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Sonipat News: बूंदाबांदी से तापमान में इजाफा, अब छा सकता है कोहरा
Tue, 24 Dec 2024 02:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 24 Dec 2024 02:54 AM IST
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते जिले में ज्यादातर स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर बाद सूर्य आसमान में निकले तो सही, लेकिन चमक नहीं बिखेर सके। फिर बादलों में छिप गए।
अब 26 दिसंबर को फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद ठंड में इजाफा हुआ है। विद्यार्थी व कामकाजी लोग बूंदाबांदी के बीच गंतव्य पहुंचे। वहीं, मौसम के बदले रूप से किसानों के चेहरे खिले नजर आए।
अब तक बारिश नहीं होने से लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ रहा था। न्यूनतम तापमान लगातार 5 डिग्री से नीचे बना हुआ था। हालांकि धूप खिलने से अधिकतम तापमान 22 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था। शीतलहर लोगों को परेशानी में डाल रही थी। सोमवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ से सर्दी के मौसम में पहली बार बूंदाबांदी हुई। बादल छाने से न्यूनतम तापमान बढ़ गया। अधिकतम तापमान 18.0 और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 22.0 और न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही।
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अब छा सकता है कोहरा
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बूंदाबांदी के बाद वातावरण में नमी अधिक बढ़ गई है। वहीं हवाओं की गति भी अधिक नहीं रही। ऐसे में अब जिलावासियों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही ठंड और ज्यादा हो जाएगी। शीतलहर चलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रदूषण के स्तर में कमी आने की संभावना
सोमवार को हल्की बूंदाबांदी के बाद प्रदूषण के स्तर में गिरावट की संभावना है। सोनीपत में एक्यूआई 300 से अधिक बना हुआ था। बूंदाबांदी से इसमें कुछ राहत मिलेगी। हालांकि वायु गुणवत्ता मापक यंत्र कई दिन से बंद पड़ा है।
फसलों को होगा फायदा
अब तक सर्दी के मौसम में बारिश नहीं हुई थी। इसके चलते रबी सीजन की फसलों की बढ़वार पर असर पड़ रहा था। फसलों को बचाने के लिए सिंचाई करनी पड़ रही थी। सोमवार को हुई बूंदाबांदी से किसानों को राहत मिलेगी। अब गेहूं के साथ सब्जियों की बढ़वार बेहतर हो सकेगी। बूंदाबांदी या बारिश होना फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगा। ओलावृष्टि नहीं होती है तो इसका फायदा ही मिलेगा।
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पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बूंदाबांदी हुई है। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान कम हुआ है। वातावरण में नमी बढऩे से अब कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। जल्द ही नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा।
डॉ.प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत
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अब 26 दिसंबर को फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद ठंड में इजाफा हुआ है। विद्यार्थी व कामकाजी लोग बूंदाबांदी के बीच गंतव्य पहुंचे। वहीं, मौसम के बदले रूप से किसानों के चेहरे खिले नजर आए।
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अब तक बारिश नहीं होने से लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ रहा था। न्यूनतम तापमान लगातार 5 डिग्री से नीचे बना हुआ था। हालांकि धूप खिलने से अधिकतम तापमान 22 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था। शीतलहर लोगों को परेशानी में डाल रही थी। सोमवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ से सर्दी के मौसम में पहली बार बूंदाबांदी हुई। बादल छाने से न्यूनतम तापमान बढ़ गया। अधिकतम तापमान 18.0 और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 22.0 और न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही।
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अब छा सकता है कोहरा
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बूंदाबांदी के बाद वातावरण में नमी अधिक बढ़ गई है। वहीं हवाओं की गति भी अधिक नहीं रही। ऐसे में अब जिलावासियों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही ठंड और ज्यादा हो जाएगी। शीतलहर चलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रदूषण के स्तर में कमी आने की संभावना
सोमवार को हल्की बूंदाबांदी के बाद प्रदूषण के स्तर में गिरावट की संभावना है। सोनीपत में एक्यूआई 300 से अधिक बना हुआ था। बूंदाबांदी से इसमें कुछ राहत मिलेगी। हालांकि वायु गुणवत्ता मापक यंत्र कई दिन से बंद पड़ा है।
फसलों को होगा फायदा
अब तक सर्दी के मौसम में बारिश नहीं हुई थी। इसके चलते रबी सीजन की फसलों की बढ़वार पर असर पड़ रहा था। फसलों को बचाने के लिए सिंचाई करनी पड़ रही थी। सोमवार को हुई बूंदाबांदी से किसानों को राहत मिलेगी। अब गेहूं के साथ सब्जियों की बढ़वार बेहतर हो सकेगी। बूंदाबांदी या बारिश होना फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगा। ओलावृष्टि नहीं होती है तो इसका फायदा ही मिलेगा।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बूंदाबांदी हुई है। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान कम हुआ है। वातावरण में नमी बढऩे से अब कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। जल्द ही नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा।
डॉ.प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत