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Sonipat News: दिव्यांगों पर भारी पड़ रही चिकित्सक की कमी, नहीं बन रहे दिव्यांगता प्रमाणपत्र
Thu, 20 Feb 2025 01:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:38 AM IST
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फोटो 09: सोनीपत सिविल सर्जन कार्यालय में दिव्यांगता जांच के लिए पंजीकरण कराने को लगी भीड़। संवा
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दिव्यांगों पर भारी पड़ रही है। इससे समय पर विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) नहीं बन पा रहे। जबकि नई गाइडलाइन के तहत यूडीआईडी जारी करने के लिए दो हड्डी विशेषज्ञ जरूरी हैं।
बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में यूडीआईडी बनवाने आए दिव्यांगों को उस समय परेशानी हुई, जब चिकित्सा बोर्ड में एक हड्डी विशेषज्ञ ही मौजूद मिला, दूसरे चिकित्सक के नहीं होने से दिव्यांगों को वापस लौटना पड़ा। जांच न होने से मायूस दिव्यांगों ने उप सिविल सर्जन डॉ. स्वराज चौधरी को शिकायत दी। उप सिविल सर्जन ने उन्हें चिकित्सा जांच कराने के लिए 25 फरवरी को दोबारा बुलाया है। जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को भीड़ अधिक होने से सैकड़ों दिव्यांगों की जांच नहीं हो पाई। इस कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। दिव्यांगों की जांच के लिए दो हड्डी रोग विशेषज्ञ की जांच जरूरी हैं। वर्तमान में हड्डी विशेषज्ञ डॉ. विपिन दलाल सेवाएं दे रहे हैं, जबकि डॉ. दीपक मलिक 10 जनवरी को नौकरी छोड़ चुके हैं। उनके स्थान पर मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और चिकित्सक को बुलाया था। पिछले सप्ताह उनका एक्सीडेंट हो गया था। इससे वह अस्पताल में नहीं आ सके। बुधवार को एक हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं हाेने से जांच पूरी नहीं हो पाई। नाराज दिव्यांग उप सिविल सर्जन डाॅ. स्वराज चौधरी से मिलने पहुंचे। दिव्यांगों ने चिकित्सा जांच के लिए उचित व्यवस्था करवाने की मांग की। इस पर उप सिविल सर्जन ने दिव्यांगों को सिविल सर्जन से बात कर व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। कई दिव्यांगों को न्यूरोलॉजिस्ट की जांच रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया, इसके लिए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर किया गया।
बोले दिव्यांग
दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तीन महीने से नागरिक अस्पताल के चक्कर काट रहा हूं। हर बार कोई न कोई अड़चन आ जाती है। एक ही चिकित्सक होने से परेशानी हो रही है।
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- जयकिशन, सोनीपत
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मैं अपनी मां के साथ दिव्यांगता प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराने आई थी। भीड़ होने से जांच के लिए नंबर ही नहीं आया। अब मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
- बरखा, तारा नगर
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मुझे बोलने में कंपन होती है। दो सप्ताह से अस्पताल के चक्कर काट रही हूं। हर बुधवार को भीड़ ज्यादा होती है। नंबर न आने के कारण आज भी वापस लौटना पड़ रहा है।
- राजेश, सिसाना
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मेरे दाएं हाथ का अंगूठा नहीं है। जांच कराने के लिए काफी समय से चक्कर काट रहा हूं। मायूस होकर हर बार लौटना पड़ता है। बार-बार चक्कर काटकर दुखी हो चुका हूं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा।
- अंकित, कथूरा
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25 फरवरी तक हड्डी रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था कर ली जाएगी। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के चलते राजपत्रित अवकाश है। अस्पताल में 25 फरवरी को मेडिकल बोर्ड बैठाया जाएगा। इससे दिव्यांगों को जांच कराने के लिए परेशानी नहीं होगी।
- डॉ. स्वराज चौधरी, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग
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बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में यूडीआईडी बनवाने आए दिव्यांगों को उस समय परेशानी हुई, जब चिकित्सा बोर्ड में एक हड्डी विशेषज्ञ ही मौजूद मिला, दूसरे चिकित्सक के नहीं होने से दिव्यांगों को वापस लौटना पड़ा। जांच न होने से मायूस दिव्यांगों ने उप सिविल सर्जन डॉ. स्वराज चौधरी को शिकायत दी। उप सिविल सर्जन ने उन्हें चिकित्सा जांच कराने के लिए 25 फरवरी को दोबारा बुलाया है। जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को भीड़ अधिक होने से सैकड़ों दिव्यांगों की जांच नहीं हो पाई। इस कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। दिव्यांगों की जांच के लिए दो हड्डी रोग विशेषज्ञ की जांच जरूरी हैं। वर्तमान में हड्डी विशेषज्ञ डॉ. विपिन दलाल सेवाएं दे रहे हैं, जबकि डॉ. दीपक मलिक 10 जनवरी को नौकरी छोड़ चुके हैं। उनके स्थान पर मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और चिकित्सक को बुलाया था। पिछले सप्ताह उनका एक्सीडेंट हो गया था। इससे वह अस्पताल में नहीं आ सके। बुधवार को एक हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं हाेने से जांच पूरी नहीं हो पाई। नाराज दिव्यांग उप सिविल सर्जन डाॅ. स्वराज चौधरी से मिलने पहुंचे। दिव्यांगों ने चिकित्सा जांच के लिए उचित व्यवस्था करवाने की मांग की। इस पर उप सिविल सर्जन ने दिव्यांगों को सिविल सर्जन से बात कर व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। कई दिव्यांगों को न्यूरोलॉजिस्ट की जांच रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया, इसके लिए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर किया गया।
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बोले दिव्यांग
दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तीन महीने से नागरिक अस्पताल के चक्कर काट रहा हूं। हर बार कोई न कोई अड़चन आ जाती है। एक ही चिकित्सक होने से परेशानी हो रही है।
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- जयकिशन, सोनीपत
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मैं अपनी मां के साथ दिव्यांगता प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराने आई थी। भीड़ होने से जांच के लिए नंबर ही नहीं आया। अब मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
- बरखा, तारा नगर
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मुझे बोलने में कंपन होती है। दो सप्ताह से अस्पताल के चक्कर काट रही हूं। हर बुधवार को भीड़ ज्यादा होती है। नंबर न आने के कारण आज भी वापस लौटना पड़ रहा है।
- राजेश, सिसाना
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मेरे दाएं हाथ का अंगूठा नहीं है। जांच कराने के लिए काफी समय से चक्कर काट रहा हूं। मायूस होकर हर बार लौटना पड़ता है। बार-बार चक्कर काटकर दुखी हो चुका हूं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा।
- अंकित, कथूरा
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25 फरवरी तक हड्डी रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था कर ली जाएगी। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के चलते राजपत्रित अवकाश है। अस्पताल में 25 फरवरी को मेडिकल बोर्ड बैठाया जाएगा। इससे दिव्यांगों को जांच कराने के लिए परेशानी नहीं होगी।
- डॉ. स्वराज चौधरी, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग