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बावल में बन रहा गुरु महाराज का मंदिर भव्य बनेगा : बाबा उमाकान्त
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गुरु महाराज के मंदिर का हो रहा निर्माण। स्त्रोत: मंदिर
फोटो: 22
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। संत बाबा उमाकान्त महाराज ने रविवार को सत्संग के दौरान बावल में निर्माणाधीन गुरु महाराज के मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंदिर का निर्माण इतिहास बनेगा। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में प्रेमी मंदिर निर्माण में सेवा कर रहे हैं। कई सेवादार ऊंचाई और गुंबद के बीच तक पहुंचकर भी सेवा कर रहे हैं।
बाबा उमाकान्त महाराज ने अपने गुरु महाराज के मंदिर निर्माण का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस समय बाहर से इंजीनियरों को बुलाकर डिजाइन तैयार कराया गया था। मंदिर के निर्माण में करीब साढ़े चार साल लगे थे। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज ने मंदिर निर्माण में काफी समय दिया और इसके बाद आगे की व्यवस्था भी कराई।
उन्होंने बताया कि गुरु महाराज सत्संग के दौरान प्रेमियों से मंदिर में जाकर दर्शन करने और प्रसाद लेने के लिए कहते थे। उनका कहना था कि जब तक वे हैं, तब तक वहां से लाभ लिया जाए।
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बाबा उमाकान्त महाराज ने कहा कि व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सेवा करता है तो उसे मन की शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि जिन्हें लोग अनुभवहीन समझते हैं, वे भी मेहनत और लगन से अनुभवी लोगों व इंजीनियरों जैसी समझ हासिल कर सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। संत बाबा उमाकान्त महाराज ने रविवार को सत्संग के दौरान बावल में निर्माणाधीन गुरु महाराज के मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंदिर का निर्माण इतिहास बनेगा। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में प्रेमी मंदिर निर्माण में सेवा कर रहे हैं। कई सेवादार ऊंचाई और गुंबद के बीच तक पहुंचकर भी सेवा कर रहे हैं।
बाबा उमाकान्त महाराज ने अपने गुरु महाराज के मंदिर निर्माण का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस समय बाहर से इंजीनियरों को बुलाकर डिजाइन तैयार कराया गया था। मंदिर के निर्माण में करीब साढ़े चार साल लगे थे। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज ने मंदिर निर्माण में काफी समय दिया और इसके बाद आगे की व्यवस्था भी कराई।
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उन्होंने बताया कि गुरु महाराज सत्संग के दौरान प्रेमियों से मंदिर में जाकर दर्शन करने और प्रसाद लेने के लिए कहते थे। उनका कहना था कि जब तक वे हैं, तब तक वहां से लाभ लिया जाए।
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बाबा उमाकान्त महाराज ने कहा कि व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सेवा करता है तो उसे मन की शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि जिन्हें लोग अनुभवहीन समझते हैं, वे भी मेहनत और लगन से अनुभवी लोगों व इंजीनियरों जैसी समझ हासिल कर सकते हैं।