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Shamli Encounter: भाई की हत्या की... एक महीना पहले जेल से बाहर आया और अब एनकाउंटर में मारा गया सोनीपत का मंजीत
Tue, 21 Jan 2025 08:50 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 21 Jan 2025 08:50 PM IST
सार
यूपी के शामली में पुलिस मुठभेड़ में सोनीपत का मंजीत भी मारा गया है। मंजीत एक महीना पहले ही जेल से बाहर आया था। मंजीत अपने भाई की हत्या में जेल में बंद था।
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मंजीत की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के शामली में एसटीएफ के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों में सोनीपत के गांव रोहट का मंजीत भी शामिल है। आरोपी गांव में अपने भाई की हत्या के मामले में नामजद रहा है। वह उस मामले में दिसंबर, 2024 में ही जमानत पर आया था। वह यूपी के बदमाशों के संपर्क में कैसे आया इस बारे में ग्रामीणों को जानकारी नहीं है।
सोमवार देर रात करीब दो बजे शामली एसटीएफ के साथ बदमाशों की मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस टीम ने बदमाशों को घेर कर आत्मसमर्पण को कहा था तो उन्होंने एसटीएफ पर गोलियां दागनी शुरू कर दी। इसके बाद एसटीएफ ने भी बदमाशों पर गोलियां चलाई। एसटीएफ टीम के इंस्पेक्टर सुनील को पेट में गोली लगने के बाद टीम ने बचाव में फायरिंग की तो मंजीत और उसके साथी मारे गए। चारों बदमाश मुस्तफा कग्गा गैंग के बताए जा रहे हैं।
मुठभेड़ में मारा गया गांव रोहट निवासी मंजीत अपने भाई की हत्या में नामजद रहा है। मंजीत पांच भाई-बहनों में तीसरा नंबर का था। उसके बड़े भाई राजेश की 9 अगस्त, 2021 को हत्या हुई थी। उससे बड़ी एक बहन आशा व दो छोटी बहन रेनू व गुड्डी है। तीनों बहन शादीशुदा है। भाई राजेश की हत्या में पुलिस ने खुलासा कर मंजीत को गिरफ्तार किया था। पहले मंजीत ने ही खुद मुकदमा दर्ज कर अपने बहनोई पर भाई की हत्या का आरोप लगाया था। जिसमें पुलिस ने पर्दा उठाया था कि आरोपी ने मां की बीमा राशि के दो लाख रुपया हड़पने के लिए अपने बड़े भाई पर हमला किया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी। हत्या का जीजा पर झूठा आरोप लगा दिया था। हत्या में आरोपी जेल में चला गया था। वह मामले में दिसंबर, 2024 को अंतरिम जमानत पर बाहर आया था।
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सोमवार देर रात करीब दो बजे शामली एसटीएफ के साथ बदमाशों की मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस टीम ने बदमाशों को घेर कर आत्मसमर्पण को कहा था तो उन्होंने एसटीएफ पर गोलियां दागनी शुरू कर दी। इसके बाद एसटीएफ ने भी बदमाशों पर गोलियां चलाई। एसटीएफ टीम के इंस्पेक्टर सुनील को पेट में गोली लगने के बाद टीम ने बचाव में फायरिंग की तो मंजीत और उसके साथी मारे गए। चारों बदमाश मुस्तफा कग्गा गैंग के बताए जा रहे हैं।
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मुठभेड़ में मारा गया गांव रोहट निवासी मंजीत अपने भाई की हत्या में नामजद रहा है। मंजीत पांच भाई-बहनों में तीसरा नंबर का था। उसके बड़े भाई राजेश की 9 अगस्त, 2021 को हत्या हुई थी। उससे बड़ी एक बहन आशा व दो छोटी बहन रेनू व गुड्डी है। तीनों बहन शादीशुदा है। भाई राजेश की हत्या में पुलिस ने खुलासा कर मंजीत को गिरफ्तार किया था। पहले मंजीत ने ही खुद मुकदमा दर्ज कर अपने बहनोई पर भाई की हत्या का आरोप लगाया था। जिसमें पुलिस ने पर्दा उठाया था कि आरोपी ने मां की बीमा राशि के दो लाख रुपया हड़पने के लिए अपने बड़े भाई पर हमला किया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी। हत्या का जीजा पर झूठा आरोप लगा दिया था। हत्या में आरोपी जेल में चला गया था। वह मामले में दिसंबर, 2024 को अंतरिम जमानत पर बाहर आया था।
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