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खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग जरूरी : कुलपति
Wed, 08 Oct 2025 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 08 Oct 2025 01:57 AM IST
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फोटो 40: सोनीपत के हरियाणा खेल विश्वविद्यालय राई में कार्यशाला के दूसरे सत्र में खिलाड़ियों को
सोनीपत। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय राई में स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग विभाग की ओर से सेकंड फेस ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग जरूरी है।
कुलपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी इसमें समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे पहले कुलपति ने मुख्य वक्ता डॉ. टिमडोर नेमन, मिस्टर क्रेग एम. स्विंचिंग, मिस्टर नवीन चौहान और एकेएस चौहान का स्वागत किया।
डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश ने कहा कि विश्वविद्यालय समय-समय पर विद्यार्थियों के कौशल विकास हेतु ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, जिससे उन्हें खेल क्षेत्र में नवीन जानकारी और तकनीकों को सीखने का अवसर प्राप्त होता है।
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प्रथम सत्र (थ्योरी) में मुख्य वक्ताओं ने स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने खिलाड़ियों को मांसपेशियों के विकास, शक्ति बनाए रखने तथा प्रभावी व्यायाम पद्धतियों के बारे में जानकारी प्रदान की।
द्वितीय सत्र (प्रैक्टिकल) में कोर ट्रेनिंग का प्रदर्शन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को यह बताया गया कि किस प्रकार खिलाड़ी अपने कोर को सक्रिय कर सकते हैं और कैसे कोर की मजबूती खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाती है।
वक्ताओं ने कोर को काइनेटिक चैन के रूप में परिभाषित करते हुए बताया कि यह शरीर के संतुलन और गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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कुलपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी इसमें समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे पहले कुलपति ने मुख्य वक्ता डॉ. टिमडोर नेमन, मिस्टर क्रेग एम. स्विंचिंग, मिस्टर नवीन चौहान और एकेएस चौहान का स्वागत किया।
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डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश ने कहा कि विश्वविद्यालय समय-समय पर विद्यार्थियों के कौशल विकास हेतु ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, जिससे उन्हें खेल क्षेत्र में नवीन जानकारी और तकनीकों को सीखने का अवसर प्राप्त होता है।
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प्रथम सत्र (थ्योरी) में मुख्य वक्ताओं ने स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने खिलाड़ियों को मांसपेशियों के विकास, शक्ति बनाए रखने तथा प्रभावी व्यायाम पद्धतियों के बारे में जानकारी प्रदान की।
द्वितीय सत्र (प्रैक्टिकल) में कोर ट्रेनिंग का प्रदर्शन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को यह बताया गया कि किस प्रकार खिलाड़ी अपने कोर को सक्रिय कर सकते हैं और कैसे कोर की मजबूती खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाती है।
वक्ताओं ने कोर को काइनेटिक चैन के रूप में परिभाषित करते हुए बताया कि यह शरीर के संतुलन और गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।