनक-करनाल-इंद्री-यमुनानगर तक एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर घोषणा की थी। इस पर उन्होंने विस्तृत परियोजना की रिपोर्ट तैयार करने की स्वीकृति दी थी, जिसके सर्वे की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई। सरकार के अहम प्रोजेक्ट को लेकर सोनीपत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक तक सर्वे किया गया। बाद में सरकार की ओर से एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जिम्मेवारी हरियाणा स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एचएसआरडीसी) को सौंपी गई थी।
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बवाना से मुनक तक पुलों और बाईपास का होगा निर्माण
नए एक्सप्रेस-वे पर 10 मीटर की तीन सर्विस लेन का निर्माण किया जाना है। सर्वे के मुताबिक बनने वाले नए एक्सप्रेस-वे पर बवाना से मुनक तक छह पुलों का निर्माण किया जा सकता है। इसके अंतर्गत पानीपत-गोहाना रेलवे लाइन व पानीपत-जींद रेलवे लाइन पर दो आरओबी का निर्माण, वहीं निर्माणाधीन कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे और पानीपत-रोहतक रोड पर अंडरब्रिज तथा सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन व पानीपत-रिफाइनरी रेलवे लाइन पर दो आरयूबी बनाए जाएंगे।
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विवादों में उलझी फिजिबिलिटी रिपोर्ट अब हुई पूरी
नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए पिछले डेढ़ वर्ष से एचएसआरडीसी की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया गया था। अक्टूबर 2015 में उस कंपनी ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी थी, लेकिन उस रिपोर्ट में कई खामियां निकलने पर दोबारा से कंपनी को रिपोर्ट तैयार करने के आदेश मिले थे। लेकिन करनाल में मुनक-घोघड़ीपुर के बीच नहरों के साथ करीब 20 एकड़ जमीन ऐसी है, जिसका कोई भी मालिक नहीं है। एचएसआरडीसी की ओर से उस जमीन की जानकारी देने के लिए करनाल जिला प्रशासन को अवगत कराया गया, जिसके बाद करनाल प्रशासन से मदद मिलने के बाद रिपोर्ट को तैयार किया गया।
नहरों के पैरलल एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर सर्वे पूरा कर लिया गया है। विभाग की ओर से एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। दिल्ली बॉर्डर से करनाल के मुनक नहर तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
एसके नागपाल, एसडीओ, एचएसआरडीसी