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हरियाणा के किसानों की दो टूक-मुआवजा व स्मारक की मांग भी पूरी करे सरकार

Sun, 05 Dec 2021 12:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 12:48 AM IST
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The government should also fulfill the demand of compensation and memorial of the farmers of Haryana.
कुंडली बॉर्डर पर बैठक करते हरियाणा एसकेएम के सदस्य। संवाद - फोटो : Sonipat
कुंडली बॉर्डर पर एसकेएम की अहम बैठक से पहले हरियाणा किसान मोर्चा के बैनर तले 26 संगठनों ने बैठक की। किसानों ने साफ कहा कि आंदोलन में शहीद हुए किसानों व घायलों के लिए मुआवजा देने के साथ ही स्मारक के लिए जमीन मुहैया कराना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने एमएसपी समेत सभी छह मांगों को हर हाल में पूरा करने की मांग उठाई।
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बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता मंदीप सिंह नथवान ने कहा कि आंदोलन को लेकर हरियाणा के संगठनों ने रूपरेखा तैयार की है। अब तक सरकार की ओर से एमएसपी गारंटी कानून पर 5 नाम मांगे गए हैं। इसके अलावा किसानों पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को बोल दिया गया है। लेकिन मुकदमे वापस होने तक वह आंदोलन जारी रखेंगे। इसके अलावा सरकार शहीद किसानों के परिजनों को मुआवजा दे व स्मारक बनाने की मांग भी पूरी करे। यदि सरकार इन सभी मांगों को मान लेती है तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन वापस लेने का निर्णय ले सकता है। किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा में कोई फूट नहीं है। सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। आंदोलन के बारे में कोई भी निर्णय हरियाणा व पंजाब के किसान मिलकर लेंगे।
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हंगामेदार रही हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक
कुंडली बॉर्डर पर एसकेएम की बैठक से पहले हुई हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हंगामेदार रही। इस दौरान कुछ किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री से मिलने जाने के कार्यक्रम पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा एसकेएम में 26 संगठन शामिल हैं। ऐसे में शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सदस्यों का चयन करने के लिए सभी की राय नहीं ली गई। हालांकि बाद में सभी को समझाकर शांत कर दिया गया और एकमत होकर चलने का निर्णय हुआ।
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