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Sonipat News: तहसीलदारों की हड़ताल खत्म, पटवारियों की जारी
Wed, 11 Feb 2026 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:31 AM IST
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फोटो : सोनीपत लघु सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में बंद पड़ी खिड़कियां। संवाद
सोनीपत। छह दिन से चल रहा तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों का वर्क सस्पेंड मंगलवार को समाप्त हो गया। चंडीगढ़ में फाइनेंस कमिश्नर रेवेन्यू (एफसीआर) सुमिता मिश्रा के साथ हुई बैठक के बाद तहसीलदारों ने 11 फरवरी से काम पर लौटने का फैसला लिया है। खरखौदा में पटवारी और कानूनगो धरने पर डटे हैं।
जिले में चार तहसीलदार, छह नायब तहसीलदार अपनी मांगों को लेकर 5 फरवरी से हड़ताल पर थे। हड़ताल के दौरान मंगलवार को भी तहसील कार्यालयों में जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त से जुड़ा पूरा सिस्टम ठप रहा। जिले में पहले रोजाना 200 रजिस्ट्री होती थी लेकिन अब किसी भी तहसील में कोई भी काम नहीं हो रहा है।
इनके अलावा 19 कानूनगो व 73 पटवारी भी हड़ताल पर हैं। इस वजह से 30 जनवरी से रोजाना 400 इंतकाल व प्रमाणपत्र सत्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले में 1000 से अधिक रजिस्ट्रियां लंबित हो गई थीं। रजिस्ट्रियों के रुकने से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि आम लोगों के जरूरी काम भी अटके हुए थे।
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रजिस्ट्री शुरू होने से राजस्व को भी राहत
तहसीलदारों की हड़ताल खत्म होने से न केवल लोगों को राहत मिलेगी बल्कि सरकार के राजस्व को भी फायदा होगा। रजिस्ट्री के जरिए प्रतिदिन करोड़ों रुपये का स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क सरकार को मिलता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में रजिस्ट्रियों की संख्या सामान्य से कहीं अधिक रहेगी। ऐसे में प्रशासन को अतिरिक्त काउंटर, समयबद्ध कार्य योजना और कर्मचारियों की तैनाती करनी पड़ सकती है।
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जिले में चार तहसीलदार, छह नायब तहसीलदार अपनी मांगों को लेकर 5 फरवरी से हड़ताल पर थे। हड़ताल के दौरान मंगलवार को भी तहसील कार्यालयों में जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त से जुड़ा पूरा सिस्टम ठप रहा। जिले में पहले रोजाना 200 रजिस्ट्री होती थी लेकिन अब किसी भी तहसील में कोई भी काम नहीं हो रहा है।
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इनके अलावा 19 कानूनगो व 73 पटवारी भी हड़ताल पर हैं। इस वजह से 30 जनवरी से रोजाना 400 इंतकाल व प्रमाणपत्र सत्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले में 1000 से अधिक रजिस्ट्रियां लंबित हो गई थीं। रजिस्ट्रियों के रुकने से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि आम लोगों के जरूरी काम भी अटके हुए थे।
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रजिस्ट्री शुरू होने से राजस्व को भी राहत
तहसीलदारों की हड़ताल खत्म होने से न केवल लोगों को राहत मिलेगी बल्कि सरकार के राजस्व को भी फायदा होगा। रजिस्ट्री के जरिए प्रतिदिन करोड़ों रुपये का स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क सरकार को मिलता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में रजिस्ट्रियों की संख्या सामान्य से कहीं अधिक रहेगी। ऐसे में प्रशासन को अतिरिक्त काउंटर, समयबद्ध कार्य योजना और कर्मचारियों की तैनाती करनी पड़ सकती है।