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विजिलेंस की टेक्निकल टीम जांचेगी गांवों के विकास का सच
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:54 PM IST
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गांवों में विकास का सच विजिलेंस की टेक्निकल टीम उजागर करेगी, क्योंकि जिन गांवों के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगा है और उनकी शिकायत सरकार के पास भेजी गई है। उनकी जांच के लिए विजिलेंस की टेक्निकल टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोनीपत के ऐसे दो गांवों की शिकायत की गई थी, जिनके विकास कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री लगाने का आरोप लगा था। उनकी जांच के लिए विजिलेंस कार्यालय की ओर से टेक्निकलटीम को भेजने के लिए पत्र लिखा गया है, जिससे जांच को जल्द ही पूरा किया जा सके।
इन गांवों के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगा है, उनकी वित्तीय अनियमितता की जांच विजिलेंस की सामान्य टीम कर सकती है, लेकिन किसी विकास कार्य में घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई है या नहीं, इसकी जांच सामान्य टीम नहीं कर सकती। उसके लिए ही अब टेक्निकल टीम का सहारा लिया जाएगा। जिले के मंडौरा व खेड़ी गुर्जर गांव में विकास कार्यों में धांधली की शिकायत भी शासन के पास की गई थी। इसमें शासन की ओर से विजिलेंस जांच शुरू करा दी गई थी, लेकिन इसमें सबसे बड़ी परेशानी यही सामने आई कि घटिया सामग्री लगाने के आरोपों की जांच कैसे की जाए। इसके बाद निर्णय लिया गया कि विजिलेंस की टेक्निकल ब्रांच की टीम का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजीव सोनी की ओर से मुख्यालय को पत्र भेजा है। इससे टेक्निकल टीम वहां पिछली योजना में हुए विकास कार्यों में लगाई गई सामग्री की जांच के लिए सैंपल ले सके।
लैब में होगी सैंपल की जांच
विजिलेंस की टीम निर्माण सामग्री घटिया या कम लगाए जाने की शिकायत पर वहां से उसका सैंपल लेती है। उसके बाद उसे लैब में भेजा जाता है, जिससे वहां उसकी सही जांच हो सके। उससे पता चलता है कि कार्य कराने में कितनी निर्माण सामग्री कौन सी लगाई गई है। उसके बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाती है और उसके आधार पर कार्रवाई की जाती है। यहां भी ऐसा ही किया जाएगा और निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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इन गांवों के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगा है, उनकी वित्तीय अनियमितता की जांच विजिलेंस की सामान्य टीम कर सकती है, लेकिन किसी विकास कार्य में घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई है या नहीं, इसकी जांच सामान्य टीम नहीं कर सकती। उसके लिए ही अब टेक्निकल टीम का सहारा लिया जाएगा। जिले के मंडौरा व खेड़ी गुर्जर गांव में विकास कार्यों में धांधली की शिकायत भी शासन के पास की गई थी। इसमें शासन की ओर से विजिलेंस जांच शुरू करा दी गई थी, लेकिन इसमें सबसे बड़ी परेशानी यही सामने आई कि घटिया सामग्री लगाने के आरोपों की जांच कैसे की जाए। इसके बाद निर्णय लिया गया कि विजिलेंस की टेक्निकल ब्रांच की टीम का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजीव सोनी की ओर से मुख्यालय को पत्र भेजा है। इससे टेक्निकल टीम वहां पिछली योजना में हुए विकास कार्यों में लगाई गई सामग्री की जांच के लिए सैंपल ले सके।
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लैब में होगी सैंपल की जांच
विजिलेंस की टीम निर्माण सामग्री घटिया या कम लगाए जाने की शिकायत पर वहां से उसका सैंपल लेती है। उसके बाद उसे लैब में भेजा जाता है, जिससे वहां उसकी सही जांच हो सके। उससे पता चलता है कि कार्य कराने में कितनी निर्माण सामग्री कौन सी लगाई गई है। उसके बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाती है और उसके आधार पर कार्रवाई की जाती है। यहां भी ऐसा ही किया जाएगा और निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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