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स्कूल को स्थायी मान्यता देने के नाम पर तीन लाख लेते डीईईओ कार्यालय का क्लर्क गिरफ्तार, डीईईओ भी नामजद
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रिश्वत लेते पकड़ा गया डीईईओ कार्यालय का क्लर्क विजिलेंस टीम के साथ।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। रोहतक विजिलेंस की टीम ने मॉडल टाउन स्थित डीईईओ कार्यालय मेें क्लर्क को तीन लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डीईईओ ने निजी स्कूल संचालक को आठवीं कक्षा तक स्थायी मान्यता देने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की थी, जिस पर स्कूल संचालक की पत्नी ने मामले की शिकायत विजिलेंस रोहतक की टीम को दी थी। विजिलेंस की टीम ने डीईईओ के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए उनके क्लर्क को पकड़ा है। विजिलेंस की टीम आरोपी डीईईओ की तलाश कर रही है। गिरफ्तार क्लर्क को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गांव कथूरा की रहने वाली अधिवक्ता मीना कुमारी ने बताया कि उनके पति गांव कथूरा में किड्स वैली नाम से स्कूल चलाते हैं। स्कूल में आठवीं कक्षा तक की मान्यता लेने के लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामफल धनखड़ के कार्यालय में दिसंबर, 2019 में आवेदन किया था। उनका आरोप है कि मान्यता देने की एवज में उनसे उनसे 29 फरवरी को तीन लाख रुपये मांगे थे। उसके बाद बार-बार कॉल कर जल्द नकदी देने की बात कही। मामले को लेकर विजिलेंस रोहतक की टीम से संपर्क किया, जिस पर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। उस पर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एएसआई मनोज, नवीन, अनुराग, सिपाही दिनेश की टीम बनाई गई। तहसीलदार सोनीपत विकास कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इसके बाद तीन लाख रुपये की नकदी पर पाउडर लगाकर शिकायतकर्ता को दी गई। टीम सोमवार को तीसरे पहर मॉडल टाउन स्थित डीईईओ कार्यालय में पहुंची। वहां पर शिकायतकर्ता ने क्लर्क पवन को रिश्वत की राशि दी तो टीम ने उसे रंगेहाथ काबू कर लिया। पवन के पास से 500-500 के 600 नोट बरामद किए गए। इस दौरान डीईईओ कार्यालय से निकल गए। विजिलेंस टीम क्लर्क पवन को लेकर सामान्य अस्पताल मेें पहुंची और उनका मेडिकल कराया गया। विजिलेंस मामले की जांच में जुट गई है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शिकायतकर्ता ने कहा स्कूल में निरीक्षण के दौरान बताई खामियां
अधिवक्ता मीना कुमारी ने बताया कि जब स्कूल को आठवीं कक्षा तक मान्यता देने के लिए आवेदन किया तो उसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण किया था। उस समय उन्होंने कई खामियां बताकर फाइल कैंसिल करने की बात कही। बाद में मान्यता देने की एवज में रिश्वत की मांग की गई।
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स्कूल को मान्यता देने की एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जिस पर टीम गठित कर तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। डीईईओ कार्यालय में छापेमारी के दौरान क्लर्क को रिश्वत के तीन लाख रुपये के साथ काबू किया गया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के बारे में सबूत जुटाने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी को प्रयास किया जा रहा है।
- प्रदीप, इंस्पेक्टर, विजिलेंस रोहतक।
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गांव कथूरा की रहने वाली अधिवक्ता मीना कुमारी ने बताया कि उनके पति गांव कथूरा में किड्स वैली नाम से स्कूल चलाते हैं। स्कूल में आठवीं कक्षा तक की मान्यता लेने के लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामफल धनखड़ के कार्यालय में दिसंबर, 2019 में आवेदन किया था। उनका आरोप है कि मान्यता देने की एवज में उनसे उनसे 29 फरवरी को तीन लाख रुपये मांगे थे। उसके बाद बार-बार कॉल कर जल्द नकदी देने की बात कही। मामले को लेकर विजिलेंस रोहतक की टीम से संपर्क किया, जिस पर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। उस पर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एएसआई मनोज, नवीन, अनुराग, सिपाही दिनेश की टीम बनाई गई। तहसीलदार सोनीपत विकास कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इसके बाद तीन लाख रुपये की नकदी पर पाउडर लगाकर शिकायतकर्ता को दी गई। टीम सोमवार को तीसरे पहर मॉडल टाउन स्थित डीईईओ कार्यालय में पहुंची। वहां पर शिकायतकर्ता ने क्लर्क पवन को रिश्वत की राशि दी तो टीम ने उसे रंगेहाथ काबू कर लिया। पवन के पास से 500-500 के 600 नोट बरामद किए गए। इस दौरान डीईईओ कार्यालय से निकल गए। विजिलेंस टीम क्लर्क पवन को लेकर सामान्य अस्पताल मेें पहुंची और उनका मेडिकल कराया गया। विजिलेंस मामले की जांच में जुट गई है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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शिकायतकर्ता ने कहा स्कूल में निरीक्षण के दौरान बताई खामियां
अधिवक्ता मीना कुमारी ने बताया कि जब स्कूल को आठवीं कक्षा तक मान्यता देने के लिए आवेदन किया तो उसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण किया था। उस समय उन्होंने कई खामियां बताकर फाइल कैंसिल करने की बात कही। बाद में मान्यता देने की एवज में रिश्वत की मांग की गई।
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स्कूल को मान्यता देने की एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जिस पर टीम गठित कर तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। डीईईओ कार्यालय में छापेमारी के दौरान क्लर्क को रिश्वत के तीन लाख रुपये के साथ काबू किया गया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के बारे में सबूत जुटाने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी को प्रयास किया जा रहा है।
- प्रदीप, इंस्पेक्टर, विजिलेंस रोहतक।