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Sonipat News: पांच पौधे लगाने और देखभाल की शर्त पर कोर्ट ने दी युवक को दी जमानत
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सोनीपत। चाकूबाजी के आरोपी कमल को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए की अदालत ने नियमित जमानत दे दी। अदालत ने जमानत के साथ सार्वजनिक स्थान पर देशी प्रजाति के पांच पौधे लगाने और दो वर्ष तक उनकी देखभाल करने की शर्त रखी है। कमल को अगली सुनवाई से पहले पौधों की तस्वीरों के माध्यम से अदालत में इसका प्रमाण भी देना होगा।
मामला सलीमसर माजरा में छह मार्च को हुई चाकूबाजी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता प्रियांशु के अनुसार वह बाइक से फरमाना की ओर जा रहे थे। सलीमसर माजरा बस स्टैंड के पास कुछ युवकों ने उनकी बाइक रोककर चाकू से हमला कर दिया। यह घटना युवक की बहन की शादी से चार दिन पहले हुई थी। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि चिकित्सकीय राय में जानलेवा बताई गई चाकू की चोट का आरोप कमल पर नहीं बल्कि किशोर आरोपी पर है। रिकॉर्ड में घटना के समय कमल के पास कोई हथियार होने की बात भी सामने नहीं आई।
13 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में था आरोपी
कमल की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस आरोपपत्र भी अदालत में दाखिल कर चुकी है। कमल 13 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में है। ऐसे में उसे और हिरासत में रखने का कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद उसकी जमानत मंजूर कर दी।
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मामला सलीमसर माजरा में छह मार्च को हुई चाकूबाजी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता प्रियांशु के अनुसार वह बाइक से फरमाना की ओर जा रहे थे। सलीमसर माजरा बस स्टैंड के पास कुछ युवकों ने उनकी बाइक रोककर चाकू से हमला कर दिया। यह घटना युवक की बहन की शादी से चार दिन पहले हुई थी। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि चिकित्सकीय राय में जानलेवा बताई गई चाकू की चोट का आरोप कमल पर नहीं बल्कि किशोर आरोपी पर है। रिकॉर्ड में घटना के समय कमल के पास कोई हथियार होने की बात भी सामने नहीं आई।
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13 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में था आरोपी
कमल की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस आरोपपत्र भी अदालत में दाखिल कर चुकी है। कमल 13 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में है। ऐसे में उसे और हिरासत में रखने का कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद उसकी जमानत मंजूर कर दी।
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