फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   State Crime Branch ASI Rajesh became a savior in Sonipat, reunited his lost daughter after 11 years

Haryana: सोनीपत में मसीहा बने राज्य अपराध शाखा के एएसआई राजेश, 11 साल बाद बिछड़ी बेटी को मिलवाया

Sat, 30 Nov 2024 04:23 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 30 Nov 2024 04:23 PM IST
सार

कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एएसआई राजेश नरेला पहुंचे, जहां पता लगा कि परिवार अपना घर बेचकर कहीं चला गया था। एक दुकानदार ने बताया कि परिवार गन्नौर के गांव गुमड़ का रहने वाला है। गुमड़ पहुंचे तो पता लगा कि यहां परिवार को कोई व्यक्ति नहीं रहता।

विज्ञापन
State Crime Branch ASI Rajesh became a savior in Sonipat, reunited his lost daughter after 11 years
परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

राज्य अपराध शाखा में तैनात एएसआई राजेश एक परिवार के लिए मसीहा बने हैं। उन्होंने 11 साल पहले लापता हुई लड़की को उनके परिवार से मिलवा दिया है। वर्षों बाद लाडो को पाकर परिजनों के आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने एएसआई राजेश का धन्यवाद किया। एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि वह गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए बालग्राम राई में बाल कल्याण अधिकारी से मिले थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में कुंडली बॉर्डर पर एक बालिका बेसहारा हालत में मिली थी, तब से वह हमारे पास रह रही है।

विज्ञापन


उन्होंने बालिका से परिवार के बारे में पूछताछ की। वीडियो कॉल के माध्यम से काउंसिलिंग करवाई। पूछताछ में बालिका ने अपना, पिता व दादा का नाम बताया। जिसके बाद परिजनों को तलाश शुरू की। बालिका के आधार कार्ड के माध्यम से परिजनों को पता लगाने का प्रयास किया गया। आसपास के राज्यों से गुमशुदा बच्चों का रिकॉर्ड जांचा। जिसमें दिल्ली के नरेला थाना में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली। जिसके बाद नरेला पुलिस से जानकारी प्राप्त कर परिवार से संपर्क करने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन




कड़ी से कड़ी जोड़ परिवार तक पहुंचे एएसआई
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एएसआई राजेश नरेला पहुंचे, जहां पता लगा कि परिवार अपना घर बेचकर कहीं चला गया था। एक दुकानदार ने बताया कि परिवार गन्नौर के गांव गुमड़ का रहने वाला है। गुमड़ पहुंचे तो पता लगा कि यहां परिवार को कोई व्यक्ति नहीं रहता। लड़की की मौसी पंजाब के बरनाला में रहती है। वहां संपर्क करने पर पता लगा कि लड़की के पिता का देहांत हो गया था, मां दूसरी शादी कर करनाल में रहती है। जिसके बाद लड़की की मां से संपर्क कर लापता बेटी को परिवार से मिलवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रतिक्रिया
हम पंजाब में रहते थे और मेरी बेटी व बेटा नरेला में अपने दादा-दादी के पास रहते थे। वर्ष 2013 में दोनों गुम हो गए थे। पुलिस में शिकायत देने के साथ ही काफी तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला था। लड़का करीब तीन साल बाद मिल गया था। पति का देहांत होने के बाद मैंने दूसरी शादी कर ली थी। आज बेटी भारती के मिलने की खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। -रीना, लड़की की मां।


नरेला से लापता हुई सात वर्षीय भारती राई स्थित केंद्र में रह रही थी। परिवार का पता लगाकर वीडियो कॉल कराई तो मां, मौसी व नानी ने भारती को और भारती ने अपनी मां, मौसी व नानी को पहचान लिया था। कागजी कार्रवाई कर 11 वर्ष बाद लापता बेटी को परिवार से मिलवाने का सौभाग्य मिला है। -राजेश कुमार, एएसआई, राज्य अपराध शाखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed