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Sonipat News: मां के जयकारों से गूंजे मंदिर, विधि विधान से की मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
Wed, 10 Apr 2024 10:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 10 Apr 2024 10:51 PM IST
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फोटो 30- सोनीपत के चिटाने वाली माता मंदिर में नवरात्र पर भजन गाती महिलाएं। संवाद
सोेनीपत। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन बुधवार को भक्तों ने मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्चारिणी की विधि-विधान से पूजा की। मंदिरों में दिन भर मंदिरों में माता के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर मत्था टेका और घर-परिवार व समाज में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिरों में मां की पूजा अर्चना करने के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। भक्तों की लंबी कतारें लगी रही।
नवरात्र के तीसरे दिन वीरवार को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। बाघ पर सवार मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा के मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी व संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है और स्वर में दिव्य, आलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है।
ऐसे करें पूजन
पंडित अमित शौनक ने बताया कि माता चंद्रघंटा की आराधना ऊं देवी चंद्रघंटायै नम: का जप करके की जाती है। माता चंद्रघंटा को सिंदूर, अक्षत, गंध, धूप, पुष्प अर्पित करें। मां को दूध से बनी हुई मिठाई का भोग भी लगा सकते हैं। नवरात्र के हर दिन नियम से दुर्गा चालीसा व दुर्गा आरती करें। विधि विधान से पूजा अर्चना करने से मां प्रसन्न होगी। मां चंद्रघंटा की कृपा से ऐश्वर्य व समृद्धि के साथ सुखी दाम्पत्य जीवन की प्राप्ति होती है।
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नवरात्र के तीसरे दिन वीरवार को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। बाघ पर सवार मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा के मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी व संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है और स्वर में दिव्य, आलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है।
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ऐसे करें पूजन
पंडित अमित शौनक ने बताया कि माता चंद्रघंटा की आराधना ऊं देवी चंद्रघंटायै नम: का जप करके की जाती है। माता चंद्रघंटा को सिंदूर, अक्षत, गंध, धूप, पुष्प अर्पित करें। मां को दूध से बनी हुई मिठाई का भोग भी लगा सकते हैं। नवरात्र के हर दिन नियम से दुर्गा चालीसा व दुर्गा आरती करें। विधि विधान से पूजा अर्चना करने से मां प्रसन्न होगी। मां चंद्रघंटा की कृपा से ऐश्वर्य व समृद्धि के साथ सुखी दाम्पत्य जीवन की प्राप्ति होती है।
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