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जिसके पास आधार नहीं, उसका भी बनेगा ओपीडी कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत।
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:03 AM IST
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सिविल अस्पताल में इलाज के लिए मरीज को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर ओपीडी कार्ड बनवाते समय आधार कार्ड लाना जरूरी है, लेकिन मरीज किसी कारण से आधार कार्ड घर पर भूल जाता है या फिर उसका आधार ही न बना हो तो उसको अब परेशानी नहीं होगी। उसका ओपीडी कार्ड बनाया जाएगा। यह निर्देश सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने सिविल अस्पताल में ओपीडी काउंटर पर जांच के दौरान दिए। वह सोमवार को सिविल अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें ब्लड प्रेशर, वजन, फिट्स, हीमोग्लोबिन, एचआइवी, शुगर, आदि की जांच की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. पूनिया ने महिलाओं से बातचीत की और उनका हाल चाल जाना। जांच के बाद गर्भवती महिलाओं को विटामिन कैल्शियम तथा जांच के दौरान बीमारी का पता होने पर उसकी दवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सलाह दिए गए।
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुखबीर मेहला ने बताया कि केंद्र सरकार की सुरक्षित मातृत्व अभियान महत्वाकांक्षी योजना है, ताकि गर्भवती महिलाओं को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि महिलाओं की गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के 4 महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें ब्लड प्रेशर, वजन, फिट्स, हीमोग्लोबिन, एचआइवी, शुगर, आदि की जांच की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. पूनिया ने महिलाओं से बातचीत की और उनका हाल चाल जाना। जांच के बाद गर्भवती महिलाओं को विटामिन कैल्शियम तथा जांच के दौरान बीमारी का पता होने पर उसकी दवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सलाह दिए गए।
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अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुखबीर मेहला ने बताया कि केंद्र सरकार की सुरक्षित मातृत्व अभियान महत्वाकांक्षी योजना है, ताकि गर्भवती महिलाओं को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि महिलाओं की गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के 4 महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जा रहा है।
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