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नेशनल हाईवे की खुदाई कर छोडने के विरोध में सड़क पर उतरे सामाजिक संगठन व स्कूलों के बच्चे, धरना देकर जताया रोष

Wed, 27 Nov 2019 09:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 09:12 PM IST
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students on the road to protest against the lack  of highway widening
तहसीलदार को ज्ञापन देते भारतीय किसान संघ के महासचिव वीरेंद्र बढख़ालसा व अन्य - फोटो : Sonipat
राई/सोनीपत। दिल्ली के मुकरबा चौक से पानीपत तक नेशनल हाईवे 44 के चौड़ीकरण का चार साल पहले शुरू हुआ काम अभी तक पूरा नहीं होने से लगातार हादसे हो रहे हैं तो वहां रोजाना लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों का सब्र का बांध टूट गया और वह सड़कों पर उतरने शुरू हो गए हैं। नेशनल हाईवे को बनवाने की मांग को लेकर बुधवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले कई गांवों के लोगों, सामाजिक संगठनों व स्कूलों के बच्चों ने बीसवां मिल चौक पर धरना दिया। हाईवे निर्माण के लिए प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया और इस समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर दिल्ली तक पैदल मार्च निकालने के लिए कहा गया है।
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नेशनल हाईवे 44 की मुख्य सड़क को छह लेन से आठ लेन बनवाने के साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनवाने के लिए एनएचएआई ने वर्ष 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी से शिलान्यास कराया था। एनएचएआई के अधिकारियों ने शिलान्यास कराने के बाद मेसर्स मुकरबा चौक पानीपत टोल रोड लिमिटेड कंपनी को निर्माण का जिम्मा सौंपा, और उसके बाद इसकी सुध नहीं ली। कंपनी को बिल्ड आपरेशन एंड ट्रांसफर मोड (बीओटी) के आधार पर 2178.72 करोड़ रुपये खर्च करने थे। जिसमें निर्माण अवधि से लेकर 17 साल तक कंपनी टोल वसूलने का करार था। कंपनी ने कुंडली से पानीपत तक सड़क को उखाड़ दिया और उसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। लेकिन इसका निर्माण कार्य जितनी तेजी से शुरू किया गया था, उसे कुछ समय बाद ही रोक दिया गया। जिससे केवल 30 प्रतिशत काम ही अभी तक हो सका है और पिछले एक साल से काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। जिससे दिल्ली से पानीपत तक लगातार हादसे हो रहे हैं और लोगों की मौत हो रही थी तो इस कारण ही रोजाना हाईवे पर जाम लगा रहता है। नेशनल हाईवे पर किसी भी जगह बेरिकेट्स नहीं लगाए गए हैं तो सफेद पट्टी भी नहीं लगी है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर गहरे गड्ढे हैं, जिससे वाहन उनमें गिर जाते हैं। गांवों में जाने तक के रास्ते बंद हो गए हैं और ग्रामीणों को कई किमी तक घूमकर आना पड़ता है। इस कारण ही हाईवे किनारे के सेरसा, कुंडली, नाथूपुर, सबौली, रसॉोभ, जांटी, बढख़ालसा, सेवली, जाखौली, ब्राह्मणवास, असावरपुर, राई, बढ़मलिक, प्रीतमपुरा, जठेड़ी सहित करीब दो दर्जन गांवों के लोगों के लिए ज्यादा समस्या बनी हुई है। नेशनल हाईवे पर रोजाना लगने वाले जाम व हादसों को देखते हुए ही लोगों ने अब आंदोलन की राह पकड़ी है। भाकियू के बैनर तले बीसवां मिल चौक पर बुधवार को सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के साथ ही कई गांवों के लोगों समेत स्कूल के बच्चों ने धरना दिया। वहीं तहसीलदार विकास मलिक को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन दिया गया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि इस हाईवे निर्माण को जल्द ही शुरू नहीं कराया गया तो दिल्ली तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और आंदोलन को बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।
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नेशनल हाईवे चौड़ीकरण से पहले ही काटी जा रही लोगों की जेब
भारतीय किसान संघ के महासचिव वीरेंद्र बढ़खालसा ने कहा कि पहले इस नेशनल हाईवे पर टोल नहीं लगता था, लेकिन हाईवे निर्माण शुरू होते ही टोल भी लगा दिया गया। जहां हाईवे निर्माण का काम रोक दिया गया और सड़क की खुदाई करके छोड़ दी गई है। वहीं मुरथल में लगातार टोल वसूला जा रहा है। इस नेशनल हाईवे पर सुविधाएं बढ़ने की जगह समस्याएं बढ़ गई है और लोगों की लगातार हादसों में मौत हो रही है। जाम में फंसने से ईंधन व समय खर्च हो रहे हैं और उसके बावजूद एनएचएआई के अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे हैं। जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजल सिंगला ने कहा कि एनएचएआई के अधिकारियों की मनमानी के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और ऐसी कंपनी को ठेका दिया गया जो सही से काम नहीं कर सकी। इसलिए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और नेशनल हाईवे का निर्माण शुरू कराया जाना चाहिए।
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नेशनल हाईवे पर लगा रहा जाम
लोगों ने बीसवां मिल पर बुधवार को धरना दिया तो उस समय भी नेशनल हाईवे पर वाहनों को लंबा जाम लग गया। बहालगढ़ से लेकर बीसवां मिल तक जाम की स्थिति बनी रही। जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और वाहन चालकों को चंद किमी की दूरी तय करने के लिए लगभग एक घंटे का समय लग गया।

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किसान संघ को 14 गांवों के सरपंचों, संगठनों व स्कूल के छात्रों का समर्थन
भारतीय किसान संघ के धरने को 14 गांवों के सरपंचों के अलावा कई संगठनों व मैक्स मैरी स्कूल ने समर्थन पत्र सौंपा। इस दौरान भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष ताहर सिंह, जिला अध्यक्ष चांद सिंह मान, जिला मंत्री प्रवीण चौहान, चरण सिंह चौहान, मैक्स मैरी स्कूल के बच्चों के साथ प्रिंसीपल रितु चैलानी, रोमनकोर्ट के प्रधान पंकज चांदना, जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला, जन सेवा जागृति मंच के मोहन सिंह मनोचा, भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख शमशेर सिंह दहिया, कांग्रेस नेता रणजीत कौशिक, आशीष मालिक आदि ने भी समर्थन दिया।

नेशनल हाईवे निर्माण शुरू कराने की मांग को लेकर धरने में मौजूद छात्रा

नेशनल हाईवे निर्माण शुरू कराने की मांग को लेकर धरने में मौजूद छात्रा- फोटो : Sonipat

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