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विश्व जल दिवस पर विशेष : औसत भूजल स्तर में सुधार, मुरथल व गन्नौर में संकट बरकरार

Thu, 21 Mar 2024 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 21 Mar 2024 11:22 PM IST
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Special on World Water Day: Improvement in average groundwater level, crisis continues in Murthal and Ganaur.
सोनीपत के गांव जाहरी में भूजल से फसल की सिंचाई करते हुए। संवाद
सोनीपत। जिले के कई क्षेत्रों में लगातार गिरता जा रहा भूजल स्तर संकट बढ़ा सकता है। राहत की बात यह है कि पिछले महीनों में हुई बारिश के बाद जिले के औसत भूजल स्तर में हल्का सुधार हुआ है। हालांकि मुरथल व गन्नौर में संकट अभी भी बरकरार है। इसका खुलासा ग्राउंड वाटर सेल की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार सोनीपत जिले के भूजल स्तर में औसतन 0.92 मीटर का सुधार हुआ है। मुरथल क्षेत्र का भूजल स्तर अभी 24.45 मीटर व गन्नौर में 19.84 मीटर है।
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सोनीपत जिले में धान की अधिक खेती की जाती है। इसमें सिंचाई की अधिक आवश्यकता पड़ती है। इसके कारण गन्नौर, राई, मुरथल के साथ ही जीटी रोड बेल्ट पर तेजी से भूजल स्तर गिरता जा रहा था। जिले के किनारे से यमुना नदी बहने के बाद भी क्षेत्रों में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार ने भूजल संरक्षण के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत सहित कई योजनाएं शुरू की थीं। इसका असर अब दिखने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर बारिश होने पर ही भूजल में सुधार की उम्मीद है।
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मानसून सीजन 2023 की आई रिपोर्ट में सुधरा भूजल स्तर : अधिकारियों की मानें तो ग्राउड वाटर सेल हर साल जून-जुलाई व नवंबर-दिसंबर में भूजल सर्वे करता है। मानसून सीजन 2023 बीतने के बाद भूजल सर्वे किया गया था। इसकी रिपोर्ट अब सामने आई है। इसमें गन्नौर खंड में भूजल स्तर में सुधार होने के बाद अब 19.84 दर्ज किया गया है। जबकि पहले यह 20.87 मीटर तक पहुंच गया था। मुरथल खंड में भूजल स्तर 25.45 मीटर दर्ज किया गया है, जो पहले 27.17 तक पहुंच गया था। सुधार के बावजूद संकट अभी भी बरकरार है। गन्नौर खंड के गांव भूर्री में भूजल स्तर 30 मीटर से अधिक गहराई पर बना हुआ है। वहीं मुरथल खंड के गांव कुराड़ में भी 30 मीटर से अधिक गहराई पर पानी पहुंच चुका है। यह स्थिति बेहद चिंतनीय है। वहीं राई खंड के हालात भी बेहतर नहीं है।
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कहां कितना भूजल स्तर

खंड भूजल स्तर
मुरथल 25.45 मीटर

गन्नौर 19.84 मीटर
राई 14.93 मीटर

सोनीपत 05.58 मीटर

मुडलाना 04.93 मीटर
खरखौदा 04.11 मीटर

गोहाना 04.06 मीटर
कथूरा 02.22 मीटर



कम बारिश बनी कारण

जिले में मानसून सीजन में इस बार सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। अलनीनो के प्रभाव से मानसून सीजन में जुलाई के बाद अगस्त, सितंबर और अक्तूबर 2023 में नाममात्र बारिश हुई है। वहीं शीतकालीन बारिश भी ना के बराबर हुई है। नवंबर से जनवरी 2024 तक बारिश का आंकड़ा भी शून्य एमएम ही बना रहा। फरवरी में अधिकतर क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई है। बारिश कम होने के कारण भूजल स्तर में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हो पाया है।

वर्जन
विभाग ने मानसून सीजन समाप्त होने के बाद भूजल स्तर पर विशेष सर्वे करवाया था। इसमें जिले के भूजलस्तर में हल्का सुधार हुआ है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है। लोगों को भूजल संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है।-दलबीर सिंह राणा, ग्राउंड वाटर सेल प्रमुख, रोहतक रेंज।
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