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Sonipat News: ड्रेनों में बिना शोधन के दूषित पानी डालने पर होगी कड़ी कार्रवाई
Wed, 01 Jul 2026 02:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:37 AM IST
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फोटो : सोनीपत लघु सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंस के दौरान उपायुक्त नेहा सिंह व अन्य अधिकारी। स्र
सोनीपत। रोहतक मंडल के आयुक्त राजीव रतन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यमुना नदी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैयार ड्रेन-वार एक्शन प्लान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले से होकर गुजरने वाली किसी भी ड्रेन में बिना उपचारित दूषित पानी नहीं जाना चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रभावी निगरानी तय करें।
मंडल आयुक्त राजीव रतन ने कहा कि यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक जिले में ड्रेन-वार कार्ययोजना का गंभीरता से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्रेनों में औद्योगिक अपशिष्ट अथवा सीवरेज का बिना उपचारित पानी किसी भी स्थिति में न छोड़ा जाए।
मंडल आयुक्त ने शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों से निकलने वाले सीवरेज एवं गंदे पानी का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना शोधन किए किसी भी प्रकार का गंदा पानी ड्रेनों में नहीं छोड़ा जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार कार्ययोजना तैयार कर समय पर कार्रवाई की जाए।
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उपायुक्त नेहा सिंह ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित करें कि कोई भी औद्योगिक इकाई अपना रासायनिक अथवा अन्य अपशिष्ट सीधे ड्रेनों में न डाले। यदि कोई इकाई पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती मिलती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग नियमित रूप से ड्रेनों की निगरानी करें और जल गुणवत्ता की जांच भी कराते रहें ताकि प्रदूषण के किसी भी स्रोत की तुरंत पहचान कर उसका प्रभावी समाधान किया जा सके। इस दौरान डीडीपीओ मनीष मलिक, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के आरओ अजय सिंह, एसएमडीए से एसई केके धनखड़, डीटीपी नीलम शर्मा, सिंचाई विभाग से एक्सईएन नितिन व नवीन गोयत, नगर निगम से एक्सईएन राहुल पूनिया भी मौजूद रहे।
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मंडल आयुक्त राजीव रतन ने कहा कि यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक जिले में ड्रेन-वार कार्ययोजना का गंभीरता से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्रेनों में औद्योगिक अपशिष्ट अथवा सीवरेज का बिना उपचारित पानी किसी भी स्थिति में न छोड़ा जाए।
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मंडल आयुक्त ने शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों से निकलने वाले सीवरेज एवं गंदे पानी का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना शोधन किए किसी भी प्रकार का गंदा पानी ड्रेनों में नहीं छोड़ा जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार कार्ययोजना तैयार कर समय पर कार्रवाई की जाए।
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उपायुक्त नेहा सिंह ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित करें कि कोई भी औद्योगिक इकाई अपना रासायनिक अथवा अन्य अपशिष्ट सीधे ड्रेनों में न डाले। यदि कोई इकाई पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती मिलती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग नियमित रूप से ड्रेनों की निगरानी करें और जल गुणवत्ता की जांच भी कराते रहें ताकि प्रदूषण के किसी भी स्रोत की तुरंत पहचान कर उसका प्रभावी समाधान किया जा सके। इस दौरान डीडीपीओ मनीष मलिक, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के आरओ अजय सिंह, एसएमडीए से एसई केके धनखड़, डीटीपी नीलम शर्मा, सिंचाई विभाग से एक्सईएन नितिन व नवीन गोयत, नगर निगम से एक्सईएन राहुल पूनिया भी मौजूद रहे।