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Sonipat News: सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा वीरवार, 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया न्यूनतम तापमान
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कड़ाके की ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनकर जातीं युवतियां। संवाद
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में हैं। बर्फीली हवाओं ने लोग ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। वीरवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिससे वीरवार सर्द मौसम का अब तक का सबसे ठंड दिन रहा। जबकि अधिकतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो सप्ताह के अंत तक ठंड लोगों को इसी प्रकार परेशान करेगी। हालांकि उसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से बर्फीली हवाएं दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहुंच रही है। वातावरण में नमी अधिक होने से लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार दोपहर को खिली धूप भी लोगों को ठंड से राहत नहीं दिला पाई। सूरज ढलते ही फिर से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज हुई। कड़ाके की ठंड से लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी झेलनी पड़ी। कड़ाके की ठंड के बीच बुजुर्गों व छोटे बच्चों के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। चिकित्सक भी ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं।
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है ऐसा मौसम
मौसम का मिजाज भले ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, लेकिन रबी सीजन की फसलों के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है। सबसे अधिक फायदा गेहूं की फसल को पहुंच रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड अधिक होने से गेहूं की ग्रोथ बेहतर होगी। किसान आवश्यकतानुसार ही फसलों की सिंचाई करे। तापमान में आई गिरावट से सब्जी उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में हैं। वीरवार को 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चल रही है। जिससे तापमान में लगातार गिरावट बनी हुई है। सप्ताह के अंत तक इसी प्रकार का मौमस बना रहेगा। उसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से बर्फीली हवाएं दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहुंच रही है। वातावरण में नमी अधिक होने से लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार दोपहर को खिली धूप भी लोगों को ठंड से राहत नहीं दिला पाई। सूरज ढलते ही फिर से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज हुई। कड़ाके की ठंड से लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी झेलनी पड़ी। कड़ाके की ठंड के बीच बुजुर्गों व छोटे बच्चों के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। चिकित्सक भी ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं।
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गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है ऐसा मौसम
मौसम का मिजाज भले ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, लेकिन रबी सीजन की फसलों के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है। सबसे अधिक फायदा गेहूं की फसल को पहुंच रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड अधिक होने से गेहूं की ग्रोथ बेहतर होगी। किसान आवश्यकतानुसार ही फसलों की सिंचाई करे। तापमान में आई गिरावट से सब्जी उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में हैं। वीरवार को 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चल रही है। जिससे तापमान में लगातार गिरावट बनी हुई है। सप्ताह के अंत तक इसी प्रकार का मौमस बना रहेगा। उसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत