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Sonipat News: ठग खुद बोला तुम्हारा फर्जी आधार कार्ड बना की गई करोड़ों की ट्रांजेक्शन, भय दिखा नौ लाख ठगे
Sat, 28 Dec 2024 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:20 AM IST
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सोनीपत। साइबर ठगी का एक और नया तरीका अपनाकर ठगों ने युवक से डिजिटल अरेस्ट की तरह झांसे में लेकर नौ लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित को दो दिन तक वीडियो कॉल पर रखा गया और डराया गया कि उनका फर्जी आधार कार्ड बना करोड़ों की ट्रांजेक्शन की गई है। ठगी का अहसास होने पर पुलिस को अवगत कराया।
कुंडली स्थित टीडीआई सिटी निवासी सुनील शर्मा ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 12 दिसंबर की सुबह करीब दस बजे उनके पास कॉल आई थी। दूसरी तरफ से बात कर रहे युवक ने कहा कि तुम्हारे आधार कार्ड नंबर का दूसरा आदमी दुरुपयोग कर रहा है। उसने तुम्हारे फर्जी आधार कार्ड पर मोबाइल सिम कार्ड निकलवाया है। इसके बाद उस मोबाइल नंबर से मुंबई की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाता खुलवाया गया। बाद में लोगों को डरा कर उस बैंक खाते में करोड़ों रुपये डलवाए गए हैं। साइबर ठग ने खुद ही कहा कि वह साइबर अपराध मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं। उसने कहा कि आपकी कॉल साइबर अपराध शाखा को डायवर्ट की जा रही है।
कई फर्जी अधिकारियों को कॉल पर जोड़ा
पीड़ित का कहना है कि बाद में उन्हें टेलीग्राम पर वीडियो कॉल पर बयान दर्ज करवाने को कहा गया। उसके बाद उन्होंने सीबीआई, स्थानीय पुलिस, आरबीआई और दिल्ली न्यायिक खजाना अधिकारी बताकर फर्जी अधिकारियों को भी वीडियो कॉल पर जोड़ लिया। सीबीआई, पुलिस, आरबीआई व अन्य विभागों की ओर से पत्र दिखाए गए। इससे वह बुरी तरह डर गए।
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वीडियो कॉल डिस्कनेक्ट करने से किया मना
पीड़ित का आरोप है कि उन्हें उनके नाम से विभिन्न विभागों के पत्र दिखाकर डराने के साथ उनको वीडियो कॉल काटने (डिस्कनेक्ट) को मना किया गया। उनके मोबाइल स्क्रीन पर भी मुंबई साइबर क्राइम लिखा हुआ चलने लगा। उनको अगले दिन भी वीडियो कॉल पर जोड़ कर रखा गया। अलग-अलग विभाग के लोगों ने उन्हें डराया। उनके एचडीएफसी बैंक खाता से 13 दिसंबर को 9 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर करा ली गई। उसके बाद वीडियो कॉल काट दी गई।
फर्जी कागजात पर खुलवाए खातों में राशि डलवाने का पता लगा
सुनील का आरोप है कि बाद में उन्होंने जांच कराई तो पता लगा कि फर्जी कागजात के आधार पर खुलवाए गए खाते में रुपये डाले गए हैं। वेबसाइट भी फर्जी कागजात पर बनवाई गई थी। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।
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कुंडली स्थित टीडीआई सिटी निवासी सुनील शर्मा ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 12 दिसंबर की सुबह करीब दस बजे उनके पास कॉल आई थी। दूसरी तरफ से बात कर रहे युवक ने कहा कि तुम्हारे आधार कार्ड नंबर का दूसरा आदमी दुरुपयोग कर रहा है। उसने तुम्हारे फर्जी आधार कार्ड पर मोबाइल सिम कार्ड निकलवाया है। इसके बाद उस मोबाइल नंबर से मुंबई की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाता खुलवाया गया। बाद में लोगों को डरा कर उस बैंक खाते में करोड़ों रुपये डलवाए गए हैं। साइबर ठग ने खुद ही कहा कि वह साइबर अपराध मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं। उसने कहा कि आपकी कॉल साइबर अपराध शाखा को डायवर्ट की जा रही है।
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कई फर्जी अधिकारियों को कॉल पर जोड़ा
पीड़ित का कहना है कि बाद में उन्हें टेलीग्राम पर वीडियो कॉल पर बयान दर्ज करवाने को कहा गया। उसके बाद उन्होंने सीबीआई, स्थानीय पुलिस, आरबीआई और दिल्ली न्यायिक खजाना अधिकारी बताकर फर्जी अधिकारियों को भी वीडियो कॉल पर जोड़ लिया। सीबीआई, पुलिस, आरबीआई व अन्य विभागों की ओर से पत्र दिखाए गए। इससे वह बुरी तरह डर गए।
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वीडियो कॉल डिस्कनेक्ट करने से किया मना
पीड़ित का आरोप है कि उन्हें उनके नाम से विभिन्न विभागों के पत्र दिखाकर डराने के साथ उनको वीडियो कॉल काटने (डिस्कनेक्ट) को मना किया गया। उनके मोबाइल स्क्रीन पर भी मुंबई साइबर क्राइम लिखा हुआ चलने लगा। उनको अगले दिन भी वीडियो कॉल पर जोड़ कर रखा गया। अलग-अलग विभाग के लोगों ने उन्हें डराया। उनके एचडीएफसी बैंक खाता से 13 दिसंबर को 9 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर करा ली गई। उसके बाद वीडियो कॉल काट दी गई।
फर्जी कागजात पर खुलवाए खातों में राशि डलवाने का पता लगा
सुनील का आरोप है कि बाद में उन्होंने जांच कराई तो पता लगा कि फर्जी कागजात के आधार पर खुलवाए गए खाते में रुपये डाले गए हैं। वेबसाइट भी फर्जी कागजात पर बनवाई गई थी। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।