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Sonipat News: सुमित आंतिल ने अपने ही रिकॉर्ड से आगे गाड़ा भाला
Mon, 08 May 2023 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 08 May 2023 12:49 AM IST
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फोटो :40: नया विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले सुमित आंतिल।
राई। गांव खेवड़ा के सुमित आंतिल ने एक बार फिर से देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। बंगलूरू में चल रही इंडिया ओपन पैरा एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की एफ-64 श्रेणी में उन्होंने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 70.17 मीटर भाला फेंककर अपना ही रिकॉर्ड 68.62 मीटर में सुधार किया है।
6 मई को हुई जैवलिन थ्रो की एफ-64 श्रेणी में रिकॉर्ड बनाने वाले सुमित आंतिल विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर गए हैं। सोनीपत के बहालगढ़ स्थित साई सेंटर में वह लगातार अभ्यास कर रहे थे। इससे पहले खेवड़ा का लाडला टोक्यो पैरालंपिक में देश का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख चुका है। उन्होंने तक 68.55 मीटर भाला फेंका था। अब सुमित 8 से 18 जुलाई तक पेरिस में होने वाली विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कभी नहीं मानी हार
पैरा ओलंपियन सुमित आंतिल का सफर हमेशा कठिनाइयों भरा रहा है। आठ साल पहले पहले हुए सड़क हादसे में एक पैर गंवाने के बाद भी सुमित ने जिंदगी से कभी हार नहीं मानी। 7 जून 1998 को जन्मे सुमित जब सात साल के थे, तब एयरफोर्स में तैनात पिता रामकुमार का निधन हो गया था। सुमित जब 12वीं कक्षा में थे तो कॉमर्स का ट्यूशन लेते थे। 5 जनवरी 2015 की शाम को वह ट्यूशन लेकर बाइक से वापस आ रहे थे तो सीमेंट के कट्टों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में सुमित को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था।
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6 मई को हुई जैवलिन थ्रो की एफ-64 श्रेणी में रिकॉर्ड बनाने वाले सुमित आंतिल विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर गए हैं। सोनीपत के बहालगढ़ स्थित साई सेंटर में वह लगातार अभ्यास कर रहे थे। इससे पहले खेवड़ा का लाडला टोक्यो पैरालंपिक में देश का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख चुका है। उन्होंने तक 68.55 मीटर भाला फेंका था। अब सुमित 8 से 18 जुलाई तक पेरिस में होने वाली विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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कभी नहीं मानी हार
पैरा ओलंपियन सुमित आंतिल का सफर हमेशा कठिनाइयों भरा रहा है। आठ साल पहले पहले हुए सड़क हादसे में एक पैर गंवाने के बाद भी सुमित ने जिंदगी से कभी हार नहीं मानी। 7 जून 1998 को जन्मे सुमित जब सात साल के थे, तब एयरफोर्स में तैनात पिता रामकुमार का निधन हो गया था। सुमित जब 12वीं कक्षा में थे तो कॉमर्स का ट्यूशन लेते थे। 5 जनवरी 2015 की शाम को वह ट्यूशन लेकर बाइक से वापस आ रहे थे तो सीमेंट के कट्टों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में सुमित को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था।

फोटो :40: नया विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले सुमित आंतिल।
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