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Sonipat News: मुरथल विवि में शिक्षकों व कर्मचारियों ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल किया घेराव
Thu, 17 Apr 2025 01:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 17 Apr 2025 01:22 AM IST
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फोटो 26- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रद
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रशासनिक तानाशाही व अनियमितताओं के खिलाफ शिक्षक संघ डिक्रूटा व कर्मचारी संघ ने धरना देकर प्रदर्शन किया। कुलपति कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरने में शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यापक बदलाव की मांग की। साथ ही कुलपति कार्यालय का घेराव किया।
यूनियनों ने आरोप लगाया कि कार्यकारी परिषद (ईसी) में विश्वविद्यालय अधिनियम का उल्लंघन कर सदस्यों को मनोनीत किया गया है। कुलपति ने ईसी की बैठक की मिनट्स में भी अपनी मनमर्जी से संशोधन व छेड़छाड़ की है। यूनियनों ने बैठक की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग व सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षित कस्टडी की मांग करते हुए इनके खुर्द-बुर्द होने की आशंका जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ है। यह केवल कागजों में ही चल रही है, क्योंकि पुस्तकालय में दो वर्ष से नई पुस्तकें नहीं खरीदी गईं हैं। इसके अलावा इंटरनेट सुविधा व एंटी-प्लेजरिज्म सॉफ्वेयर उपलब्ध नहीं है। पहचान पत्रों का वितरण अधूरा है, इससे छात्रों व शोधकर्ताओं को असुविधा झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों की पदोन्नतियां कई वर्ष से लंबित हैं।
सरकार के समक्ष रखीं मांगे
विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुसार ही ईसी सदस्यों की नियुक्ति की जाए। एनईपी 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र पूरा किया जाए। पुस्तकालय में नई किताबें व शोध-संसाधनों की बहाली की जाए। सभी छात्रों को पहचान पत्र जल्द दिए जाएं। अकादमिक ब्लॉक की सभी लिफ्ट चालू की जाए। विवि की सड़कों की मरम्मत कराई जाए। पुस्तकालय का समय बढ़ाया जाए, शाम तक खुला रखा जाए। संघ अध्यक्षों पर गठित जांच समिति रद्द की जाए और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाए।
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संवाद व समाधान की मांग
यूनियनों ने कहा कि यदि प्रशासन ने संवाद व समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो यह आंदोलन वीरवार को जारी रहेगा। आगामी दिनों में आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। प्रदर्शन में अनिल, ऋषिकेश, जोगेंद्र, कुलदीप, दिनेश छिक्कारा, रोहतास गंगाना, नवीन, जसपाल, पवन धानिया, रमेश कुमार, रामप्रसाद, जगत सिंह, सुरेंद्र पाल, मदनपाल, सुरजीत कुमार सहित काफी शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।
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यूनियनों ने आरोप लगाया कि कार्यकारी परिषद (ईसी) में विश्वविद्यालय अधिनियम का उल्लंघन कर सदस्यों को मनोनीत किया गया है। कुलपति ने ईसी की बैठक की मिनट्स में भी अपनी मनमर्जी से संशोधन व छेड़छाड़ की है। यूनियनों ने बैठक की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग व सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षित कस्टडी की मांग करते हुए इनके खुर्द-बुर्द होने की आशंका जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ है। यह केवल कागजों में ही चल रही है, क्योंकि पुस्तकालय में दो वर्ष से नई पुस्तकें नहीं खरीदी गईं हैं। इसके अलावा इंटरनेट सुविधा व एंटी-प्लेजरिज्म सॉफ्वेयर उपलब्ध नहीं है। पहचान पत्रों का वितरण अधूरा है, इससे छात्रों व शोधकर्ताओं को असुविधा झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों की पदोन्नतियां कई वर्ष से लंबित हैं।
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सरकार के समक्ष रखीं मांगे
विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुसार ही ईसी सदस्यों की नियुक्ति की जाए। एनईपी 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र पूरा किया जाए। पुस्तकालय में नई किताबें व शोध-संसाधनों की बहाली की जाए। सभी छात्रों को पहचान पत्र जल्द दिए जाएं। अकादमिक ब्लॉक की सभी लिफ्ट चालू की जाए। विवि की सड़कों की मरम्मत कराई जाए। पुस्तकालय का समय बढ़ाया जाए, शाम तक खुला रखा जाए। संघ अध्यक्षों पर गठित जांच समिति रद्द की जाए और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाए।
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संवाद व समाधान की मांग
यूनियनों ने कहा कि यदि प्रशासन ने संवाद व समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो यह आंदोलन वीरवार को जारी रहेगा। आगामी दिनों में आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। प्रदर्शन में अनिल, ऋषिकेश, जोगेंद्र, कुलदीप, दिनेश छिक्कारा, रोहतास गंगाना, नवीन, जसपाल, पवन धानिया, रमेश कुमार, रामप्रसाद, जगत सिंह, सुरेंद्र पाल, मदनपाल, सुरजीत कुमार सहित काफी शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।