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Sonipat News: बुखार के अधिक मरीज मिलने पर शुरू होगी विशेष ओपीडी
Fri, 16 May 2025 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 16 May 2025 01:30 AM IST
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फोटो 22: सोनीपत शहर की एक कॉलोनी में बर्तन में भरे पानी में लार्वा देखता स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत:
सोनीपत। गर्मी में बुखार के मरीज जरूर बढ़ रहे हैं, लेकिन डेंगू से अभी राहत है। बुखार के ज्यादा मरीज मिलने के बाद विशेष ओपीडी शुरू की जाएगी। संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। प्रयोगशाला के रिपोर्ट मिलने के बाद डेंगू की पुष्टि की जा सकेगी। इस वर्ष जिले में एक केस मिल चुका है।
जिले में वर्ष 2024 में 532 डेंगू संक्रमित मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग की 166 टीमें घर-घर जाकर बर्तनों, टंकियों, हौज में भरे पानी में लार्वा की जांच कर रही हैं। इस साल जिले में अब तक डेंगू का एक केस मिल चुका है।
वहीं, मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है। आगे आने वाले समय में डेंगू व मलेरिया के केस मिलने की आशंका है। इससे निपटने के लिए विभाग के पास मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडब्ल्यू) का टोटा है। मलेरिया विभाग के पास पर्याप्त संख्या में कर्मचारी ही नहीं हैं।
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एमपीएचडब्ल्यू के 182 में से सात पद खाली पड़े हैं। गांव आनंदपुर झरोठ, नाथूपुर, किडोली, कुंडली, मलिकपुर, मनौली व पलडी में कोई भी एमपीएचडब्ल्यू नहीं है। एमपीएचडब्ल्यू फील्ड में रह कर डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए कार्य करते हैं।
वर्जन
लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों व सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्हें प्रत्येक सप्ताह रविवार को सूखा दिवस मनाने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही घर-घर जाकर पानी में लार्वा जांच किया जा रहा है। -डॉ. आशा सहरावत, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
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जिले में वर्ष 2024 में 532 डेंगू संक्रमित मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग की 166 टीमें घर-घर जाकर बर्तनों, टंकियों, हौज में भरे पानी में लार्वा की जांच कर रही हैं। इस साल जिले में अब तक डेंगू का एक केस मिल चुका है।
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वहीं, मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है। आगे आने वाले समय में डेंगू व मलेरिया के केस मिलने की आशंका है। इससे निपटने के लिए विभाग के पास मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडब्ल्यू) का टोटा है। मलेरिया विभाग के पास पर्याप्त संख्या में कर्मचारी ही नहीं हैं।
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एमपीएचडब्ल्यू के 182 में से सात पद खाली पड़े हैं। गांव आनंदपुर झरोठ, नाथूपुर, किडोली, कुंडली, मलिकपुर, मनौली व पलडी में कोई भी एमपीएचडब्ल्यू नहीं है। एमपीएचडब्ल्यू फील्ड में रह कर डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए कार्य करते हैं।
वर्जन
लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों व सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्हें प्रत्येक सप्ताह रविवार को सूखा दिवस मनाने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही घर-घर जाकर पानी में लार्वा जांच किया जा रहा है। -डॉ. आशा सहरावत, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।