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सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर हाइड्रोजन ईंधन से चलेगी देश की पहली पैसेंजर ट्रेन
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प्रदीप कौशिक
सोनीपत। उत्तर रेलवे की ओर से सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर देश में पहली बार हाइड्रोजन ईंधन से पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएगी। इस ट्रैक पर हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन चलाने को लेकर रेलवे अधिकारियों ने फैसला लिया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए रेलवे स्वयं को हरित परिवहन प्रणाली के रूप में बदल रही है। इस ट्रैक पर हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेन चलने से आसपास गांवों के लोगों को भी काफी फायदा होगा।
सोनीपत-गोहाना-जींद रेल लाइन बिछाने के लिए रेलवे की ओर से वर्ष 2009 में काम शुरू हुआ था। सात साल में 89 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाने के बाद 27 जून 2016 को सोनीपत व जींद के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था। लॉकडाउन लगने से पहले इस ट्रैक पर तीन पैसेंजर ट्रेनों का संचालन हो रहा था। मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद अभी तक इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू नहीं हो सका है। ट्रेनों के संचालन को लेकर इस रेलवे लाइन के साथ लगते गांवों के लोग मांग कर रहे हैं। ऐसे में सोनीपत से गोहाना व जींद की तरफ जाने के लिए लोगों को निजी या सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के बीच सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। संवाद
टेंडर लगाया
सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर भारतीय रेल वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ) व भारतीय रेलवे के हरित ईंधन प्रभाग ने हाइड्रोजन ईंधन आधारित पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए टेंडर लगाया हैै। ट्रेन चलाने के लिए 21 सितंबर तक प्रस्ताव दिया जा सकेगा। इसके बाद 5 अक्तूबर को टेंडर खोला जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोनीपत व जींद के बीच हाईड्रोजन ईंधन से पैसेंजर ट्रेन के संचालन की तैयारी और बढ़ा दी जाएगी।
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जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के तहत चलाई जाएगी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों का कहना है पेरिस वातावरण समझौता 2015 के अंतर्गत ग्रीन हाउस गैस को कम करने व जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के तहत वर्ष 2030 तक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर डीएमयू (डीजन मल्टीपल यूनिट) रैक को फ्यूल सेल पावर्ड हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम से चलाने का निर्णय लिया है। जिसमें हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन का संचालन किया जाएगा और इस पर खर्च होने वाली राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्जन
सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेन चलाई जाएगी। 89 किलोमीटर लंबी रेललाइन पर ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे की ओर से तैयारियां की जा रही है। ट्रेन के संचालन को लेकर प्रस्ताव मांगें गए।
- दीपक कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे
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सोनीपत। उत्तर रेलवे की ओर से सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर देश में पहली बार हाइड्रोजन ईंधन से पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएगी। इस ट्रैक पर हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन चलाने को लेकर रेलवे अधिकारियों ने फैसला लिया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए रेलवे स्वयं को हरित परिवहन प्रणाली के रूप में बदल रही है। इस ट्रैक पर हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेन चलने से आसपास गांवों के लोगों को भी काफी फायदा होगा।
सोनीपत-गोहाना-जींद रेल लाइन बिछाने के लिए रेलवे की ओर से वर्ष 2009 में काम शुरू हुआ था। सात साल में 89 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाने के बाद 27 जून 2016 को सोनीपत व जींद के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था। लॉकडाउन लगने से पहले इस ट्रैक पर तीन पैसेंजर ट्रेनों का संचालन हो रहा था। मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद अभी तक इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू नहीं हो सका है। ट्रेनों के संचालन को लेकर इस रेलवे लाइन के साथ लगते गांवों के लोग मांग कर रहे हैं। ऐसे में सोनीपत से गोहाना व जींद की तरफ जाने के लिए लोगों को निजी या सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के बीच सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। संवाद
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टेंडर लगाया
सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर भारतीय रेल वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ) व भारतीय रेलवे के हरित ईंधन प्रभाग ने हाइड्रोजन ईंधन आधारित पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए टेंडर लगाया हैै। ट्रेन चलाने के लिए 21 सितंबर तक प्रस्ताव दिया जा सकेगा। इसके बाद 5 अक्तूबर को टेंडर खोला जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोनीपत व जींद के बीच हाईड्रोजन ईंधन से पैसेंजर ट्रेन के संचालन की तैयारी और बढ़ा दी जाएगी।
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जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के तहत चलाई जाएगी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों का कहना है पेरिस वातावरण समझौता 2015 के अंतर्गत ग्रीन हाउस गैस को कम करने व जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के तहत वर्ष 2030 तक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर डीएमयू (डीजन मल्टीपल यूनिट) रैक को फ्यूल सेल पावर्ड हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम से चलाने का निर्णय लिया है। जिसमें हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन का संचालन किया जाएगा और इस पर खर्च होने वाली राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्जन
सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेन चलाई जाएगी। 89 किलोमीटर लंबी रेललाइन पर ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे की ओर से तैयारियां की जा रही है। ट्रेन के संचालन को लेकर प्रस्ताव मांगें गए।
- दीपक कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे