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तीन दिन तक शवगृह में रखा रहा अज्ञात व्यक्ति का शव, क्षत-विक्षत हुआ
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नागरिक अस्पताल के शवगृह में तीन दिन तक अज्ञात व्यक्ति का शव रखा रहा। शुक्रवार को अस्पताल का चिकित्सक बोर्ड पोस्टमार्टम करने पहुंचा तो शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। जिससे उन्होंने शव को बीपीएस महिला मेडिकल के अस्पताल में भेजने को कहा। इस पर जांच अधिकारी ने नाराजगी जताई। जांच अधिकारी ने आरोप लगाया कि पहले ही दिन दस्तावेज तैयार करने के बावजूद चिकित्सक ने पोस्मार्टम नहीं किया और शव की हालत खराब बता उसे दूसरे अस्पताल में भेज रहे हैं। वहीं, एसएमओ ने दावा किया जांच अधिकारी शुक्रवार को ही दस्तावेज लेकर पहुंचे, जिस पर तुरंत बोर्ड बनाया। बोर्ड ने शव की हालत अनुसार पोस्टमार्टम के विशेषज्ञ न होने पर उसे खानपुर भेजा गया।
शहर में रोहतक रोड स्थित ड्रेन-8 की पटरी पर शहर थाना पुलिस की टीम ने करीब 45 साल के एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम व पहचान के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था। शुक्रवार को अस्पताल पहुंचे जांच अधिकारी एएसआई सुनील ने बताया कि जिस दिन शव बरामद हुआ था, उसी दिन उन्होंने दस्तावेज तैयार करके ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने उस दिन पोस्टमार्टम न होने की बात कही। वीरवार को भी शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। अब शुक्रवार को चिकित्सकों का बोर्ड पहुंचा तो उन्होंने शव को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले जाने को कहा।
जांच अधिकारी ने कहा कि अगर चिकित्सक पहले ही दिन शव का पोस्टमार्टम या उसे दूसरे अस्पताल भेज देेेेते तो उसकी हालत खराब नहीं होती। उन्होंने इसको लेकर एसएमओ से भी मुलाकात की। उन्होंने बोर्ड की रिपोर्ट अनुसार विशेषज्ञ द्वारा ही शव का पोस्टमार्टम होने की बात कही। इसके बाद जांच अधिकारी शव को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में लेकर गए।
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पुलिस जांच अधिकारी शुक्रवार को ही शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए दस्तावेज लेकर आए थे। इस पर पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड बनाया था, जिसमें डॉ. श्याम सुंदर व डॉ. विकास शामिल थे। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार शव की हालत खराब है, जिसका पोस्टमार्टम करने के लिए यहां विशेषज्ञ नियुक्त नहीं है। इस पर बोर्ड ने शव को दूसरे अस्पताल भेज दिया। जांच अधिकारी ने शव उठाने से मना कर दिया था, जिसकी जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को दी गई।
डॉ. कर्मवीर सिंह, एसएमओ, नागरिक अस्पताल गोहाना।
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शहर में रोहतक रोड स्थित ड्रेन-8 की पटरी पर शहर थाना पुलिस की टीम ने करीब 45 साल के एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम व पहचान के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था। शुक्रवार को अस्पताल पहुंचे जांच अधिकारी एएसआई सुनील ने बताया कि जिस दिन शव बरामद हुआ था, उसी दिन उन्होंने दस्तावेज तैयार करके ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने उस दिन पोस्टमार्टम न होने की बात कही। वीरवार को भी शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। अब शुक्रवार को चिकित्सकों का बोर्ड पहुंचा तो उन्होंने शव को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले जाने को कहा।
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जांच अधिकारी ने कहा कि अगर चिकित्सक पहले ही दिन शव का पोस्टमार्टम या उसे दूसरे अस्पताल भेज देेेेते तो उसकी हालत खराब नहीं होती। उन्होंने इसको लेकर एसएमओ से भी मुलाकात की। उन्होंने बोर्ड की रिपोर्ट अनुसार विशेषज्ञ द्वारा ही शव का पोस्टमार्टम होने की बात कही। इसके बाद जांच अधिकारी शव को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में लेकर गए।
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पुलिस जांच अधिकारी शुक्रवार को ही शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए दस्तावेज लेकर आए थे। इस पर पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड बनाया था, जिसमें डॉ. श्याम सुंदर व डॉ. विकास शामिल थे। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार शव की हालत खराब है, जिसका पोस्टमार्टम करने के लिए यहां विशेषज्ञ नियुक्त नहीं है। इस पर बोर्ड ने शव को दूसरे अस्पताल भेज दिया। जांच अधिकारी ने शव उठाने से मना कर दिया था, जिसकी जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को दी गई।
डॉ. कर्मवीर सिंह, एसएमओ, नागरिक अस्पताल गोहाना।