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जब बारी रसूखदारों और अपनों की आती है तो पुलिस के हाथ पड़ जाते हैं छोटे
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Fri, 12 May 2017 11:26 PM IST
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कहते हैं कि पुलिस जब अपनी पर आती है, तो कुछ भी संभव कर देती है। तब कानून के हाथ लंबे हो जाते हैं, लेकिन एक उलट स्थिति यह भी है जब सामने वाला रसूखदार हो या अपना हो, तो फिर पुलिस उसे बचाने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ती। कम से कम सोनीपत में कुछ मामलों में तो यही नजर आ रहा है। लाइव सुसाइड मामला हो या टीडीआई के चेयरमैन और गुरुग्राम के विधायक के भाई-भतीजे पर दर्ज मामलों को देखकर यही लगता है। वहीं, लाइव सुसाइड मामले में नामजद होने के बावजूद आरोपी तीनों पुलिस कर्मियों को काबू करने के नाम पर पुलिस ठोस कदम नहीं उठा सकी। परिजन लगातार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
बिल्डर कंपनी की लापरवाही, फिर भी काबू नहीं
टीडीआई बिल्डर कंपनी के किंग्सबरी फ्लैट के एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) में जाली खोलने उतरे तीन युवकों की मौत का मामला कोई नहीं भूल सका है। इसमें 17 अप्रैल को गांव नांगल कलां निवासी सलमान, गांव रसोई निवासी शाबिर व मूलरूप से यूपी के पीलीभीत स्थित बिसलपुर के गांव लोडा फिलहाल गढ़ी नांगल निवासी रामपाल की मौत हो गई थी। मामले में टीडीआई बिल्डर प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। पुलिस ने मामले में सलमान के पिता रियाजुद्दीन उर्फ राजू के बयान पर टीडीआई बिल्डर कंपनी के चेयरमैन डीएन तनेजा, रविंद्र तनेजा, कमल तनेजा, सुमन भंडारी, प्रताप ढिल्लो, जयपाल व रतन शाह तथा अन्य के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया था। इसमें अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यहां तक कि युवकों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले दबिश तक नहीं दी जा रही है।
अपनों की गर्दन तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ
लाइव सुसाइड मामला : 15 अप्रैल का फेसबुक पर वीडियो लाइव कर फंदा लगा जान देने वाले देव नगर निवासी दीपक (28) के मामले में परिजनों का आरोप है कि पुलिस अपनों को बचा रही है। दीपक ने आत्महत्या की पूरी घटना को फेसबुक पर वीडियो लाइव करके सभी को दिखाया था। उसके घर के अंदर दीवार पर लिखे सुसाइड नोट व कमरे से मिली 60 पेज की डायरी के आधार पर दीपक के पिता रमेश के बयान पर दिल्ली पुलिस की महिला हेडकांस्टेबल उषा, एसआई अरविंद व एएसआई सुरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया था। तीनों पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस की टीम दबिश देने की बात कह रही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई पर संशय खड़ा कर रही है।
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विधायक के भाई-भतीजे होने के चलते पकड़ ढीली
गुरुग्राम के विधायक उमेश अग्रवाल के भाई राकेश अग्रवाल पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कर्ज देने की एवज में एक व्यक्ति की सैकड़ों कनाल जमीन हड़प ली। पुलिस ने इस मामले में राकेश अग्रवाल के बेटे दीपक अग्रवाल व भाई हितेश अग्रवाल के अलावा 6 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गुरुग्राम निवासी विजयपाल ने गन्नौर थाना पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी थी। किसी भी नामजद आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
एसपी से सीधी बात
सवाल : क्या पुलिस रसूखदार लोगों पर हाथ नहीं डाली पाती?
जवाब : पुलिस के लिए अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। उसके रसूखदार होने का कोई फर्क नहीं पड़ता। पुलिस अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रही है।
सवाल : टीडीआई में लापरवाही के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
जवाब : पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में लगी है। यह एक जमानती मामला है। अक्सर इस तरह के मामलों में रसूखदार लोग बच निकलते हैं, लेकिन सोनीपत पुलिस किसी को भी जांच के नाम पर बाहर नहीं करेगी।
सवाल : लाइव सुसाइड मामले में आरोपी अभी तक फरार हैं?
