फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   The incident of murder in Kharkhoda's arena is very shameful

खरखौदा के अखाड़े में हत्या की वारदात बेहद शर्मनाक

Thu, 11 Nov 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 11:54 PM IST
विज्ञापन
The incident of murder in Kharkhoda's arena is very shameful
गन्नौर क्षेत्र में स्थित गांव पुरखास अखाड़ा। - फोटो : Sonipat
हलालपुर गांव स्थित अखाड़े में महिला पहलवान व उसके भाई की हत्या और मां को गोली मारने की घटना की कोचों व पहलवानों ने कड़ी निंदा की है। कोचों का कहना है कि अखाड़ा खोलकर खुद को कोच कहने वाले अप्रशिक्षित ही इस प्रकार की वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इससे अन्य कोचों पर भी अंगुलियां उठने लगी हैं। पहलवानों ने भी अखाड़ों में हो रहीं इस प्रकार की वारदात को बेहद शर्मनाक बताया है। उनका कहना है कि अगर जल्द इन पर अंकुश नहीं लगा तो लोग अखाड़ों में अपने बच्चों को भेजना ही बंद कर देंगे।
विज्ञापन

क्षेत्र का पुरखास ऐसा गांव है, जिसके पहलवानों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। यहां आजादी से पहले से कुश्ती चलती आ रही है। पुरखास गांव के बच्चों ने अखाड़ों की मिट्टी में लथपथ होकर विश्व में अपनी चमक बिखेरी है। पुरखास गांव से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 खिलाड़ी प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। गांव के पहलवानों ने खरखौदा के अखाड़े में घटित वारदात को बेहद शर्मनाक बताते हुए अंकुश लगाने की मांग की है।
विज्ञापन

यह बोले कोच और पहलवान
गांव हलालपुर स्थित सुशील कुमार कुश्ती अकादमी में महिला पहलवान व उसके भाई की हत्या और मां को गोली मारने की घटना बेहद निंदनीय है। जहां प्रशिक्षक खिलाड़ियों को पूरी निष्ठा से प्रशिक्षण नहीं देते, ऐसे अखाड़ों में ही इस प्रकार की वारदात होती हैं, जो परिजनों का भी मनोबल गिराती है। इसका खामियाजा अन्य महिला पहलवानों को भुगतना पड़ता है। एक तरफ महिला व पुरुष खिलाड़ी जिले के साथ ही देश का नाम रोशन करते हुए युवाओं को खेलों की तरफ आकर्षित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस प्रकार की वारदात परिजनों में भय पैदा कर रही हैं। अखाड़ों में बढ़ती इस प्रकार की वारदात पर अंकुश लगाने की सख्त जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- कुलदीप मलिक, चीफ कोच, भारतीय महिला कुश्ती टीम
हलालपुर स्थित कुश्ती अकादमी में जो घटना हुई, वह बेहद शर्मनाक है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। ऐसी घटनाओं से हमारे जैसे कोचों पर भी अंगुली उठने लगती है। कोचों की बदनामी होती है। लोगों को पता ही नहीं होता कि जिनके पास वो कोचिंग दिलवा रहे हैं, वे कोच हैं भी या नहीं। इस वारदात के पीछे भी अप्रशिक्षित कोच का होना है। कोई भी व्यक्ति अखाड़ा खोलकर खुद को कोच बना लेता है, जबकि उन्होंने कोच बनने के लिए कोई प्रशिक्षण नहीं लिया होता और न ही उनके पास कोच का कोई प्रमाण पत्र होता है। ऐसे लोग प्रशिक्षित कोचों को भी बदनाम करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
- राज सिंह छिक्कारा, कुश्ती कोच
कुश्ती में खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर देश व प्रदेश की पहचान बनाई है। कुश्ती लोगों का लोकप्रिय खेल बना हुआ है। ऐसे में खिलाड़ियों पर इस तरह से होने वाले हमले निंदनीय हैं। इस तरह की वारदात नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा रहा तो लोग अपने बच्चों को अकादमी में भेजना भी बंद कर देंगे। ऐसी वारदात से आमजन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है।
- अजमेर मलिक, कोच, नेताजी सुभाष चंद्र बोस अखाड़ा, मदीना
इस तरह के हो रहे हमले पहलवानों के लिए निंदनीय हैं। इससे पहलवानों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पहलवानों पर जो हमले हो रहे हैं, उनका मुख्य कारण नशा है। युवाओं को नशे की ओर न जाकर खेलों में आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करना चाहिए। इस तरह की हरकत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि दूसरों को भी सबक मिल सके।
- राजेश पहलवान
इस तरह के हमले बड़े निंदनीय हैं। पैसों का घमंड होने की वजह से ये हमले हुए हैं। इस तरह के हमले कुश्ती को बदनाम कर रहे हैं। युवाओं को कुश्ती में आगे आकर देश के लिए पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहिए, जिससे दूसरे युवाओं को भी प्रेरणा भी मिले और वो भी खेलों की तरफ अग्रसर हों।

- सुनील, कोच
संस्कार व सम्मान न देने से ये सब हो रहा है। हम सब को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए और बच्चों को अच्छे संस्कार मिलने चाहिए। बच्चों को खेलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस तरह की हरकत करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- बहादुर, पहलवान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed