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Sonipat News: टीचर डायरी शिक्षकों को बच्चों से दूर करने का षड्यंत्र
Sat, 12 Apr 2025 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 12 Apr 2025 12:59 AM IST
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फोटो 10- सोनीपत के सर्व कर्मचारी संघ के कार्यालय में बैठक करते हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की
- फोटो : संवाद
सोनीपत। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की जिला कमेटी ने सर्व कर्मचारी संघ की इकाई के साथ बैठक की। इसमें अध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने स्कूलों में ऑनलाइन टीचर डायरी को बच्चाें से शिक्षकों को दूर करने का षड्यंत्र बताया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 अप्रैल को 3 से 5 बजे तक सभी जिला मुख्यालयों पर ऑनलाइन डायरी के विरोध और 9 साल से लटक रही ट्रांसफर ड्राइव शीघ्र करवाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर सरकार के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
संघ के जिला प्रधान नरेंद्र चहल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षा के औपचारिक ढांचे में भी शिक्षक-बच्चों को जितना संभव हो, अधिक से अधिक समय देना चाहिए। शिक्षकों को सभी रिकॉर्ड ऑफलाइन भी तैयार करने होते हैं। इससे दोगुना समय लगाकर ऑनलाइन भी करने पड़ रहे हैं। अध्यापकों पर कई गैर शैक्षणिक कार्य भी थोपे गए हैं, जिसका खामियाजा कहीं न कहीं बच्चों को ही भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश में करीब 2300 स्कूल दो शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं।
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मुख्य वक्ता जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग में नित नए-नए प्रयोग कर रही है। इसके दुष्परिणाम जल्द सामने आएंगे। आठ साल से लंबित जेबीटी अध्यापकों के तबादले राज्य सरकार को तुरंत करने चाहिए। संवाद
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बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 अप्रैल को 3 से 5 बजे तक सभी जिला मुख्यालयों पर ऑनलाइन डायरी के विरोध और 9 साल से लटक रही ट्रांसफर ड्राइव शीघ्र करवाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर सरकार के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
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संघ के जिला प्रधान नरेंद्र चहल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षा के औपचारिक ढांचे में भी शिक्षक-बच्चों को जितना संभव हो, अधिक से अधिक समय देना चाहिए। शिक्षकों को सभी रिकॉर्ड ऑफलाइन भी तैयार करने होते हैं। इससे दोगुना समय लगाकर ऑनलाइन भी करने पड़ रहे हैं। अध्यापकों पर कई गैर शैक्षणिक कार्य भी थोपे गए हैं, जिसका खामियाजा कहीं न कहीं बच्चों को ही भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश में करीब 2300 स्कूल दो शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं।
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मुख्य वक्ता जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग में नित नए-नए प्रयोग कर रही है। इसके दुष्परिणाम जल्द सामने आएंगे। आठ साल से लंबित जेबीटी अध्यापकों के तबादले राज्य सरकार को तुरंत करने चाहिए। संवाद