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एमबीबीएस की छात्रा ने मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर दी जान
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गोहाना। गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह एमबीबीएस की छात्रा ने हॉस्टल में अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता लगने पर महिला थाना खानपुर कलां से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई की। छात्रा मानसिक रूप से परेशान बताई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रोहतक में गांव खेड़ी साध की रहने वाली डिंपी बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह हास्टल नंबर-एक में रहती थी। शुक्रवार सुबह छात्रा कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करके शाल से फंदा बनाकर पंखे पर लटक गई। छात्रा की मां वीरवार को उसके साथ ही कॉलेज आई थी और अनुमति लेकर उसके साथ हॉस्टल के कमरे में रुकी हुई थी। छात्रा की मां सुबह कैंटीन में खाने का सामान लेने गई थी। वहां से लौटी तो छात्रा फंदे पर लटकी मिली और दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर डिंपी को फंदे से उतारा गया और अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि 8 फरवरी को डिंपी किसी काम से गोहाना शहर गई थी। तब उसने धोखे से बुखार की कई गोलियां खा ली थी, जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई गई थी। बीपीएस मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया था। शनिवार को डिंपी की परीक्षाएं शुरू होनी थी और इसलिए वह वीरवार को अपनी मां के साथ कॉलेज लौटी थी।
महज पांच से सात मिनट में ही फंदे पर लटक गई छात्रा
बताया गया है कि शुक्रवार सुबह छात्रा की मां उसके लिए खाने का कुछ सामान लेने कैंटीन में गई थी। इस दौरान उसे महज पांच से सात मिनट का समय ही लगा होगा। जब वह लौटी तो कमरा अंदर से बंद मिला। अंदर झांककर देखा तो बेटी को फंदे पर लटका देख उनके होश उड़ गए। जिस पर तुरंत दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि उसे बचाया नहीं जा सका।
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वर्जन
छात्रा ने हॉस्टल के अंदर कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। परिजनों ने बताया है कि छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। देखभाल के लिए साथ में उसकी मां आई थी। मां-बेटी दोनों हॉस्टल के एक ही कमरे में थी। मां कैंटीन गई तो बेटी ने फंदा लगा लिया। मामले की जांच की जा रही है।
- शकुंतला, प्रभारी, महिला थाना खानपुर कलां
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रोहतक में गांव खेड़ी साध की रहने वाली डिंपी बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह हास्टल नंबर-एक में रहती थी। शुक्रवार सुबह छात्रा कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करके शाल से फंदा बनाकर पंखे पर लटक गई। छात्रा की मां वीरवार को उसके साथ ही कॉलेज आई थी और अनुमति लेकर उसके साथ हॉस्टल के कमरे में रुकी हुई थी। छात्रा की मां सुबह कैंटीन में खाने का सामान लेने गई थी। वहां से लौटी तो छात्रा फंदे पर लटकी मिली और दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर डिंपी को फंदे से उतारा गया और अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि 8 फरवरी को डिंपी किसी काम से गोहाना शहर गई थी। तब उसने धोखे से बुखार की कई गोलियां खा ली थी, जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई गई थी। बीपीएस मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया था। शनिवार को डिंपी की परीक्षाएं शुरू होनी थी और इसलिए वह वीरवार को अपनी मां के साथ कॉलेज लौटी थी।
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महज पांच से सात मिनट में ही फंदे पर लटक गई छात्रा
बताया गया है कि शुक्रवार सुबह छात्रा की मां उसके लिए खाने का कुछ सामान लेने कैंटीन में गई थी। इस दौरान उसे महज पांच से सात मिनट का समय ही लगा होगा। जब वह लौटी तो कमरा अंदर से बंद मिला। अंदर झांककर देखा तो बेटी को फंदे पर लटका देख उनके होश उड़ गए। जिस पर तुरंत दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि उसे बचाया नहीं जा सका।
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छात्रा ने हॉस्टल के अंदर कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। परिजनों ने बताया है कि छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। देखभाल के लिए साथ में उसकी मां आई थी। मां-बेटी दोनों हॉस्टल के एक ही कमरे में थी। मां कैंटीन गई तो बेटी ने फंदा लगा लिया। मामले की जांच की जा रही है।
- शकुंतला, प्रभारी, महिला थाना खानपुर कलां