फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   sonipat, protest , stop, harayana

11 साल 86 दिन बाद बीसवां मील चौक का धरना समाप्त

Mon, 13 Feb 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत Updated Mon, 13 Feb 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
sonipat, protest , stop, harayana
बीसवां मील चौक पर धरना उठाने के दौरान किसान नेताओं को सम्मानित करते धरना प्रधान। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन


भूमि को अधिग्रहण से मुक्त कराने की मांग को लेकर 11 साल 86 दिन से बीसवां मील चौक पर दिया जा रहा धरना रविवार को समाप्त कर दिया गया। किसानों ने कहा कि उनकी मांगों पर उच्च न्यायालय ने उनके हक में फैसला देकर किसानों को जीत दिलाई है। इसके चलते वह अपना धरना समाप्त कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने वर्तमान व पूर्व सरकार पर किसानों की सुनवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि वह क्षेत्र में अन्य स्थानों पर बैठे धरनों पर अपना समर्थन देते रहेंगे।

17 नवंबर 2005 को शुरू हुआ था धरना
रविवार को धरना स्थल पर पहले किसान सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें किसानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान भारतीय किसान संघ अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष शमशेर दहिया ने कहा कि किसानों ने 17 नवंबर, 2005 को बीसवां मील चौक पर राजीव गांधी एजूकेेशन सिटी के लिए अधिगृहीत हुई जमीन को अधिग्रहण से मुक्त कराने के लिए धरना शुरू किया था। उसके बाद आई सरकारों ने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की। किसानों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जहां पिछले दिनों न्यायालय ने अधिग्रहण का विरोध कर रहे सेवली, असावरपुर व पतला के किसानों की करीब 30 एकड़ जमीन को अधिग्रहण से मुक्त कर दिया था। इसके बाद किसानों ने न्यायपालिका से मिली जीत पर खुशी जताते हुए अब धरना उठाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोनीपत में बढ़खालसा, प्रीतमपुरा व सैदपुर चौक पर चल रहे धरनों को किसान समर्थन करते रहेंगे। बीसवां मील धरना के प्रधान राजपाल सेवली ने कहा कि उनका धरना इतने लंबे समय से जारी था। उसके बावजूद किसी सरकार ने किसानों के हित में कोई काम नहीं किया। अब न्यायपालिका में किसानों की सुनवाई हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने लगातार इतने लंबे समय से संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज को बुलंद किया। इसका न्यायपालिका से न्याय मिल सका। किसानों ने लड्डू बांटकर अपना धरना समाप्त किया। धरना स्थल पर काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।
विज्ञापन

ये रहे मौजूद
इस मौके पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र चोटीवाला, ताहर सिंह, रामचंद्र दहिया, राजकुमार खत्री, हंसराज राणा, रणबीर, राजबीर, एडवोकेट शमशेर सिंह, रवींद्र जठेड़ी, विनोद, रघुबीर मास्टर, रामबीर कौशिक, रमेश आंतिल, बलवान, जस्सा, समुंद्र ढाका, श्रीपाल, रामेश्वर पंडित मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन किसानों को मिली राहत
न्यायालय ने किसान राजपाल सेवली की पांच एकड़, चंद्र मास्टर की करीब साढ़े 14 एकड़, रामबीर व राजेंद्र की करीब चार एकड़, रमेश आंतिल की एक एकड़, रामेश्वर पंडित असावरपुर, वजीर व रवींद्र, भीम पतला की जमीन को अधिग्रहण से मुक्त किया गया हैै।

किसानों को जल्द कब्जा मिलने की उम्मीद
किसानों ने उम्मीद जताई है कि अब उन्हें अधिग्रहण से मुक्त की गई जमीन पर जल्द कब्जा मिल जाएगा। किसानों ने इसे अधिग्रहण से मुक्त करने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed