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Sonipat News: निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर के गांव में पुस्तकालय का ताला अब तक नहीं खुल पाया
Sat, 25 Apr 2026 02:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:11 AM IST
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फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद
सोनीपत। निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर के गांव राठधना में पुस्तकालय शुरू कराया लेकिन युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जब भी युवा पुस्तकालय जाते हैं तो हमेशा ताला लटका रहता है। वहीं गांव के रिहायशी क्षेत्र में गंदगी के ढेर लग रहे हैं। उठान न कराने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
वार्ड के पटेल नगर में राह रोके खड़े खंभों की वजह से हादसे होने का डर लगा रहता है। नगर निगम की ओर से इस तरफ कोई ध्यान न देने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों में उम्मीद जगी थी कि शायद अब गांव राठधना कायाकल्प होगा लेकिन उनके खुद के गांव के ही हालत ऐसे हैं कि रिहायशी एरिया में गंदगी एकत्रित की जा रही है।
गांव में सुविधा केंद्र तो बना लेकिन उस पर भी ताला लटक रहा है। साथ ही वार्ड के गांव जगदीशपुर में भी ऐसी ही स्थिति नजर आती है। इधर-उधर बिखरा पड़ा कूड़ा बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। गांवों में काफी समय से जोहड़ ओवरफ्लो है। लोगों को सुविधा देने के लिए शुरू किए गए नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) में लाखों रुपये से खरीदे गए उपकरण धूल फांक रहे है।
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कर्मचारी न होने की वजह से राठधना गांव खुले सीएफसी पर लाखों खर्च करने के बाद भी लोगों को नगर निगम की ही दौड़ लगानी पड़ रही है। पटेल नगर में फरवरी, 2025 में निर्माण के लिए गली उखाड़ी गई थी। जब निर्माण शुरू हुआ तो इसमें निम्न सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। न ही लेवल का ध्यान रखा जा रहा था। गली निर्माण के दौरान ही रोड़ी बिखरने लगी थी। विरोध के बाद नगर निगम के ठेकेदार ने काम बंद कर दिया।
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रात में खंभे खतरे से खाली नहीं है। दूर से आ रहे तेज रफ्तार वाहन चालकों की आंखों से यह खंभा ओझल हो जाता है। इसके चलते दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दिन के उजाले में भी खतरा है। तेज गति से आ रहे वाहन इनसे टकरा सकते है।-विकास, पटेल नगर
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क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट का अभाव होने के कारण आपराधिक घटनाओं का डर रहता है। लाइट न होने के कारण गली के बीच में खड़े किए गए लोहे के खंभे वर्षों से अब तक नहीं हटाए गए। कॉलोनी में गलियों का निर्माण में अधर में लटका है।-लक्की, पटेल नगर
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मंदिर में पहले से बने कमरे पर कब्जा करके पुस्तकालय बना दिया गया। अब पुस्तकालय न खुलने के कारण युवाओं को परेशानी हो रही है। गांव में सफाई व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लग रहे हैं।-सुरेंद्र, राठधना
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गांव में 70 फीसदी काम भाजपा सरकार ने कराए हैं। नगर निगम ने खुद अपनी तरफ से गांव के विकास की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।-प्रवीन शर्मा, राठधना
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राठधना और जगदीशपुर में पार्क का निर्माण कराया गया। आईटीआई चौक से लेकर बंदेपुर तक सड़क का निर्माण पांच करोड़ रुपये से कराया गया। वार्ड नंबर 9 में करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य कराए गए है। पानी निकासी के लिए नालों की सफाई कराई गई। वार्ड में अब भी विकास कार्य जारी है। कहा कि पुस्तकालय को जल्द खुलवाया जाएगा। -राजीव सरोहा, निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम
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वार्ड के पटेल नगर में राह रोके खड़े खंभों की वजह से हादसे होने का डर लगा रहता है। नगर निगम की ओर से इस तरफ कोई ध्यान न देने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों में उम्मीद जगी थी कि शायद अब गांव राठधना कायाकल्प होगा लेकिन उनके खुद के गांव के ही हालत ऐसे हैं कि रिहायशी एरिया में गंदगी एकत्रित की जा रही है।
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गांव में सुविधा केंद्र तो बना लेकिन उस पर भी ताला लटक रहा है। साथ ही वार्ड के गांव जगदीशपुर में भी ऐसी ही स्थिति नजर आती है। इधर-उधर बिखरा पड़ा कूड़ा बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। गांवों में काफी समय से जोहड़ ओवरफ्लो है। लोगों को सुविधा देने के लिए शुरू किए गए नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) में लाखों रुपये से खरीदे गए उपकरण धूल फांक रहे है।
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कर्मचारी न होने की वजह से राठधना गांव खुले सीएफसी पर लाखों खर्च करने के बाद भी लोगों को नगर निगम की ही दौड़ लगानी पड़ रही है। पटेल नगर में फरवरी, 2025 में निर्माण के लिए गली उखाड़ी गई थी। जब निर्माण शुरू हुआ तो इसमें निम्न सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। न ही लेवल का ध्यान रखा जा रहा था। गली निर्माण के दौरान ही रोड़ी बिखरने लगी थी। विरोध के बाद नगर निगम के ठेकेदार ने काम बंद कर दिया।
रात में खंभे खतरे से खाली नहीं है। दूर से आ रहे तेज रफ्तार वाहन चालकों की आंखों से यह खंभा ओझल हो जाता है। इसके चलते दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दिन के उजाले में भी खतरा है। तेज गति से आ रहे वाहन इनसे टकरा सकते है।-विकास, पटेल नगर
क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट का अभाव होने के कारण आपराधिक घटनाओं का डर रहता है। लाइट न होने के कारण गली के बीच में खड़े किए गए लोहे के खंभे वर्षों से अब तक नहीं हटाए गए। कॉलोनी में गलियों का निर्माण में अधर में लटका है।-लक्की, पटेल नगर
मंदिर में पहले से बने कमरे पर कब्जा करके पुस्तकालय बना दिया गया। अब पुस्तकालय न खुलने के कारण युवाओं को परेशानी हो रही है। गांव में सफाई व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लग रहे हैं।-सुरेंद्र, राठधना
गांव में 70 फीसदी काम भाजपा सरकार ने कराए हैं। नगर निगम ने खुद अपनी तरफ से गांव के विकास की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।-प्रवीन शर्मा, राठधना
राठधना और जगदीशपुर में पार्क का निर्माण कराया गया। आईटीआई चौक से लेकर बंदेपुर तक सड़क का निर्माण पांच करोड़ रुपये से कराया गया। वार्ड नंबर 9 में करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य कराए गए है। पानी निकासी के लिए नालों की सफाई कराई गई। वार्ड में अब भी विकास कार्य जारी है। कहा कि पुस्तकालय को जल्द खुलवाया जाएगा। -राजीव सरोहा, निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव राठधना में बंद पड़ा पुस्तकालय। संवाद