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Sonipat News: समाधान पोर्टल बना दिखावा, शिकायतों के बाद भी नहीं हो रहा कूड़ा उठान
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फोटो : : डीयूएलबी हरियाणा के ई-समाधान पोर्टल पर की गई कई शिकायतें।
- फोटो : Archive
खरखौदा। शहरवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दावों के साथ शुरू किया गया शहरी स्थानीय निकाय विभाग का ई-समाधान पोर्टल अब लोगों के लिए मजाक बनता जा रहा है। पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा तो है, लेकिन शिकायतों के समाधान में नगर पालिका पूरी तरह विफल नजर आ रही है। सबसे अधिक समस्या कूड़ा उठान को लेकर सामने आ रही है।
लोगों का कहना है कि पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी शिकायत पर संज्ञान लेता है। कई इलाकों में कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहने से बदबू और गंदगी फैल रही है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम केवल शिकायत दर्ज करने तक ही सीमित होकर रह गया है।
पूर्व पार्षद प्रवीन सैनी का कहना है कि सरकार डिजिटल व्यवस्था का प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद कई मामलों में उन्हें बिना समाधान के ही बंद दिखा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वह 8 मई से कूड़ा उठान की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सफाई कर्मियों के इंचार्ज को बार-बार कहने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
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शहरवासियों का कहना है कि यदि शिकायतों का समाधान ही नहीं होना है तो पोर्टल शुरू करने का क्या औचित्य है। करोड़ों रुपये खर्च कर ऑनलाइन व्यवस्था तैयार करने के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
वर्जन
नपा के अधिकारियों से इस मामले में जवाब तलब किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। वहीं, जहां से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है वहां से कूड़ा उठवाया जाएगा।
-अमित कुमार, एसडीएम खरखौदा
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लोगों का कहना है कि पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी शिकायत पर संज्ञान लेता है। कई इलाकों में कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहने से बदबू और गंदगी फैल रही है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम केवल शिकायत दर्ज करने तक ही सीमित होकर रह गया है।
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पूर्व पार्षद प्रवीन सैनी का कहना है कि सरकार डिजिटल व्यवस्था का प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद कई मामलों में उन्हें बिना समाधान के ही बंद दिखा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वह 8 मई से कूड़ा उठान की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सफाई कर्मियों के इंचार्ज को बार-बार कहने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
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शहरवासियों का कहना है कि यदि शिकायतों का समाधान ही नहीं होना है तो पोर्टल शुरू करने का क्या औचित्य है। करोड़ों रुपये खर्च कर ऑनलाइन व्यवस्था तैयार करने के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
वर्जन
नपा के अधिकारियों से इस मामले में जवाब तलब किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। वहीं, जहां से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है वहां से कूड़ा उठवाया जाएगा।
-अमित कुमार, एसडीएम खरखौदा

फोटो : : डीयूएलबी हरियाणा के ई-समाधान पोर्टल पर की गई कई शिकायतें।- फोटो : Archive