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Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   sonipat, Seemingly waiting for a rail coach factory in the biggest increase

बड़ी में लगने वाली रेल कोच फैक्ट्री का इंतजार बढ़ा

Tue, 17 Jan 2017 12:28 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत Updated Tue, 17 Jan 2017 12:28 AM IST
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बड़ी स्थित एचएसआईआईडीसी में लगने वाली रेल कोच फैक्ट्री की जमीन की मंजूरी मिलने का इंतजार अब और बढ़ गया है। एक तरफ सरकार जिले वासियों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए 140 एकड़ जमीन सौंपने को तैयार है, वहीं रेलवे बोर्ड ने फैक्ट्री के लिए जमीन लेने बाबत पहली मीटिंग को टाल दिया है। अब रेल अधिकारियों को बड़ी में चिह्नित जमीन की रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने का इंतजार है। इसको लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से बुलाई जाने वाली मीटिंग कब होगी, उसका ही इंतजार किया जा रहा है।
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6600 एकड़ भूमि की गई अधिग्रहीत
यूपीए सरकार में फरवरी 2013 में संसद में पेश किए गए रेल बजट के दौरान रेलमंत्री रहे पवन बंसल ने जिले के लिए रेल कोच फैक्ट्री लगाने की घोषणा की थी। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में लाठ, जौली, कटवाल, बीधल और भैंसवाल की करीब 6600 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई थी। पहले फेज के तहत चार गांव की तीन हजार एकड़ से ज्यादा भूमि पर सरकार ने सेक्शन नौ लगाने की घोषणा की थी। यहां पर आईएमटी के साथ-साथ रेल कोच फैक्ट्री तक लगाने की प्लानिंग थी, जिसको लेकर पूर्व हुड्डा सरकार सोनीपत-गोहाना-जींद रेल लाइन के साथ अधिग्रहीत जमीन पर रेल कोच फैक्ट्री का निर्माण करवाने की बात कर रही थी, हालांकि बाद में केंद्र में आई भाजपा सरकार ने रेल बजट में घोषित सोनीपत में लगने वाली रेल कोच फैक्ट्री की बात रिकॉर्ड में नहीं होने की बात कही।
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सितंबर में जमीन तलाशने के मिले थे आदेश
गुरुग्राम में 2015 में हुए ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दौरान पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु नेे रेल कोच फैक्ट्री को हरियाणा में ही लगाने का आश्वासन देकर जनता की उम्मीदों को फिर से जगा दिया था। इसके बाद अक्तूबर 2015 में रेल मंत्रालय ने जिला प्रशासन को फैक्ट्री के लिए नई जमीन तलाश करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रशासन ने अक्तूबर 2016 के प्रथम सप्ताह में 12 जगह की सूची रेलवे को भेजी गई थी, जिसमें दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन किनारे बड़ी, सांदल कलां, सांदल खुर्द व कामी, वहीं सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर नैनाततारपुर, लाठ-जौली, सिरसाढ़ की 80 से 100 एकड़ पंचायती जमीन की सूची तैयार कर मंत्रालय को सौंपी गई थी। इसके बाद रेलवे ने बड़ी में फैक्ट्री को लगाने का निर्णय लिया।
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92 की जगह 140 एकड़ जमीन का ऑफर, फिर भी रेलवे बोर्ड नहीं कर पाया मीटिंग
बड़ी में एचएसआईआईडीसी में तीन हजार एकड़ जमीन खाली है। साथ ही निजी कंपनी की ओर से राजलूगढ़ी रेलवे स्टेशन से एचएसआईआईडीसी बड़ी तक दो किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जा रही है। ऐसे में सरकार ने रेल कोच फैक्ट्री के लिए 92 एकड़ जमीन रेलवे को ऑफर की थी, जिस पर रेल कोच फैक्ट्री को बनाना मुश्किल हो गया था। सरकार की ओर से यहीं पर फिर 92 से बढ़ाकर 140 एकड़ जमीन को ऑफर किया गया तो दिसंबर के प्रथम सप्ताह में रेलवे बोर्ड से आए मेकैनिकल शाखा के अधिकारियों ने बड़ी की जमीन का जायजा लिया था। एक माह बीत जाने के बाद भी रेलवे बाद जमीन को मंजूर करने के लिए पहली मीटिंग को टाल चुका है, लेकिन स्थानीय अधिकारी दूसरी मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि बोर्ड की ओर से बुलाई जाने वाली मीटिंग में आखिरकार जमीन पर मंजूरी मिल जाएगी।

बड़ी में रेल कोच फैक्ट्री लगना लगभग तय है, रेलवे की मेकैनिकल शाखा की टीम भी जमीन का जायजा ले चुकी है। बोर्ड की ओर से जमीन की मंजूरी देने के लिए मीटिंग होनी थी, उस मीटिंग को किसी कारणवश टाल दिया गया। अब बोर्ड की दूसरी मीटिंग में फैक्ट्री लगाने के लिए मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जल्द ही मीटिंग बुलाए जाने की संभावना है।
-ओपी नागपाल, एसएसई, रेलवे
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