जवाब : लाइव सुसाइड मामले में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। हर उस जगह पर पुलिस गई है, जहां आरोपियों के छुपने का शक था।
सवाल : विधायक के परिजनों पर धोखाधड़ी मामले में जांच कहां तक पहुंची?
जवाब : गुरुग्राम विधायक के भाई व भतीजे पर मामला दर्ज किया है। उसकी जांच एसआईटी द्वारा कराई जा रही है। मामले में तह तक जाकर पूरा खुलासा किया जाएगा। पुलिस पूरी तरह से निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।
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बिल्डर कंपनी की लापरवाही, फिर भी काबू नहीं
टीडीआई बिल्डर कंपनी के किंग्सबरी फ्लैट के एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) में जाली खोलने उतरे तीन युवकों की मौत का मामला कोई नहीं भूल सका है। इसमें 17 अप्रैल को गांव नांगल कलां निवासी सलमान, गांव रसोई निवासी शाबिर व मूलरूप से यूपी के पीलीभीत स्थित बिसलपुर के गांव लोडा फिलहाल गढ़ी नांगल निवासी रामपाल की मौत हो गई थी। मामले में टीडीआई बिल्डर प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। पुलिस ने मामले में सलमान के पिता रियाजुद्दीन उर्फ राजू के बयान पर टीडीआई बिल्डर कंपनी के चेयरमैन डीएन तनेजा, रविंद्र तनेजा, कमल तनेजा, सुमन भंडारी, प्रताप ढिल्लो, जयपाल व रतन शाह तथा अन्य के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया था। इसमें अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यहां तक कि युवकों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले दबिश तक नहीं दी जा रही है।
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अपनों की गर्दन तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ
लाइव सुसाइड मामला : 15 अप्रैल का फेसबुक पर वीडियो लाइव कर फंदा लगा जान देने वाले देव नगर निवासी दीपक (28) के मामले में परिजनों का आरोप है कि पुलिस अपनों को बचा रही है। दीपक ने आत्महत्या की पूरी घटना को फेसबुक पर वीडियो लाइव करके सभी को दिखाया था। उसके घर के अंदर दीवार पर लिखे सुसाइड नोट व कमरे से मिली 60 पेज की डायरी के आधार पर दीपक के पिता रमेश के बयान पर दिल्ली पुलिस की महिला हेडकांस्टेबल उषा, एसआई अरविंद व एएसआई सुरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया था। तीनों पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस की टीम दबिश देने की बात कह रही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई पर संशय खड़ा कर रही है।
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विधायक के भाई-भतीजे होने के चलते पकड़ ढीली
गुरुग्राम के विधायक उमेश अग्रवाल के भाई राकेश अग्रवाल पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कर्ज देने की एवज में एक व्यक्ति की सैकड़ों कनाल जमीन हड़प ली। पुलिस ने इस मामले में राकेश अग्रवाल के बेटे दीपक अग्रवाल व भाई हितेश अग्रवाल के अलावा 6 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गुरुग्राम निवासी विजयपाल ने गन्नौर थाना पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी थी। किसी भी नामजद आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
एसपी से सीधी बात
सवाल : क्या पुलिस रसूखदार लोगों पर हाथ नहीं डाली पाती?
जवाब : पुलिस के लिए अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। उसके रसूखदार होने का कोई फर्क नहीं पड़ता। पुलिस अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रही है।
सवाल : टीडीआई में लापरवाही के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
जवाब : पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में लगी है। यह एक जमानती मामला है। अक्सर इस तरह के मामलों में रसूखदार लोग बच निकलते हैं, लेकिन सोनीपत पुलिस किसी को भी जांच के नाम पर बाहर नहीं करेगी।
सवाल : लाइव सुसाइड मामले में आरोपी अभी तक फरार हैं?
जवाब : लाइव सुसाइड मामले में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। हर उस जगह पर पुलिस गई है, जहां आरोपियों के छुपने का शक था।
सवाल : विधायक के परिजनों पर धोखाधड़ी मामले में जांच कहां तक पहुंची?
जवाब : गुरुग्राम विधायक के भाई व भतीजे पर मामला दर्ज किया है। उसकी जांच एसआईटी द्वारा कराई जा रही है। मामले में तह तक जाकर पूरा खुलासा किया जाएगा। पुलिस पूरी तरह से निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।