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बुजुर्ग ने जमा कराए 38, खाते में पहुंचे 87 हजार
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:27 AM IST
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नोटबंदी के बाद बैंकों में किस तरह का घपला किया गया है, उसका एक और मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग महिला ने बैंक में 38 हजार रुपये जमा कराए, लेकिन उसके साथ ही खाते में 49 हजार रुपये और पहुंच गए। वह बुजुर्ग महिला एक महीने बाद अपने खाते में पेंशन आने की जानकारी करने पहुंची तो उसको 49 हजार रुपये जमा होने का पता चला। उसने अपने रुपये निकालने के लिए फार्म भरा तो आरोप है कि बैंक कर्मियों ने उससे दूसरे फार्म पर साइन कराकर वह 49 हजार रुपये भी निकाल लिए। महिला व उसके परिजनों ने बैंक कर्मियों पर लोगों का गलत तरीके का पैसा खाते में जमा कराने का आरोप लगाते हुए डीएसपी के पास शिकायत की, जिसकी जांच शुरू करा दी गई है। वहीं, बैंक अधिकारियों ने अभी अपने पास शिकायत नहीं आने की बात कही है।
पेंशन के लिए बेटे के साथ गई थी महिला
गोहाना के बिचपड़ी गांव की महिला धनपति ने नोटबंदी होने के बाद अपने खाते में 38 हजार रुपये जमा कराए थे। वह कुछ दिन बाद बैंक में अपने बेटे सेवाराम के साथ पेंशन के रुपयों की जानकारी करने पहुंची तो उसके खाते में 49 हजार रुपये ज्यादा जमा मिले। वह रुपये उस दिन ही जमा कराए गए, जिस दिन उन्होंने खुद अपने खाते में 38 हजार रुपये जमा कराए थे। धनपति ने बैंक अधिकारियों को इस बारे में बताया और अपने कुछ रुपये निकालने के लिए फार्म भर दिया। आरोप है कि बैंक कर्मियों ने उससे एक अन्य फार्म पर यह कहते हुए साइन करा लिए कि 49 हजार रुपये उनके खाते में गलत डल गए होंगे जो किसी अन्य के खाते में जमा होने होंगे। उसके खाते से रुपये निकालकर उसके खाते में डालने पड़ेंगे, जिसके वह रुपये होंगे।
बेटे ने उठाया सवाल
इस पर महिला के बेटे सेवाराम ने सवाल उठाया कि बैंक में रोजाना का रिकार्ड देखा जाता है तो इस तरह किसी दूसरे के खाते के पैसे इतने दिन तक उनके खाते में कैसे डले रह सकते हैं। उनके बारे में उसी दिन पता चल जाना चाहिए था, जिस दिन रुपये जमा कराए गए थे। इस कारण ही सेवाराम ने बैंक कर्मियों पर गोलमाल करने का आरोप लगाया है। इस मामले में डीएसपी के पास शिकायत देकर जांच कराने की मांग की गई, जिसमें गोहाना थाना पुलिस को जांच सौंपी गई है।
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पुलिस करेगी जांच
उनकी ओर से इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दी गई है तो पुलिस अपनी जांच करेगी। यदि वह बैंक अधिकारियों से जांच कराना चाहते हैं तो उसकी एक शिकायत रोहतक मुख्य कार्यालय में देनी होगी। इसके बाद अधिकारी पता लगा लेंगे कि आखिर वह रुपये जमा करने में किसकी आईडी का इस्तेमाल किया गया है और वह कैसे रुपये जमा किए गए है।
-नरेंद्र शर्मा, लीड बैंक मैनेजर
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पेंशन के लिए बेटे के साथ गई थी महिला
गोहाना के बिचपड़ी गांव की महिला धनपति ने नोटबंदी होने के बाद अपने खाते में 38 हजार रुपये जमा कराए थे। वह कुछ दिन बाद बैंक में अपने बेटे सेवाराम के साथ पेंशन के रुपयों की जानकारी करने पहुंची तो उसके खाते में 49 हजार रुपये ज्यादा जमा मिले। वह रुपये उस दिन ही जमा कराए गए, जिस दिन उन्होंने खुद अपने खाते में 38 हजार रुपये जमा कराए थे। धनपति ने बैंक अधिकारियों को इस बारे में बताया और अपने कुछ रुपये निकालने के लिए फार्म भर दिया। आरोप है कि बैंक कर्मियों ने उससे एक अन्य फार्म पर यह कहते हुए साइन करा लिए कि 49 हजार रुपये उनके खाते में गलत डल गए होंगे जो किसी अन्य के खाते में जमा होने होंगे। उसके खाते से रुपये निकालकर उसके खाते में डालने पड़ेंगे, जिसके वह रुपये होंगे।
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बेटे ने उठाया सवाल
इस पर महिला के बेटे सेवाराम ने सवाल उठाया कि बैंक में रोजाना का रिकार्ड देखा जाता है तो इस तरह किसी दूसरे के खाते के पैसे इतने दिन तक उनके खाते में कैसे डले रह सकते हैं। उनके बारे में उसी दिन पता चल जाना चाहिए था, जिस दिन रुपये जमा कराए गए थे। इस कारण ही सेवाराम ने बैंक कर्मियों पर गोलमाल करने का आरोप लगाया है। इस मामले में डीएसपी के पास शिकायत देकर जांच कराने की मांग की गई, जिसमें गोहाना थाना पुलिस को जांच सौंपी गई है।
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पुलिस करेगी जांच
उनकी ओर से इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दी गई है तो पुलिस अपनी जांच करेगी। यदि वह बैंक अधिकारियों से जांच कराना चाहते हैं तो उसकी एक शिकायत रोहतक मुख्य कार्यालय में देनी होगी। इसके बाद अधिकारी पता लगा लेंगे कि आखिर वह रुपये जमा करने में किसकी आईडी का इस्तेमाल किया गया है और वह कैसे रुपये जमा किए गए है।
-नरेंद्र शर्मा, लीड बैंक मैनेजर